Search

भारतीय राजनीति केँ नया दिशा प्रदान करनिहार व्यक्तित्वः लालकृष्ण आडवाणी – सौमा वर्ष प्रवेश विशेष

57 भ्यूज

महान पुरुषः लालकृष्ण आडवाणी

– प्रवीण नारायण चौधरी

सम्माननीय लालकृष्ण आडवाणी जी – अपनेक जीवनक १००मा वर्ष मे प्रवेश पर प्रवीणक शुभकामना

हमरा जेहेन अनेकों मुमुक्षु लेल महापुरुषक जीवन सँ सिखबाक अनेकों पक्ष आ तेहेन व्यक्तित्वक सूची मे अपनेक नाम सर्वोपरि अछि सम्माननीय महापुरुष श्री लालकृष्ण आडवाणी जी ! भारतक पूर्व उप-प्रधानमंत्री – गृहमंत्री – मुदा ताहि सँ पहिने एक सुशिक्षित-कर्मठ युवा, एक शिक्षक, एक वकील, एक स्वयंसेवक, एक संगठनकर्ता तथा भारतीय विभाजनक दंश सँ भयंकर आहत-प्रभावित सशक्त मस्तिष्कधारी राजनेता – भारतीय राजनीति केर शानदार भविष्य-द्रष्टा ऋषि – अपनेक छवि हमर नजरि मे बहुते प्रभावशाली आ प्रेरणादायक नेतारूप मे स्थापित अछि ।

अपने सँ जुड़ल हमर युवाकालीन स्मृति

स्मृति मे अबैछ १९९०-९१ ई. आसपासक अपनेक आह्वान जाहि मे अयोध्या चलबाक वास्ते देश भरि घुमि-घुमिकय कारसेवक लोकनि सँ पहुँचबाक आग्रह छल । उजानक विद्यालय प्रांगण मे अपनेक ओहि यात्राक दरम्यान सौभाग्यवश हमरो दर्शन करबाक आ अपनेक आगमन पूर्वक मंच-कार्यक्रम मे गोटेक पंक्ति बजबाक सौभाग्य भेटब अविस्मृत प्रकरण अछि हमरा वास्ते । अपनेक एहि यात्राक प्रभाव भारतीय राजनीति मे कोना पड़ल से कहबाक आवश्यकता नहि, यैह टर्निंग प्वाइन्ट बनल भारतीय सत्ता संचालन केर । आर आइ एकरे परिणाम अछि जे ‘अच्छे दिन’ आ ‘नमो-नमो’ दहोंदिश भ’ रहल अछि । विश्वक सर्वथा शक्तिशाली अर्थतंत्रक सूची मे भारतक नाम उपर पहुँचि गेल अछि ।

अपनेक सौमा वर्षक शुभारंभ दिवस पर विशेष

आइ सम्पूर्ण विश्व मे अहाँक सौ-वर्षीय जीवन पर कार्यक्रम सब भ’ रहल अछि । ८ नवम्बर १९२७ सँ ८ नवम्बर २०२६ केर समयान्तराल – भगवानक देल एहि शानदार जीवन मे भारतीय राजनीति मे सम्पूर्ण डिस्कोर्स केँ बदलयवला व्यक्तित्व अपने भेलहुँ ।

भारतीय जनता पार्टी मे नेतृत्व परम्परा मे ‘श्रीराम’ संग ‘श्रीलक्ष्मण’ रूपी शेषावतारक संग रहबाक प्रतिमान अपनहिं ठाढ़ कएने छी । अटल बिहारी वाजपेयी समान प्रखर श्रीरामक लक्ष्मण अपनहिं बनलहुँ ।

२००९ मे राजयोग नहि हेबाक कारण अपनेक विफलता बहुत कष्टदायी छल । पुनः २०१३ केर गोआ अधिवेशन मे देशक मूड अनुसार एक शक्तिशाली एवं प्रखर प्रशासनिक अनुभव सँ सम्पन्न व्यक्तित्वक मांग अनुसार प्रधानमंत्री उम्मीदवारक नाम चुनाव पूर्वहि घोषणा करबाक परिस्थिति मे अपनेक राज्याभिषेक नहि भ’ सकल, मुदा शेषावतार लक्ष्मण जेकाँ त्यागक मूर्ति बनल व्यक्ति लेल पद केर कोनो माइन-मोजर नहि, से अपने अपन अभिभावकत्व मे नरेन्द्र मोदी केँ प्रोत्साहित करैत अपन योगदान दैत रहलहुँ, हमर पूज्य व्यक्तित्व मे अहाँक नाम शुमार रहल ।

प्रभुजी अहाँक स्वास्थ्य आ उमेर सुरक्षित राखथि !!

