पूज्य गुरुदेव केँ सदिखन मन आ स्मृति मे राखू – कल्याण सुनिश्चित अछि
हुनका कहियो नहि बिसरू विद्या बिना मानव पशु समान होइछ । विद्यालयक महत्व जीवन मे सर्वोपरि कहू । जन्म उपरान्त पारिवारिक पालन-पोषण मे सेहो विद्यारम्भ होइछ, मुदा औपचारिक विद्यार्जनक लेल ‘पाठशाला’ (विद्यालय) केर परिकल्पना अनुरूप मानव संसार चलि रहल अछि । विद्यालय मे अनेकों शिक्षक सँ विद्यार्थी विद्यार्जन करैछ । समस्त विद्याक महत्व ओतबे उच्च … पूज्य गुरुदेव केँ सदिखन मन आ स्मृति मे राखू – कल्याण सुनिश्चित अछि









