मन्दिर मे भगवानक दर्शन – एक सहज दर्शन
मन्दिर (सहज दर्शन – Simple Philosophy) एकटा बन्द चहरदेवाल भीतर जीर्ण-शीर्ण अवस्थाक ओ मन्दिर, जेकर त्रिशूल मात्र केर दर्शन होइत अछि – से आइ सँ नहि कइएक दशक सँ…. आ कि मोन पड़ि गेल करैछ – त्रयः शूल निर्मूलनं शूलपाणिं भजेऽहं भवानीपतिं भावगम्यं अर्थात् तीनू तरहक ताप (आध्यात्मिक, आधिदैविक ओ आधिभौतिक) केर हरण कयनिहार त्रिशूलधर्त्ता … मन्दिर मे भगवानक दर्शन – एक सहज दर्शन









