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प्रवीण नारायण चौधरी

जनकपुर साहित्य-कला तथा अन्तर्राष्ट्रीय नाटक महोत्सव केर शुभारंभ

जनकपुर, ३ मार्च २०१९। मैथिली जिन्दाबाद!! काल्हि २ मार्च २०१९ शनि दिन सँ जनकपुर केर उद्योग वाणिज्य संघ सभागार आ परिसर मे मैथिली-मिथिला केर रंग एहि बसन्त ऋतु मे बरसब आरम्भ भऽ गेल अछि। अवसर थिक ‘जनकपुर साहित्य कला तथा अन्तर्राष्ट्रीय नाटक महोत्सव’ केर – एहि कार्यक्रमक उद्घाटन नेपाली काँग्रेस केर सभापति एवं नेपालक पूर्व जनकपुर साहित्य-कला तथा अन्तर्राष्ट्रीय नाटक महोत्सव केर शुभारंभ

जनकपुर मे विमर्शः नेपाल मे मैथिली लेखनक अवस्था पर चर्चा ४ मार्च केँ

नेपालदेश मे मैथिली लेखनक अवस्था   एकल भाषा नीति आ खसकुरा यानि नेपाली भाषा केँ राज्य द्वारा अनिवार्य पालन करैत राजकाजक भाषा बनेबाक कारण शिक्षा-दीक्षा सँ लैत सरकारी कामकाज, अदालत, आदिक भाषा बनाकय आन समस्त भाषा पर नेपाल मे दमन हेबाक कठोर इतिहास भेटैत अछि। लेकिन मैथिली भाषा प्राचीन आ समृद्ध भाषा होयबाक संग-संग नेपालक जनकपुर मे विमर्शः नेपाल मे मैथिली लेखनक अवस्था पर चर्चा ४ मार्च केँ

कि इमरान खान सही मे बना सकता एक विकासशील पाकिस्तान, या कायम रहत कट्टरपंथक राज

नया पाकिस्तान केर पुरान बाध्यता   पाकिस्तान केर स्थापना इस्लाम धर्म केर नाम पर हिन्दुस्तान केर बँटवारा करैत भेल छैक, आर आइ ओ बँटल भाग पाकिस्तान तथा बांग्लादेश केर नाम पर दुइ स्थापित संप्रभुतासंपन्न राष्ट्र कहाइत अछि। बांग्लादेश केर स्थापना भले भाषा लेल भेलैक, लेकिन धर्मक बहुल्यता इस्लाम हेबाक कारण ओतुका संविधान द्वारा देश केँ कि इमरान खान सही मे बना सकता एक विकासशील पाकिस्तान, या कायम रहत कट्टरपंथक राज

इस्लाम संगठन सहयोग केर ४६म बैसार, शान्ति लेल गैर-मुस्लिम राष्ट्र संग सहकार्य

सम-सामयिक परिस्थिति पर मंथन – भारत-पाकिस्तान बीच युद्ध स्थिति तथा इस्लाम सहयोग संगठनक बैसार मे भारत केँ प्राथमिकता   आजुक विशेष – Organization of Islamic Cooperation’s (OIC) केर ४६वाँ अधिवेशन   आबुधाबी (UAE) मे इस्लाम सहयोग संगठनक ४६वाँ अधिवेशन आइ सँ आरम्भ भेल अछि। भारतक विदेश मंत्री माननीया सुषमा स्वराज विशिष्ट अतिथि (Guest of Honor) इस्लाम संगठन सहयोग केर ४६म बैसार, शान्ति लेल गैर-मुस्लिम राष्ट्र संग सहकार्य

मेहनति सँ लक्ष्मीक आगमन संभव होइत छैक, सरकारी माल पर मलफाई उड़ेला सँ दरिद्रा टा आओत

मिथिला-बिहार मे लौटि रहल अछि रौनक फेर सँ   राज्यक पास अथाह शक्ति छैक, लेकिन जनसंख्या आ बेरोजगारी मुताबिक सब केँ सरकारक प्रतिष्ठान सँ रोजगार उपलब्ध करेनाय कठिन टा नहि असंभव सेहो छैक। आर, एहि असंभव केँ संभव बनेबाक लेल जाहि तरहक मानसिकता चाही से एहि राज्य केर जनता आ कि देशक जनता मे नहि मेहनति सँ लक्ष्मीक आगमन संभव होइत छैक, सरकारी माल पर मलफाई उड़ेला सँ दरिद्रा टा आओत

