विराटनगर, २८ मई २०२५ । मैथिली जिन्दाबाद !!
सुपरिचित इतिहासकार तेजाकर झा द्वारा ‘भारतक प्रथम विभाजन – सुगौली सन्धि’ नामक पुस्तक लिखल गेल अछि । एकर विमोचन कार्यक्रम पटना मे १४ जून केँ कयल जायत । एहि विमोचन मे नेपाल भारतक जानल-मानल विद्वान् लोकनि सहभागी रहता । पुस्तक ब्रिटिश राज द्वारा १८१६ ई. मे नेपालक राजा संग कयल समझौता, सन्धि पूर्वक अवस्था आ तत्पश्चातक नेपाल-भारत बीच सीमांकन पर बहुत रास अज्ञात तथ्य – अचर्चित तथ्य सब सोझाँ आनत लेखक झा मैथिली जिन्दाबाद केँ जानकारी करौलनि । संगहि इहो कहलनि जे मिथिला या नेपाल या भारतक लोक मे इतिहास पढ़बाक रुचि अन्तर्गत सुगौली सन्धिक सन्दर्भ मे समग्र अध्ययन योग्य सामग्री कम उपलब्ध रहबाक आ विभिन्न एकपक्षीय इतिहास मात्र प्रसरित-प्रचारित रहबाक कारणे ई पुस्तक ओहि समस्त भ्रम केँ तोड़य के काज करत ।
श्री तेजाकर झाक पुस्तक पर मैथिली जिन्दाबाद सम्पादक प्रवीण नारायण चौधरीक शुभकामना सन्देशः
‘The First Partition of India’ – Treaty of Sugauli
A book written by scholar and historian Tejakar Jha is going to be released on 14th of June 2025 at Patna. Our beloved scholar brother
Bhaskar Koirala will be present on this occasion at Patna and of course he with his vision will share the details soon with us too. Soon this book will be available to us and this book will certainly clear the ugly shadow imposed on true history of Mithila, Nepal and India.
I have remained curious ever since my childhood for how Mithila divided into two nations. Although I heartily accept the sovereignty of both Nepal and India enjoying as free countries and that as federal democratic nations.
We, the Maithils, have rights of equal nationality among both sovereign nations, having many special relationship status, the open border and free marriages both side, earn breads in one-another territory without any barrier.
India as a big nation, big economy and big in many senses grant the same status as agreed in Peace and Friendship Treat 1950, but Nepal being smaller than India finally withdrew from granting the equality and caused several differences from its commitment in the said Treaty.
But I can tell you clearly, whatever elaboration Nepal may think in bilateral relationship, it cannot prosper without India and with its prevailing foreign policies keeping India and China at similar scale. No, it can’t be feasible. So, free from delusion and engage in progressive talks of economic development with stronger ties with India. Long live Nepal India Friendship !!
Jay Mithila – Jay Maithili
Jay Nepal – Jay Bharat
Sooner later, we will have a talk show with the author in Biratnagar too.
‘भारत का प्रथम विभाजन’ – सुगौली की संधि
विद्वान एवं इतिहासकार तेजाकर झा द्वारा लिखित पुस्तक का विमोचन 14 जून 2025 को पटना में होने जा रहा है । इस अवसर पर हमारे प्रिय विद्वान भाई भास्कर कोइराला पटना में उपस्थित रहेंगे और निश्चित रूप से वे अपनी दूरदर्शिता के साथ जल्द ही इसका विवरण हमारे साथ साझा करेंगे । जल्द ही यह पुस्तक हमारे लिए उपलब्ध होगी और यह पुस्तक निश्चित रूप से मिथिला, नेपाल और भारत के वास्तविक इतिहास पर लगी कुरूप छाया को साफ करेगी ।
मैं बचपन से ही इस बात को लेकर उत्सुक रहा हूं कि मिथिला दो राष्ट्रों में कैसे विभाजित हुआ । हालांकि मैं नेपाल और भारत दोनों की संप्रभुता को दिल से स्वीकार करता हूं, क्योंकि हम दोनों स्वतंत्र देश हैं और संघीय लोकतांत्रिक राष्ट्र हैं ।
हम मैथिलों को दोनों संप्रभु राष्ट्रों के बीच समान राष्ट्रीयता का अधिकार प्राप्त है, हमारे पास कई विशेष संबंध हैं, दोनों तरफ खुली सीमा और स्वतंत्र विवाह हैं, हम बिना किसी बाधा के एक-दूसरे के क्षेत्र में रोटी कमाते हैं ।
भारत एक बड़ा राष्ट्र, बड़ी अर्थव्यवस्था और कई मायनों में बड़ा होने के नाते शांति और मैत्री संधि 1950 में सहमति के अनुसार ही समान दर्जा देता है, लेकिन भारत से छोटा होने के कारण नेपाल ने अंततः समानता देने से हाथ खींच लिया और उक्त संधि में अपनी प्रतिबद्धता से कई मतभेद पैदा कर दिए ।
लेकिन मैं आपको स्पष्ट रूप से बता सकता हूं, नेपाल द्विपक्षीय संबंधों में चाहे जो भी विस्तार सोचे, वह भारत के बिना समृद्ध नहीं हो सकता और उसकी मौजूदा विदेश नीतियों के साथ भारत और चीन को समान स्तर पर रखना संभव नहीं है । नहीं, यह संभव नहीं हो सकता । इसलिए, भ्रम से मुक्त होकर भारत के साथ मजबूत संबंधों के साथ आर्थिक विकास की प्रगतिशील बातचीत में शामिल हों । नेपाल भारत मैत्री अमर रहे !!
जय मिथिला – जय मैथिली
जय नेपाल – जय भारत
जल्द ही, हम विराटनगर में भी लेखक के साथ एक टॉक शो करेंगे।
हरिः हरः!!