मैथिली गीत-संगीत-मनोरंजन केर दुनिया मे कथित सम्भ्रान्त समाजक सेंशरशीप सिर्फ एक मिथ्याचार
किछु अहिना-ओहिना: मैथिलीक मंच आ अश्लीलताक परिभाषा तकैत प्रवीण आजुक युग मे ढोलक-झालि-मृदंग आदि पुरना जमानावला बाजा सब बड कम चलैत अछि। रसनचौकी सँ अंग्रेजी बाजा मिथिला समाज मे सेहो बड़ा सख सँ लोक बजबय लागल। आर जेना-जेना जेबी मे माल बढल गेल, साउन्ड सिस्टम आ बाजा सिस्टम सब सेहो चेन्ज होइत गेल अछि। … मैथिली गीत-संगीत-मनोरंजन केर दुनिया मे कथित सम्भ्रान्त समाजक सेंशरशीप सिर्फ एक मिथ्याचार









