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प्रवीण नारायण चौधरी

Sugauli Treaty And Subsequent Correspondences For Various Understandings

Treaty of Peace between the Honourable East India Company and Maha Rajah Bikram Sah, Rajah of Nipal, settled between Lieutenant-Colonel Bradshaw on the part of the Honourable Company, in virtue of the full powers vested in him by His Excellence the Right Honourable Francis Earl of Moira Knight of the Most Noble Order of the Garter, one of Sugauli Treaty And Subsequent Correspondences For Various Understandings

मिथिलाभाषा रामायण – उत्तरकाण्ड – आठम अध्यायः रामचन्द्रजीक समस्त बन्धु-बान्धव, प्रजाजन-सहित स्वर्ग प्रस्थान, रामायणक माहात्म्य

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी कविचन्द्र विरचित मिथिलाभाषा रामायणक स्वाध्यायक आइ आखिरी अध्यायक पाठ थिक । हमरा बुझने पहिल बेरुक पाठ मे आधा सँ बेसी बात आ वर्णन बुझय मे आबि गेल । परञ्च आगामी समय मे एकर मैथिली अनुवादक प्रकाशन सेहो अपना लेल आ अपन पाठक लेल राखब, ताहि वचनबद्धताक संग, ई अन्तिम अध्याय मिथिलाभाषा रामायण – उत्तरकाण्ड – आठम अध्यायः रामचन्द्रजीक समस्त बन्धु-बान्धव, प्रजाजन-सहित स्वर्ग प्रस्थान, रामायणक माहात्म्य

देख देख मोरा कोहुना देख – अटेन्सन-सीकर कविजी

प्रहसन – प्रवीण नारायण चौधरी कविजीक कविताक लिंक आइ-काल्हि अधिकतर कविजी अपन कविताक लिंक सब शेयर करैत रहैत छथि । अटेन्सन-सीकर जेकाँ लोकक ध्यानाकर्षण लेल टैग सेहो कय दैत छथिन लोक सब केँ । कोहुना कियो ओहि सामग्री केँ देखिकय दस बेर ‘वाह-वाह’ कय दियय, मोन मानि जायत । एकटा कथा मोन पड़ैत अछि एहि देख देख मोरा कोहुना देख – अटेन्सन-सीकर कविजी

मिथिलाभाषा रामायण – उत्तरकाण्ड – सातम अध्यायः रामक भ्राता व सन्तान सब केँ राज्याभिषेक, कालपुरुषक आगमन आ लक्ष्मणक स्वर्ग जायब

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी कविचन्द्र विरचित मिथिलाभाषा रामायण उत्तरकाण्ड – सातम अध्याय रामक भ्राता व सन्तान सब केँ राज्याभिषेक, कालपुरुषक आगमन आ लक्ष्मणक स्वर्ग जायब ।चौपाइ। अथ एक समय युधाजित नाम । आबि अयोध्या भरतक माम ॥१॥ रघुनन्दन-आज्ञा काँ पाय । निजपुर लय गेल भरत लेआय ॥२॥ महती सेना समर अभीति । गन्धर्व्वक नायक मिथिलाभाषा रामायण – उत्तरकाण्ड – सातम अध्यायः रामक भ्राता व सन्तान सब केँ राज्याभिषेक, कालपुरुषक आगमन आ लक्ष्मणक स्वर्ग जायब

मिथिलाभाषा रामायण – उत्तरकाण्ड – छठम अध्यायः कुश-लव केर गीत रामक कान मे पड़ब…

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी कविचन्द्र विरचित मिथिलाभाषा रामायण उत्तरकाण्ड – छठम अध्याय कुश आ लव केर गीत रामक कान मे पड़ब, राम द्वारा हुनका दुनू गोटेक पहिचान करब, सीताक धरती मे प्रवेश, उदास राम केर आध्यात्म-चिन्तन मे लीन होयब तथा माता सब केँ उपदेश देब ।जयकरी छन्द। काज न करब एक अगुताय । ई मिथिलाभाषा रामायण – उत्तरकाण्ड – छठम अध्यायः कुश-लव केर गीत रामक कान मे पड़ब…

