रामचरितमानसः लंकाकाण्ड – षष्ठ सोपान – मंगलाचरण
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती लंकाकाण्डः षष्ठ सोपान- मंगलाचरण श्लोक : रामं कामारिसेव्यं भवभयहरणं कालमत्तेभसिंहं योगीन्द्रं ज्ञानगम्यं गुणनिधिमजितं निर्गुणं निर्विकारम्। मायातीतं सुरेशं खलवधनिरतं ब्रह्मवृन्दैकदेवं वन्दे कन्दावदातं सरसिजनयनं देवमुर्वीशरूपम्॥१॥ कामदेव केर शत्रु शिवजीक सेव्य, भव (जन्म-मृत्यु) केर भय केँ हरय वला, काल रूपी मतवाला हाथीक लेल सिंह केर समान, योगी सभक स्वामी (योगीश्वर), ज्ञान द्वारा … रामचरितमानसः लंकाकाण्ड – षष्ठ सोपान – मंगलाचरण




