कने मनन करब कृपया १
विवाह पंचमी, जनकपुर यात्रा, दान पुण्य आ प्रवीण सन्देश अपन मिथिलाक प्रचलित व्यवहार – पूजा-पाठ, रीति-रिवाज, देवता-पितय-प्रकृति पूजन विधि आदिक शानदार वर्णन ‘वर्षकृत्य’ (प्रथम एवं द्वितीय) सँ प्राप्त होइछ । कोन मास मे कि सब कयल जेबाक चाही, व्रतक उद्यापन कोना कयल जाय, जन्मदिनक कृत्य कि सब हेबाक चाही, दान व पुण्यक तौर-तरीका कि सब … कने मनन करब कृपया १







