जनकपुर साहित्य-कला तथा अन्तर्राष्ट्रीय नाटक महोत्सव केर शुभारंभ

जनकपुर, ३ मार्च २०१९। मैथिली जिन्दाबाद!!

काल्हि २ मार्च २०१९ शनि दिन सँ जनकपुर केर उद्योग वाणिज्य संघ सभागार आ परिसर मे मैथिली-मिथिला केर रंग एहि बसन्त ऋतु मे बरसब आरम्भ भऽ गेल अछि। अवसर थिक ‘जनकपुर साहित्य कला तथा अन्तर्राष्ट्रीय नाटक महोत्सव’ केर – एहि कार्यक्रमक उद्घाटन नेपाली काँग्रेस केर सभापति एवं नेपालक पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउवा द्वारा कयल गेल अछि।

उद्घाटनकर्ता जानल-मानल प्रमुख नेता मैथिली भाषा केँ देशक सर्वाधिक लोकप्रिय एवं व्यवहृत भाषा कहैत एकरा नेपालक संघीय संविधान मे स्थान देबाक वादा केलनि। मैथिली केँ उत्कृष्ट, विकसित एवं सभ्य भाषा कहैत एहि भाषाक व्यवहार नेपालदेशक हरेक क्षेत्र मे कयल जेबाक बात सेहो ओ सभा केँ संबोधित करैत कहलनि।

मैथिली विकास कोष – जनकपुर केर आयोजन जनकपुर साहित्य-कला तथा अन्तर्राष्ट्रीय नाटक महोत्सव ६ दिन यानि मार्च ७ तारीख धरि निरन्तर चलत। एहि कार्यक्रम मे मैथिली भाषा-साहित्यक संग अन्य सामाजिक-राजनीतिक विषय पर विमर्शक सत्र, प्रतिदिन किछु नाटक तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन कयल जेबाक जनतब आयोजक समितिक अध्यक्ष जिबनाथ चौधरी बतेलनि। नेपालक अतिरिक्त भारत, बांग्लादेश तथा अफगानिस्तान सँ नाटक केर प्रसिद्ध टोली सभक सहभागिता प्रतिदिन नाटक प्रस्तुतिक विशेषताक संग मिथिला खाद्य परिकार केर प्रदर्शनी-बिक्री एवं हस्तकला-चित्रकला प्रदर्शनी सेहो लगाओल गेल अछि।

उद्घाटन सत्र मे नेपालक विभिन्न राजनीतिक दल केर अगुआ नेता लोकनिक संग भाषा-साहित्य एवं रंगकर्म सँ जुड़ल अनेकों हस्ती सब उपस्थित छलाह। पूर्व उपप्रधान एवं गृहमंत्री तथा नेपाली कांग्रेस केर उप-सभापति संगहि जनकपुर केर अपन सपूत विमलेन्द्र निधि एहि अवसर पर अपन मन्तव्य दैत मैथिली भाषा आ मिथिला संस्कृति केर इतिहास एतेक समृद्ध अछि जाहि सँ एकरा विश्व केँ चिन्हाबय लेल आन कोनो नाम केर आवश्यकता नहि रहबाक बात कहलनि, ओ कहलनि जे संघीय नेपाल मे प्रादेशिक अवधारणा सँ बनल प्रदेश २ केर नामकरण मिथिला भोजपुरा के अलावा दोसर कोनो नाम उपयुक्त नहि होयत। संगहि संघीय संविधान मे मैथिली केँ दोसर राजभाषाक रूप मे नहि जोड़ा सकबाक बावजूद ई अभियान निरन्तरता मे रहबाक बात ओ कहलनि, परञ्च प्रदेश २ केर भाषा मैथिली हो ताहि पर जोर देलनि।

एहि अवसर पर नेपाल कम्युनिष्ट पार्टीक नेता घनश्याम भुसाल मैथिली भाषा, संस्कृति, कला, साहित्य नेपालक साझा भाषा हेबाक बात कहलनि जाहि पर नेपालक प्रत्येक जनता गौरवान्वित करैत अछि ओ कहलनि। राजपा नेपालक उपाध्यक्ष एवम राष्ट्रीय सभा सदस्य बृशेषचन्द्र लाल, नेपाली कांग्रेसक केन्द्रीय सदस्य आनन्द प्र. ढुंगाना, रामकृषण यादव, महेन्द्र यादव, प्रदेश नं. २ संसदीय दलक नेता रामसरोज यादव, नेकपा नेता रामचन्द्र झा, शत्रुघन महतो सहित अन्य गणमान्य लोकनिक उपस्थिति छल।