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दूर्वाक्षत मिथिलाक्षर अभियान द्वारा ९मा मिथिलाक्षर प्रवीण समारोह सम्पन्न

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मैथिली गतिविधि

१२ नवम्बर २०२५, मैथिली जिन्दाबाद !!

दूर्वाक्षत मिथिलाक्षर अभियानक तत्वावधानमे रविदिन ९ नवम्बर २०२५ कें आईटीओ दिल्ली स्थित हिंदी भवन सभागारमे आयोजित “९मा मिथिलाक्षर प्रवीण सम्मान समारोह” भव्यतापूर्वक संपन्न भेल ।

कार्यक्रमक शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन आ गोसाउनि गीतक गायनसंँ भेल । तत्पश्चात स्वागताध्यक्ष श्री अखिलेश मिश्र द्वारा स्वागत अभिभाषण संग डॉ राजीव रंजन दास आ श्री वीरेश्वर झा द्वारा अतिथि लोकनिक स्वागत मिथिलाक गौरवशाली परम्परा अनुरूप कयल गेल । मातृलिपि मिथिलाक्षर केर संरक्षण ओ संवर्धन निमित्त मैथिली भोजपुरी अकादमी, दिल्ली द्वारा प्रकाशित विशिष्ट पोथी “मिथिलाक्षर परिचय” केर लोकार्पण अतिथि लोकनि द्वारा कयल गेल ।

वरिष्ठ लेखक, चिन्तक, समीक्षक सह फोकब्रेन केर अध्यक्ष डॉ. कैलाश कुमार मिश्रक अध्यक्षतामे संपन्न सारस्वत आयोजनमे विशिष्ट अतिथि डॉ. प्रतापानन्द झा (निदेशक, आईजीएनसीए, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार) आ डॉ. अजय कुमार झा (सदस्य, मैथिली साहित्य अकादमी, भारत सरकार) केर सारगर्भित विचार अत्यन्त चर्चित आ सहभागी दर्शक लोकनि लेल अत्यन्त लाभकारी सेहो रहल ।

“पाण्डुलिपि विज्ञान आ मिथिलाक्षर” विषयक परिचर्चा सत्रक वक्ता डॉ. राजीव रंजन दास (शल्य चिकित्सक, लंदन), डॉ. कीर्तिकान्त शर्मा ( पूर्व संपादक, इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केंद्र, भारत सरकार ) एवं डॉ. अवध किशोर चौधरी (वर्तमान संपादक, इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केंद्र, भारत सरकार) द्वारा विषय सन्दर्भित गंभीर चिंतन करैत मिथिलाक्षर लिपि ओ पाण्डुलिपि केर संरक्षण ओ संवर्धन लेल व्यापक आ सकारात्मक सुझाव देल गेल ।

कार्यक्रममे मधु चौधरी, पूनम झा, साधना झा, रीना झा कें सर्वश्रेष्ठ दूर्वाक्षत मिथिलाक्षर सम्मानसंँ सम्मानित कयल गेलनि । प्रतिष्ठित गणमान्य मैथिल लोकनिसं भरल सभागारमे कार्यक्रमक दोसर सत्रमे भव्य कवयित्री सम्मेलन केर आयोजन सेहो कयल गेल ।

मातृलिपि मिथिलाक्षर केर संरक्षण ओ संवर्धन लेल समर्पित एहि भव्य सारस्वत आयोजनमे मंच संचालन केर महत्वपूर्ण दायित्व सोनी चौधरी निभौलनि । एहि अवसर पर हुनका सम्मानित सेहो कयल गेलनि । एहि सम्मान व भूमिका लेल ओ कैलाश कुमार मिश्र व पं. कौशल झा समेत दूर्वाक्षत मिथिलाक्षर अभियानक प्रत्येक कार्यकारिणी सदस्यक प्रति हृदयसँ आभार जतौलनि ।

विदित हो जे दूर्वाक्षत समूह द्वारा मिथिलाक प्राचीन एवं मौलिक लिपि केर संरक्षण-संवर्धन हेतु निरन्तर प्रयास कयल जा रहल अछि । एकर संस्थापक पं. कौशल झा मैथिली जिन्दाबाद सँ बातचीतक क्रम मे कहलनि जे अपन स्वर्गीय पिताक देल प्रेरणा आ जिम्मेदारी केँ निर्वाह करैत देश-विदेश मे रहि रहल नवतुरिया मैथिल सम्प्रदाय केँ मिथिलाक्षर सिखेबाक अभियान चला रहल छी । संगहि एहि लिपि बारे अत्यन्त सारगर्भित सन्देश व जानकारी सहितक पोथी सेहो प्रकाशन करायब सम्भव भेल अछि । आगामी समय आरो महत्वपूर्ण काज सब करबाक सोच संग आगू बढ़ि रहल छी ।

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