आजुक दिन अपनेक १०० वर्षीय जीवन टाइमलाइन अपन पाठक सब सँ साझा करबाक इच्छा जागल अछि । पूरा सम्मान-प्रणामक संग अपनेक जीवन सँ आजुक पीढ़ी जरूर किछु सिखय से कामना करैत छी ।

नवम्बर ८, १९२७ – वर्तमान पाकिस्तान आ तहियाक ‘हिन्दुस्तान’ केर कराची मे अपनेक जन्म भेल छल । पिता किशनचन्द आ माता ज्ञानीदेवी आडवाणी ।

१९३६-१९४२ – कराचीक सेंट पैट्रिक्स विद्यालय सँ प्रत्येक कक्षा मे प्रथम स्थान पर कायम रहैत मैट्रिक पास कयलहुँ ।

१९४२ – राष्ट्रीय स्वयंसेवाक संघ मे स्वयंसेवक रूप मे जुड़लहुँ ।

१९४२ – दयाराम गिडूमल राष्ट्रीय महाविद्यालय, हैदराबाद – जाहि समय ‘भारत छोड़ो आन्दोलन’ भ’ रहल छल, ज्वाइन कयलहुँ ।

१९४४ – मोडेल हाई स्कूल मे बतौर एक शिक्षक रूप मे नौकरी आरम्भ कयलहुँ ।

१२ सितम्बर १९४७ – भारतक विभाजन कय पाकिस्तान बनला पर सिन्ध छोड़ि दिल्ली ताहि समय राहत आ बचाव कार्य लेल प्रयुक्त प्रोपेलर एयरक्राफ्ट सँ अयलहुँ ।

१९४७-१९५१ – अलवर, भरतपुर, कोटा, बुन्दी आ झालावर (राजस्थान) मे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ केर कार्यकर्ता सब केँ संगठित कयलहुँ । ताहि समय अपने आरएसएस सेक्रेटरी कराची रूप मे पदस्थापित रही ।

१९५७ केर पूर्वार्ध – दिल्ली स्थानान्तरित भ’ सम्माननीय अटल बिहारी वाजपेयीक सहायक रूप मे स्थापित भेलहुँ ।

१९५८-६३ – जनसंघ पार्टीक दिल्ली प्रदेश सचिव रूप मे कार्य कयलहुँ ।

१९६०-१९६७ – जनसंघ केर राजनीतिक दैनिक पत्रिका “Organiser” केर सह-सम्पादक रूप मे कार्य कयलहुँ ।

२५ फरवरी १९६५ – श्रीमती कमला आडवाणीक संग विवाह भेल जाहि सँ प्रतिभा एवं जयन्त रूपेण दुइ सन्तानक प्राप्ति अछि ।

अप्रैल १९७० – राज्यसभा सदस्य रूप मे भारतक सदन मे प्रवेश भेल ।

दिसम्बर १९७२ – भारतीय जन संघ केर अध्यक्ष रूप मे निर्वाचित भेलहुँ ।

२६ जून १९७५ – बंगलोर मे इमरजेन्सी लगेबाक कारण गिरफ्तार भेलहुँ । बंगलोर सेन्ट्रल जेल मे अन्य विभिन्न भारतीय जन संघ सदस्यक संग हाजत मे राखल गेलहुँ ।

मार्च १९७७ सँ जुलाई १९७९ – भारतक संघीय मंत्री – सूचना एवं प्रसारण विभाग बनलहुँ ।

मई १९८६ – भारतीय जनता पार्टीक अध्यक्ष बनलहुँ ।

१९८०-८६ – भारतीय जनता पार्टीक महासचिव रहलहुँ ।

३ मार्च १९८८ – पुनः भाजपाक राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित भेलहुँ ।

१९९० – राम रथ यात्रा – सोमनाथ सँ अयोध्या – जे भारतीय राजनीति केर मूलधारा केँ भारतक राष्ट्रवादी राजनीतिक शक्तिक हाथ मे सत्ता हस्तान्तरणक बीजारोपण कयलक ।

१९९७ – भारतीय स्वतंत्रताक ५०वाँ वर्ष मनबैत ‘स्वर्ण जयन्ती यात्रा’ करैत प्रत्येक भारतीय जनता मे राष्ट्रवादक लहर आननिहार जेकर बाद भाजपा चुनावी सफलता मे ‘अव्वल’ बनल ।

१३ अक्टूबर १९९९ सँ १३ मई २००४ – अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा गठबन्धन सरकार – राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबन्धक सरकार मे अपने भारत सरकार केर गृहमंत्री रहलहुँ ।

पछातिकाल २००४-२००९ व २००९-२०१४ धरिक ‘संप्रग’ (यूपीए) गठबन्धन सरकार मे विपक्षक कुर्सी मे परञ्च सदिखन महत्वपूर्ण भूमिका मे रहलहुँ । एखन धरि संरक्षक-अभिभावकत्य प्रदान करैत आबि रहल छी । आइ अपनेक दल द्वारा दिल्ली मुख्यालय मे विभिन्न कार्यक्रम करैत – हवन-यज्ञ करैत अपनेक दीर्घायु-सुस्वास्थ्य लेल प्रार्थना कयल जा रहल अछि ।

पुनः हार्दिक बधाई ! भविष्यक पीढ़ी अपने केँ सदिखन मोन राखत ।

हरिः हरः!!

Related Articles