शाश्वत मिथिला भवनः लोकार्पण ९ मार्च २०२५ केँ

अहमदाबाद, १२ जनवरी २०२४ । मैथिली जिन्दाबाद!! वार्षिक महोत्सव मे भवन उद्घाटन संग विद्यापतिक मूर्त्ति अनावरण आ स्मारिका विमोचनक कार्यक्रम करबाक योजना महोत्सव मे साहित्यिक विमर्श, कवि सम्मेलन, कतेक जिबैए मैथिली तथा सांस्कृतिक सन्ध्याक संग स्वरुचि भोज केर समावेश भारतक पश्चिमी राज्य गुजरातक राजधानी अहमदाबाद – गान्धीनगरक डाभोरा गाम मे बनि रहल शाश्वत मिथिला भवन शाश्वत मिथिला भवनः लोकार्पण ९ मार्च २०२५ केँ

मिथिलापुत्र बी. के. कर्णा – मिथिला टु ग्लोब, ग्लोब टु मिथिला (साक्षात्कार)

साक्षात्कार विशिष्ट व्यक्तित्व परिचय आ साक्षात्कार – मैथिली जिन्दाबाद सम्पादक प्रवीण नारायण चौधरी संग बी. के. कर्णा जीक साक्षात्कार  दक्षिण भारतक एक तीव्र विकासशील राज्य तेलंगानाक राजधानी ‘हैदराबाद’ मे अपन मिथिलाक एक कर्मठ सपूत – नामः बी के कर्णा द्वारा विश्वस्तरीय पैकेजिंग क्लिनीक केर स्थापना कयल गेल अछि । एहेन संस्थान पूरे भारत मे विरले मिथिलापुत्र बी. के. कर्णा – मिथिला टु ग्लोब, ग्लोब टु मिथिला (साक्षात्कार)

मिथिलाभाषा रामायण – उत्तरकाण्ड – पाँचम अध्यायः सीताक विरह मे राम केर आध्यात्मिक चिन्तन व अन्य

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी कविचन्द्र विरचित मिथिलाभाषा रामायण उत्तरकाण्ड – पाँचम अध्याय सीताक विरह मे राम केर आध्यात्मिक चिन्तन, शत्रुघ्न द्वारा लवणासुर केर वध आ मथुरा मे राजधानी बनायब, कुश आ लव केर जन्म एवं शिक्षा-दीक्षा, राम केर अश्वमेध यज्ञ करब, गुरुक संग कुश-लव आगमन ।सोरठा। नहि अछि ककरो काज, राजकाज मन्त्री करथु ॥१॥ मिथिलाभाषा रामायण – उत्तरकाण्ड – पाँचम अध्यायः सीताक विरह मे राम केर आध्यात्मिक चिन्तन व अन्य

मंत्र साधनाक सहज स्वरूप आ महत्व पर प्रवीण प्रकाश

मंत्र शक्ति – साधना केना करी – प्रवीण नारायण चौधरी   बहुते लोक ई अनुभव कएने होयब जे कोनो शब्दक उच्चारण बेर-बेर करैत रहला सँ ओकर प्रभाव हमर-अहाँक मन-मस्तिष्क होइत आत्मा धरि पहुँचैत निश्चय परमात्मा धरि पहुँचि जाइछ । शब्दक निरन्तर उच्चारण सँ ओकर भाव केर सम्प्रेषण जहिना मन-मस्तिष्क आ आत्मा-परमात्मा धरि पहुँचैत अछि – मंत्र साधनाक सहज स्वरूप आ महत्व पर प्रवीण प्रकाश

बेसहारा माय-पिताक एकलौता बेटा भवेश केँ ताकय मे मदति करय जाउ – अपील

अपील – प्रवीण नारायण चौधरी भवेश – अहाँ जेतय छी, कृपया अपन माँ-बाबू सँ सम्पर्क करू !   दरभंगा जिलाक नदियामी (बड़कीगाछी टोल) निवासी श्री शिव झा – सम्प्रति रायपुर (छत्तीसगढ़) मे नौकरी करैत छथि, हुनक एकमात्र पुत्र श्री भवेश कुमार झा फरवरी २०२३ सँ सम्पर्कविहीन छन्हि । पुलिस इन्वेस्टिगेशन मे भवेशक मोबाइल भुवनेश्वर (उड़ीसा) बेसहारा माय-पिताक एकलौता बेटा भवेश केँ ताकय मे मदति करय जाउ – अपील