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प्रवीण नारायण चौधरी

अन्दर हृदय आ बाहर भगवान् – सदिखन सकारात्मक बनल रहू, सफलता सुनिश्चित अछि

लेख स्वामी चिदानन्द Always Be Positive – Swami Chidananda One of the favourite sayings of Gurudev, which he wrote in his writings as well as quoted in his divine talks was, “Never despair. Never despair. Nil desperandum”. A poet once said, “Hope springs in the human breast. Heart within, God overhead.” Another poet said, “Tell अन्दर हृदय आ बाहर भगवान् – सदिखन सकारात्मक बनल रहू, सफलता सुनिश्चित अछि

किछु खिस्सा – किछु तर्कः न्यायशास्त्र (वेदक उपांग) पर शंकराचार्य चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वतीक लेख

पूज्य चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वती (शंकराचार्य, कांचीपुरम पीठ) केर लिखल ‘द वेदाज’ पुस्तक सँ उद्धृत् – ‘द उपांगास – न्याय’ शीर्षक अन्तर्गत गंगेश मिश्रोपाध्याय केँ ईस्ट बंगाल यानि मिथिलाक पंडित आ हुनका सँ जुड़ल अत्यन्त रोचक कथाक वर्णण करैत वाद एवं प्रमाण पर विश्लेषणात्मक चर्चा कयल गेल अछि । पढ़ू – Some anecdotes and arguments Gangesha Mishropaadhyaaya, किछु खिस्सा – किछु तर्कः न्यायशास्त्र (वेदक उपांग) पर शंकराचार्य चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वतीक लेख

महाकवि विद्यापतिक एकटा अत्यन्त भावपूर्ण रचना – राधाकृष्णक अलौकिक प्रेमक वर्णन – गीत

विद्यापति गीत सुन्दरि, अबहु बचन सुन सबे परिहरि तोहि इछ हरि आपु सराहहि पुन । लाखे तरुअर कोटिहि लता जुबति कत न लेख । सब फूल मधु मधुर नहि फूलहु फूल बिसेख ॥ सुन्दरि, अबहु बचन सुन… जे फुल भमर निन्दहु सुमर बासि न बिसरए पार । जाहि मधुकर उड़ि उड़ि पड़, सेहे संसार क महाकवि विद्यापतिक एकटा अत्यन्त भावपूर्ण रचना – राधाकृष्णक अलौकिक प्रेमक वर्णन – गीत

ग्लोबल मैथिल – भविष्यक ५ वर्ष लेल की योजना बना रहल अछि

विराटनगर, ९ जून २०२५ । मैथिली जिन्दाबाद !! काल्हि ८ जून २०२५  ग्लोबल मैथिल समूह केर एक महत्वपूर्ण बैठक (ऑनलाइन) “गलोबल मैथिल मीट 2025(1) शानदार ढ़ंग सँ आयोजित कयल गेल । एहि मे राजकिशोर झा, मणिकांत झा अमारूपी, प्रेमकान्त चौधरी, संजोग ठाकुर, माला झा, निशा मदन झा, अनूप झा, जेएन झा, पालन झा, कार्तिकेय मैथिल ग्लोबल मैथिल – भविष्यक ५ वर्ष लेल की योजना बना रहल अछि

मैथिल प्रबुद्धजन समूहक सपना पूरा करत ‘ग्लोबल मैथिल’

प्रबुद्ध मैथिल समूह – ग्लोबल मैथिल ‘ग्लोबल मैथिल’ – मैथिलीभाषी समुदाय लेल एकटा प्रबुद्ध मैथिल समूहक रूप मे अग्रसर होइत देखा रहल अछि । प्राचीन संस्कृति-सभ्यता तथा पौराणिक इतिहास मे वर्णित मिथिला भले आइ धरि अपन पान्डित्य परम्परा एवं वेदानुसारक जीवन पद्धति लेल ओतबे जिबन्त देखा रहल हो, परन्तु सामयिक राजनीति आ स्थिति-परिस्थिति मे मिथिलाक मैथिल प्रबुद्धजन समूहक सपना पूरा करत ‘ग्लोबल मैथिल’