पाकिस्तान केर समस्या धर्मान्धता आ कट्टरताः गरीबीक समाधान सउदी अरब युवराज सँ अपेक्षा

पाकिस्तानक गरीबी कि सउदी अरब युवराज दूर कय सकता?   #CrownPrinceinPakistan – आइ ट्विटर पर हैश टैग मूवमेन्ट मे ट्रेन्ड करयवला गरमागरम खबैर अछि जे पाकिस्तान मे सउदी अरब केर युवराज मोहम्मद बिन सलमान आबि रहला अछि। आइ पूरा पाकिस्तान मे एकटा नव आशाक किरण जागल बुझा रहल य। मुसलमान एकता आ भाईचारा केर पैघ-पैघ पाकिस्तान केर समस्या धर्मान्धता आ कट्टरताः गरीबीक समाधान सउदी अरब युवराज सँ अपेक्षा

बम्बई स्टौक एक्सचेन्ज केर एसएमई डायरेक्टर मैथिल अजय ठाकुर केर सारगर्भित संबोधन

सन्दर्भ – उद्यमी शिखर सम्मेलन मे एसएमई मे लिस्टींग केर उपाय आ लाभ पर व्याख्यान अहमदाबाद मे आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय मिथिला महोत्सव केर अत्यन्त महत्वपूर्ण भाग – उद्यमी शिखर सम्मेलन मे कतेक रास विज्ञ मैथिल महापुरुष सब भाग लेलनि आर उपस्थित सभासद (उद्यमी-विमर्शी-आमजन) केँ अपन महत्वपूर्ण विचार सँ उद्यमशीलताक दिशा मे आगू बढबाक प्रेरणा देलनि। एहि बम्बई स्टौक एक्सचेन्ज केर एसएमई डायरेक्टर मैथिल अजय ठाकुर केर सारगर्भित संबोधन

अष्टावक्र संहिता – अध्याय ७ – उच्चतर ज्ञान

अष्टावक्र संहिता – अध्याय सातम – उच्चतर ज्ञान   पिछला अध्याय छठम् मे गुरु अष्टावक्र ब्रह्मलीन होयबाक – आत्मारूपी परमात्मा संग एकाकार होयबाक चारि तरीका बतेलनि। ताहि पर जनक समान उच्च ज्ञानी शिष्य अपन उद्गार प्रकट करैत अपन मनोभाव केँ गुरु अष्टावक्र केर सोझाँ केना राखि रहल छथि, तेकर विवरण मात्र ४ श्लोक मे देखल अष्टावक्र संहिता – अध्याय ७ – उच्चतर ज्ञान

वैलेन्टाइन डे पर महाकवि विद्यापतिक महान रचना – राधा विरह – प्रेमक पराकाष्ठाक दर्शन

वैलेन्टाइन डे विशेष – मैथिली भाव क्रिश्चियन कल्चर केर महापर्व ‘वैलेन्टाइन डे’ केर असैर अपन हिन्दू सभ्यता पर पड़ैत देखि विद्यापतिक ई सुन्दर सन रचना कथित प्रेम दिवस पर राखि रहल छीः   कुञ्ज भवन सँ निकसल रे, रोकल गिरिधारी। एकहि नगर बसु माधव हे, जनि करू बटमारी॥   छोड़ू-छोड़ू कान्ह मोर आंचर रे, फाटत वैलेन्टाइन डे पर महाकवि विद्यापतिक महान रचना – राधा विरह – प्रेमक पराकाष्ठाक दर्शन

अष्टावक्र संहिता – अध्याय ५ – विलय केर चारि तरीका

अष्टावक्र संहिताः अध्याय ५ – विलय केर चारि तरीका   अष्टावक्र संहिता मे जनक समान प्रखर ज्ञाता एक शिष्य छथि, अष्टावक्र समान महान् ज्ञानी आ ऋषि समान गुरु छथि। शिष्य आ गुरुक बीच वार्ताक स्तर सेहो अत्यन्त उच्च अछि। हम मुमुक्षु स्वाध्यायी जँ स्वयं केँ एहि उच्च स्तर पर स्थापित कय केँ हिनका लोकनिक बीच अष्टावक्र संहिता – अध्याय ५ – विलय केर चारि तरीका