लेख-विचारः फिल्म, समाज आ हम
फिल्म, समाज आ हम प्रवीण नारायण चौधरी फिल्मी फैशन आ पोज केर बहुत पैघ प्रभाव समाज पर पड़ल अछि । एहेन कियो नहि जे ‘सिल्वर स्क्रीन’ पर प्रस्तुत काटल-छाँटल ‘रिल्स’ द्वारा गोटेक घन्टा मे ‘मानव जीवन’ सँ जुड़ल अनेकों ‘कथा-गाथा’ प्रस्तुति सँ स्वयं केँ बचा सकल हो । एकर सर्वाधिक प्रभाव छौंड़ा माँरड़ि पर पड़ैत … लेख-विचारः फिल्म, समाज आ हम








