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प्रवीण नारायण चौधरी

शाश्वत मिथिला अहमदाबादक मिथिला भवन

यात्रा संस्मरण मिथिला भवन शाश्वत मिथिला अहमदाबाद द्वारा निर्माणाधीन ‘मिथिला भवन’ डाभोरा (गांधीनगर, अहमदाबाद) आर ई शेल्फी आदरणीय राजकिशोर बाबू संग – हृदय मे एतबा हर्ष समाहित अछि जेकर वर्णन नहि कय सकैत छी। बहुत कम लोक मे एहेन दूरदृष्टि देखि पबैत छी हम। कोनो लायलपट आ बात घुमघुमउआ नहि, सीधा लक्ष्य पर दृष्टि आ शाश्वत मिथिला अहमदाबादक मिथिला भवन

मिथिलाभाषा रामायण – अयोध्याकाण्ड तेसर अध्याय – राम केँ वनवासक आज्ञा

कविचन्द्र विरचित मिथिलाभाषा रामायण अयोध्याकाण्ड – तेसर अध्याय राम केँ वनवासक आज्ञा  ॥अध्याय ३॥ ।चौपाइ। ।मिथिला संगीतानुसारेण श्रीमालव छन्द। काज मन्त्रि केँ कहि नृप देल । अपनैँ अन्तष्पुर मे गेल ॥१॥ नृपति न देखल केकयि आँखि । की वृत्तान्त उठल नृप भाखि ॥२॥ अबइत हसइत नित जे आब । केकयि काँ छल सिद्ध स्वभाव ॥३॥ मिथिलाभाषा रामायण – अयोध्याकाण्ड तेसर अध्याय – राम केँ वनवासक आज्ञा

वडोदरा गुजरात मे मैथिली साहित्य सम्मेलन मे विमर्श-विमर्शकार

वडोदरा गुजरात मे वैदेही मिथिलाधाम द्वारा आयोजित मैथिली साहित्य सम्मेलन मे लगभग 20 विषय पर महत्वपूर्ण व्यक्तित्व सभकेँ विमर्शकार रूप मे आमंत्रित कय उच्चकोटि के विमर्श आ कवि सम्मेलन संग सांस्कृतिक आयोजन व नाटक मंचन सेहो राखल गेल अछि। एखन धरिक प्रस्ताव पारित भेल अनुसार निम्न विवरण के आयोजन होबय जा रहल अछि। 17 आ वडोदरा गुजरात मे मैथिली साहित्य सम्मेलन मे विमर्श-विमर्शकार

‘अर्चनाकृत रामायण’ केर विमोचन विमलेन्द्र निधि द्वारा कयल गेल

ललितपुर, १४ फरवरी २०२४ । मैथिली जिन्दाबाद!! नेपाल मे पहिल बेर गद्य शैली मे लिखल गेल मैथिली रामायण जेकरा लेखिका अर्चना झा लिखलनि आ नामकरण सेहो ‘अर्चनाकृत् रामायण’ करैत काल्हि सरस्वती पूजाक सुअवसर पर नेपालक पूर्व उपप्रधानमंत्री विमलेन्द्र निधि द्वारा विमोचन करौलनि अछि। विमोचन कार्यक्रमक प्रमुख अतिथि पूर्व उपप्रधानमन्त्री तथा गृहमन्त्री विमलेन्द्र निधि ‘अर्चनाकृत रामायण’क ‘अर्चनाकृत रामायण’ केर विमोचन विमलेन्द्र निधि द्वारा कयल गेल

मैथिली भाषा-साहित्यक विकास आ संरक्षण मे प्रवासी मैथिल संस्थाक योगदान

विशेष सम्पादकीय मैथिलीभाषी समाज केँ आदत देखैत आयल छी ‘बारीक पटुआ तीत’ वला, यानि अपन भाषाक बहुत बेसी महत्व अपने सँ नहि दयवला। ‘दूरक ढोल सोहाओन’ कहावत केँ चरितार्थ करैत मैथिलीभाषाक मिठास आ महत्ता सँ दूर भोजपुरी, हिन्दी आ नेपाली मे खूब रमैत अछि एतुका लोक। परञ्च बौद्धिक समाज केँ खूब नीक सँ पता छैक मैथिली भाषा-साहित्यक विकास आ संरक्षण मे प्रवासी मैथिल संस्थाक योगदान

