Search

मैथिली भाषा-साहित्यक क्रान्तिकारी आयोजन – एमएलएफ अप्रैल ३-५ – तीन दिनक आयोजन मुम्बई मे

272 भ्यूज

मैथिली भाषा-साहित्यक क्रान्तिकारी आयोजन – अप्रैल ३-५ तीन दिन मुम्बई मे

२०१४ सँ आरम्भ “मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल” केर छठम् भाग एहि वर्ष ३, ४ आ ५ अप्रैल २०२६ केँ मड आईलैन्ड (मलाड), मुम्बई मे होमय जा रहल अछि । देल गेल जानकारी मुताबिक एहि वर्षक तीन दिवसीय आयोजन मे मैथिली भाषा-साहित्य संग रंग विधा, फिल्म, कला आ आधुनिक तकनीकी क्षेत्रक विभिन्न विषय सब पर २५ गोट विमर्शक कार्यक्रम राखल गेल अछि । जारी सूचीक उतार निम्न अछिः

मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल
3, 4 आ 5 अप्रैल 2026
मड आइलैंड, मलाड, मुम्बइ

3 अप्रैल 2026

प्रार्थना (यात्री जी लिखित)

मोन परैत अछि (श्रद्धांजलि)

उद्घाटन

गणेश वन्दना (भाव नृत्य)

समकालीन भारतीय साहित्य मे मैथिलीक वर्तमान परिदृश्य

लोकार्पण

मैथिली साहित्य मे एआइक प्रभावक अंदेशा

मैथिली कथाक वर्तमान स्वरूप

व्यंग्य कथा वाचन

मैथिली नाट्य-लेखन सँ रंगमंच कतेक लग, कतेक दूर

एकल नाटक (अश्वत्थामा संवाद)

डहकन (विभा रानी)

सोनाक तार, रूपाक हार
(अतीत सँ भविष्य धरिक यात्रा)

****

4 अप्रैल 2026

मैथिली यात्रा वृतांत, आत्मकथा, संस्मरण : मैथिली साहित्य मे स्थिति आ संभावना

डिजिटल कंटेंट क्रिएटर (कथ्य सर्जक)क दायित्व आ मैथिली भाषाक विस्तार मे भूमिका

मैथिली आन्दोलन : बौद्धिकताक आधिक्य मुदा नेतृत्व आ बजट मे विपन्न

समकालीन मैथिली कविता पर विमर्श

मुम्बइ मे मैथिली साहित्य

मैथिली साहित्य मे स्त्री स्वर

कवि गोष्ठी

****

5 अप्रैल 2026

अनुवाद साहित्यक वर्तमान परिदृश्य

मैथिली साहित्य मे दलित स्वर

बहुभाषा विमर्श

मैथिली सिनेमा मे मैथिली साहित्य : संभावना आ व्यावहारिकता

मैथिली सिनेमा : कथ्य, कलाकार आ कैंचा

फिल्म प्रदर्शन

गीत-गजल

सम्मान सह समापन

पूर्व आयोजित मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल केर संछिप्त संछिप्त प्रवीण संस्मरण

“मैथिली मे लेखनक कमी नहि अछि । परञ्च पाठक एवं पठनीयता ‘बाजार एवं विज्ञापन’ केर अभाव मे कमजोर पड़ैत जा रहल अछि । जखन कि मैथिलीभाषी जनमानस आइ विश्व भरिक दर्जनाधिक देश धरि पसैर गेल छथि, सब कियो जागरुको छथि, परञ्च ‘रजनी-सजनी’ यानि गीतनाद आ धूमधड़क्का सँ उपर उठि अपन भाषाक साहित्य प्रति रुचि नहि जगा सकल छथि ।”

– किछु एहने-एहने वैचारिक चिन्तन सब सँ जन्म भेल अछि “मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल” केर । ई बात हम २०१६ मे आयोजित दोसर एमएलएफ-पटना मे सहभागी एक विमर्शीक रूप मे अपन बड़-बुजुर्ग साहित्यकार लोकनि जे सब मूल आयोजक संस्था “मैथिली लेखक संघ” केर संस्थापक सब छथि, तिनका सब सँ सुनने रही । तदनुसार ई नवीकरण कय रहल छी पाठक सब लेल ।

प्रथम आयोजन २०१४ मे पटना मे भेल छल । यूथ होस्टल, पटना । २०१६ मे फेर पटना मे दोसर आयोजन भेल जाहि मे मैथिली मीडिया पर आधारित विमर्श मे हमहुँ एक सहभागी रही । पुनः २०१८ आ २०१९ केर दुइ भाग बिहारक राजधानी सँ उपर भारतक राजधानी मे आयोजित हेबाक संयोग बनल । गोटेक सैद्धान्तिक संशोधन सहित आयोजित दिल्ली प्रभाग मे सेहो सहभागिता देबाक अवसर भेटल ।

२०१९ केर आयोजन मे २०१८ केर समझौतावादी संशोधनक असैर देखय लेल भेटल, परञ्च मैथिल सन्तान ततबो कमजोर नहि छथि जे केहनो चुनौती केर सामना नहि कय सकथि । आर्थिक व्यवस्थापनक असीम चुनौती रहितो हम सब १० भैयारी अपनहि आपस मे मिलिकय बहुत किछु समाधान कय लेने रही । चाहब त कि नहि करब ! आ, साक्षात् जगजननी जानकी संग भ्रातृत्वक भाव सँ एहेन कसगर सम्बल भेटि जाइत अछि जे पूछू जुनि ।

