१२ नवम्बर २०२५ । मैथिली जिन्दाबाद !!
पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्यक विशेष अभियान सनातन धर्मक रक्षा एवं हिन्दू राज्य स्थापनाक भारत-नेपाल संचालक प्रेमचन्द्र झा केँ वर्ल्ड ब्राह्मण फेडरेशन कनाडा द्वारा ‘ब्राह्मण भूषण’ सम्मान सँ सम्मानिक कयल जेबाक सुखद समाचार मैथिली जिन्दाबाद केँ प्राप्त भेल अछि । श्री झा पेशा सँ कोलकाता उच्च न्यायालय मे वकालत करैत छथि । संगहि विगत किछु वर्ष सँ पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य द्वारा प्राप्त विशेष जिम्मेदारीक तहत विशेष रूप सँ नेपाल आ भारतक विभिन्न क्षेत्र मे सनातन हिन्दू धर्म आ धार्मिक परम्पराक संरक्षण हेतु विशेष अभियानक इनचार्ज सेहो छथि ।
प्रेमचंद झाक जन्म दरभंगा जिलाक लगमा (गोइमिशर लगमा) छन्हि । हिन्दू समाज केँ धर्म आ परम्परा प्रति जाग्रत करबाक लेल तथा भव्य भारतक निर्माण लेल गाम-गाम मे सम्मेलन, गोष्टी, धर्मसभा आदिक आयोजन कय भारत केँ हिन्दू राष्ट्र घोषित करबेबाक तथा पुनः विश्वगुरुक पहिचान स्थापित करबाक पुनीत अभियान मे सक्रिय रहैत छथि ।
मैथिली जिन्दाबाद केँ बतौलनि जे हाल धरि ५० सँ अधिक देश मे हिन्दू राष्ट्रक लेल हुनका द्वारा अभियान चलायल जा रहल अछि । ओ २०२२ एवं २०२३ मे आदि शंकराचार्य जयंतीक उपलक्ष मे तालकटोरा स्टेडियम नई दिल्ली मे विश्व व्यापी हिन्दू राष्ट्र सम्मेलनक आयोजन पूज्य शंकराचार्य जीक सानिध्य मे सम्पन्न करौने रहथि । अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दू राष्ट्र सम्मेलन नेपालक जनकपुर धाम मे रामनवमीक पावन अवसर पर २०२२ मे सम्पन्न भेल छल । तहिना १२ जुलाई २०२४ केँ अपन पैतृक गाम लगमाक रामेश्वर महादेव स्थान मे विश्वव्यापी विश्व हिन्दू सम्मेलनक आयोजन सम्पन्न भेल छल जे एहि क्षेत्रक लोकक दृष्टि मे मीलक पाथर रूप मे लोकप्रियता हासिल कयलक ।
जहिया सँ पुरी शंकराचार्य हिन्दू राष्ट्र स्थापना हेतु अभियान चला रहला अछि तहिये सँ हम हुनका संग अनवरता अपन सनातनी धर्मावलम्बी सब केँ एहि विषय लेल जागरुक बनेबाक अभियान मे सक्रिय भेल छी । पूरे विश्व मे ई चर्चा चलि रहल अछि जे भारत आ नेपाल जल्द सँ जल्द हिन्दू राष्ट्र बनय जा रहल अछि । अभियानक सफलताक संगहि हमरो जीवन धन्य होयत से सोचिकय तथा गुरुक आशीर्वाद प्राप्तिक लेल हम एहि अभियानक सिपाही बनल छी । – श्री झा कहलनि ।
मैथिली जिन्दाबाद केर तरफ सँ श्री झा केँ हार्दिक बधाई ज्ञापन करैत भविष्यहु मे हिनक अभियान आर बेसी गाम-ठाम पर पहुँचय से शुभकामना सम्पादक प्रवीण नारायण चौधरी देलनि अछि ।