मानव धर्म अनुसार सेवाकार्य मे निरन्तरता बनेने रही – जातिक विचार मे ओझरेबाक जरूरत नहि

सेवाभाव सँ काज करैत रहू एकटा छलाह लुट्टी बाबू । लूटन झा केँ सब लुट्टी बाबू कहनि । बड़का मालिकक बेटा रहथि, दुलारे लूटन नाम राखि देने रहथिन बाबूजी । तेँ लुट्टी नाम बेसी प्रचलित भ’ गेल छलन्हि । लुट्टी बाबू मे एकटा गुण कि दुर्गुण ई रहनि जे ओ अपन लोकप्रिय जमीन्दार पिताक ठीक मानव धर्म अनुसार सेवाकार्य मे निरन्तरता बनेने रही – जातिक विचार मे ओझरेबाक जरूरत नहि

मैथिल ब्राह्मण समुदाय आ कुटमैती निर्धारणक चुनौती पर प्रवीण विचार

लेख-विचार – प्रवीण नारायण चौधरी कथा आ वार्ता (प्रवीणक अनुभव) विवाह योग्य बेटीक पिता रूप मे वैवाहिक कथा-वार्ता बारे अपन किछु अनुभव सब लिखबाक इच्छा भेल अछि । ई बुझैत जे हमरे जेकाँ कतेको बेटा-बेटीक मातापिता केँ हमर ई अनुभव (विचार) सहितक लेख पढ़िकय बहुते रास शंका-दुविधाक समाधान भेटतनि, ई लेख प्रस्तुत कय रहल छी मैथिल ब्राह्मण समुदाय आ कुटमैती निर्धारणक चुनौती पर प्रवीण विचार

जाहि कारणे ई संसार बनल – एकटा अत्यन्त पठनीय-मननीय लेखः चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वती

Read Another Good Write Up By the Shankaracharya “Chandrashekharendra Saraswati” The reason why this world was created Causes are of two kinds: Nimitta and Upaadaana. If there is an earthen pot, there must be a thing called clay to make it from. Clay is Upaadaana – the reason for the pot. But how does the जाहि कारणे ई संसार बनल – एकटा अत्यन्त पठनीय-मननीय लेखः चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वती

नेपाल, संघीयता आ पुनः राजतांत्रिक प्रजातंत्रक मांग

नेपाल, संघीयता आ पुनः राजतांत्रिक प्रजातंत्रक मांग नेपालक नव संविधान – नया राजनीतिक संरचना “संघीय लोकतांत्रिक गणतंत्र” प्रति लोक आस्था मे फेर सँ बदलाव आयल देखा रहल अछि । हालहि भेल गोटेक नव आन्दोलन द्वारा ई स्थापित होबय लागल अछि । काठमांडू मे मुख्यतया केन्द्रित आन्दोलन किछु आनहु स्थान पर देखाय लागल अछि । एहि नेपाल, संघीयता आ पुनः राजतांत्रिक प्रजातंत्रक मांग

भारतक प्रथम विभाजन – सुगौली सन्धि (पुस्तक) केर विमोचन १४ जून पटना मे

विराटनगर, २८ मई २०२५ । मैथिली जिन्दाबाद !! सुपरिचित इतिहासकार तेजाकर झा द्वारा ‘भारतक प्रथम विभाजन – सुगौली सन्धि’ नामक पुस्तक लिखल गेल अछि । एकर विमोचन कार्यक्रम पटना मे १४ जून केँ कयल जायत । एहि विमोचन मे नेपाल भारतक जानल-मानल विद्वान् लोकनि सहभागी रहता । पुस्तक ब्रिटिश राज द्वारा १८१६ ई. मे नेपालक भारतक प्रथम विभाजन – सुगौली सन्धि (पुस्तक) केर विमोचन १४ जून पटना मे