विद्यापति गीत – श्रीकृष्ण नायिका राधाक रूप-वर्णन (भक्तिभावक व्याख्या सहित)
विद्यापति गीत – महाकवि विद्यापति आजु देखल जति के पतिआएत अपुरुब बिहि निरमान रे । जुगल सैल-सिम हिमकर देखल एक कमल दुइ जोति रे । फुललि मधुरि फुल सिंदुर लोटाएल पाँति बइसलि गज-मोति रे ॥ बिपरित कनक कदलि-तर सोभित थल-पंकज के रूप रे ॥ तथहु मनोहर बाजन बाजए जनिजागे मनसिज भूप रे । भनइ विद्यापति … विद्यापति गीत – श्रीकृष्ण नायिका राधाक रूप-वर्णन (भक्तिभावक व्याख्या सहित)