२०२३ केर अप्रैल मास मे भारतक आर्थिक राजधानी संग फिल्म निर्माणक केन्द्र रूप मे ‘बौलीवूड’ कहायवला मुम्बई पहुँचि गेल ई ‘एमएलएफ’ । शुभ सीता फाउन्डेशन संगहि मैथिली दर्पण (मैथिली भाषाक मासिक पत्रिका) केर सम्पादक दीपक झा सहित अनेकहुँ समर्पित मुम्बईवासी मैथिल सपूत लोकनिक अद्भुत सङ्गोर व सहयोग सँ साक्षात् जानकीदूत रूप मे हमर सुपरिचित पूज्य अभिभावक ‘मैथिली लेखक संघ’ केर महासचिव विनोद कुमार झा ‘सरकार’ द्वारा भव्य सँ भव्यतम् ढंग सँ मुम्बई केर आयोजन सम्पन्न कयल गेल छल । एहि आयोजन मे हम सपत्नी एवं सुपुत्री भावना सहित सहभागी बनि मुम्बई भ्रमणक आनन्द उठेने रही ।

२०२६ मे एक बेर फेर मुम्बईवासी मैथिल केँ ई सौभाग्य प्राप्त भेलनि । जखन कि एहि आयोजन केँ अपन स्थान मे करेबाक लेल एकटा आवेदक हमहुँ रही, सहरसा मे सेहो प्रस्तावित रहय, मधुबनी सेहो एक आवेदक हेबाक बात सु्नलहुँ, अहमदाबाद या बंगलुरु या अन्यत्र सँ सेहो सम्भावना रहबे करय । बड़ौदा मे एक वरदपुत्र रहैत छथि, ओ त आर बुझू एक फोन पर लाखों खर्चक आयोजन लेल तत्पर छथि, हाल मैथिली भाषाक मानक एवं स्वरूप आदि पर महत्वपूर्ण काज कय रहल छथि ।

मुम्बई आयोजन मे मुम्बई केन्द्रित विमर्श एवं सहभागिताक सुअवसर

दिल्ली है दिलवालों की आ बम्बइ पैसेवालों की – बच्चे सँ ई जे सुनैत रहियै कहावत से सही मे । आब त सुमित मिश्रा नहि रहला एहि संसार मे, मुदा हम हुनका मोन पाड़ैत कहय चाहब जे रूपवीर बंगला मे मैथिलीक मंचक जे रूप ओ कल्पना करैत सेट-अप बनौने रहथि, से अद्भुत छल । रंगक मिश्रण आ साज-सज्जा मे एमएलएफ केर ट्रेड-ड्रेस गज्जब छजैत छल । प्रवीण यैह सब सँ त सिखैत अछि । अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन २०२५ केर सज्जा किछु ओकरे देख्सी छल ।

पुनः दीपक झा जेहेन समर्पित मैथिलीपुत्र द्वारा शानदार ढंग सँ ‘सह-संयोजक’ रूप मे ‘मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल-२०२६’ केर आयोजन होबय जा रहल अछि । ‘सरकार’ केर प्रशंसा करय मे हमर ठोरे सटि जाइत अछि, गला भैर जाइत अछि, मुदा हृदय कुहुकैत हुनका बस बेर-बेर प्रणाम टा करैत अछि । एकटा सीता-स्वरूपा मिथिलानी सेहो ओ दरभंगिया परिकल्पना वला सीताजी जेकाँ हाथ मे तीर-धनुष लय अपन मैथिली अस्मिता लेल ठाढ़े छथि ।

कतेको रास बेलगोबना सब सेहो भरल पड़ल अछि, कियो स्लम मे रहैत बेलगोबना आ कियो बड पैघ बंगलाक मालिक रहैतो बेलगोबने ! ओकरा सभक बेलगोबनापन्थी सँ कोनो फर्क नहि पड़ैछ, कारण सहयोगी सज्जन व भद्रपुरुष सब सँ भरल अछि मुम्बई । पैछला वर्ष एहि सहयोगी सब मे एक सँ बढ़िकय एक महापुरुष सभक दर्शन भेल छल । दशकों-दशक सँ मुम्बई मे निवास कय रहल छथि, आ ओ सब ग्रेटर मिथिलाक निवासी सब छथि, भले झारखंड राज्य हो, नेपाल हो, आ कि बिहार हो – सब जिलाक लोकक गज्जब झुंड देखायल छल । एहि वर्ष सेहो माइनस बेलगोबना सुवीर-सन्ततिक सत्संगत सँ समारोह सुमधुर हेब्बे टा करत से विश्वास अछि ।

आर बात बाद मे करब, एतेक लम्बा लेख लम्बे माथवला सब पढ़ने होयब ताहि विश्वासक संग हम अपने लोकनि केँ प्रणाम करैत छी । अपन आशीर्वचनक दुइ शब्द अपन मनोभाव प्रकट करैत लिखब अपने सब, ततबे अपेक्षा । भेटैत छी मुम्बई मे फेर ।

हरिः हरः!!

Related Articles