परवाहा लोक संस्कृति उत्सव – प्रवीणक संस्मरण
परवाहा लोक संस्कृति उत्सव – २०८२: प्रवीण अनुभूति नव वर्ष २०८३ आरम्भ भेल । सम्पूर्ण सज्जनवृन्द मे शुभकामना । पराम्बा जानकी संग पुरुषोत्तम राम आ गौरी संग शंकर केर कृपा सब पर बनल रहय । सन्दर्भ मिथिलाक लोकसंस्कृति आ मूल्यवान् परम्पराक संरक्षण-संवर्धन हेतु विभिन्न प्रयासक अछि । प्रवास क्षेत्र मे मैथिल लोक जाग्रत देखाइते रहल … परवाहा लोक संस्कृति उत्सव – प्रवीणक संस्मरण