अर्चनाकृत् रामायण (मैथिलीभाषा) केर विमोचन कार्यक्रम काल्हि

ललितपुर, १३ जनवरी २०२४ । मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली भाषामे “अर्चनाकृत रामायण” केर विमोचन होयत नेपालमे पहिल बेर मैथिली भाषामे रामायण पढ़बाक लेल भेटत आब। ‘वाल्मीकि रामायण’ आर ‘रामचरितमानस’ रामायणक आधार पर अर्चना झाद्वारा लिखल गेल रामायण थिक ई । ई मैथिली गद्यात्मक ‘अर्चनाकृत रामायण’ मे करीब ६४ हजार शब्द समाहित अछि। एहिमे हिन्दु धर्मक देवता अर्चनाकृत् रामायण (मैथिलीभाषा) केर विमोचन कार्यक्रम काल्हि

मिथिला आ विद्वान – व्यंग्य प्रसंगक एक प्रासंगिक पत्र

आदरणीय विद्वान् जी! ई पत्र जरूरत मे लिखि रहल छी। एकर उत्तर अपनेक व्यवहार मे आबयवला दिन मे देखायत से अपेक्षा राखि पत्र लिखि रहल छी। महोदय! अपन मिथिलाक माटि, पानि, हवा, आइग आ आकाश – ई सबटा दिव्य छैक। दिव्यताक प्रभाव हर सन्तान पर, खेत-पथार पर, आवोहवा पर, प्रत्येक निर्माण आ सृजन पर – मिथिला आ विद्वान – व्यंग्य प्रसंगक एक प्रासंगिक पत्र

वडोदरा मे मैथिलीक सपना साकार होबय जा रहल अछि

लेख-विचार – प्रवीण नारायण चौधरी मैथिली भाषाक संरक्षणक आवश्यकता एवं उपादेयता (The need and utility of preserving the Maithili language) बहुत पैघ प्रसन्नताक खबरि अछि जे प्रवासी मैथिल लोकनिक एक महत्वपूर्ण संस्था “वैदेही मिथिलाधाम, वडोदरा, गुजरात” द्वारा मैथिली भाषा आ साहित्य संग समग्र संस्कृति, कला आ मैथिल वैशिष्ट्यक संरक्षण, संवर्धन आ प्रवर्धन निमित्त समुचित डेग वडोदरा मे मैथिलीक सपना साकार होबय जा रहल अछि

मिथिला भाषा रामायण – अयोध्याकाण्ड दोसर अध्याय – राम केँ राजतिलक लेबाक प्रस्ताव तथा तैयारी

कवि चन्द्र विरचित मिथिला भाषा रामायण अयोध्याकाण्ड – दोसर अध्याय राम केँ राजतिलक लेबाक प्रस्ताव तथा तैयारी ।चौपाइ। दशरथ नृप वर परम उदार । गुरु वसिष्ठ संग कयल विचार ॥१॥ विषय मनोरथ रथ आरूढ़ । उचित कि आब भेलहुँ बड़ बूढ़ ॥२॥ रामचन्द्र भ्रातामे ज्येष्ठ । सकलगुणो पेतहुँ से श्रेष्ठ ॥३॥ तनिक सुयश जन के मिथिला भाषा रामायण – अयोध्याकाण्ड दोसर अध्याय – राम केँ राजतिलक लेबाक प्रस्ताव तथा तैयारी

Safeguarding Travelers on High-Speed Rails: EMTs for India’s Vande Bharat Express

Safeguarding Travelers on High-Speed Rails: EMTs for India’s Vande Bharat Express Dr. A kumar MBBS,MD,MPH Founder Jakhu Film Producation, Shrikanth Pvt Ltd, PERGE Foundation, Anvi Educational trust, Swami Vivekanand Educational Trust Introduction: Across India’s vast landscape, the Vande Bharat Express, a symbol of technological advancement, speeds passengers towards their destinations. Yet, concerns linger regarding medical Safeguarding Travelers on High-Speed Rails: EMTs for India’s Vande Bharat Express