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प्रवीण नारायण चौधरी

बहुल्य समाज लेल सेहो भाषिक चिन्तन अनिवार्यः से लुटेरा एनजीओ सँ सम्भव नहि

निरीह जनता आ लुटेरा अभियान भाषाक नाम पर सेहो निरीह जनता दुहल जा रहल अछि। मैथिलीभाषाक संरक्षण, संवर्धन आ प्रवर्धनक वास्ते वांछित सृजनधर्मक अलावे आर कोनो विकल्प नहि, लेकिन भ्रष्ट व्यवस्था आ सौदाबाजी सँ आक्रान्त अछि हमरा सभक वर्तमान। वर्तमान वैश्विक गाम (ग्लोबल विलेज) केर नव मानवीय संसार मे कतेको रास भाषाक अस्तित्व समाप्त भेल बहुल्य समाज लेल सेहो भाषिक चिन्तन अनिवार्यः से लुटेरा एनजीओ सँ सम्भव नहि

शहरक भीड़मे एसगर हम – मैथिली साहित्यक अपूर्व प्रस्तुति

पोथी परिचय शहरक भीड़मे एसगर हम (काव्य संग्रह आ काव्य अनुरूप मिथिला चित्रकला) कविता: धर्मेन्द्र विह्वल तथा चित्र: एस सी सुमन एहि बेर हम ‘शहरक भीड़मे एसगर हम’ लऽ कऽ अपनेसभक सोझाँ उपस्थित छी। हमर विगतक कविता कृतिसब रस्ता तकैत जिनगी (२०५१), एक सृष्टि एक कविता (२०५६), एक समयक बात (२०६३), धुवाँएल आकृतिसभ (२०६३) आ शहरक भीड़मे एसगर हम – मैथिली साहित्यक अपूर्व प्रस्तुति

मिथिलाभाषा रामायण – बालकाण्ड – दोसर अध्यायः ब्रह्मा द्वारा विष्णु सँ अवतार लेबाक अनुरोध

स्वाध्याय पाठ – प्रवीण नारायण चौधरी कवि चन्द्र विरचित मिथिलाभाषा रामायण बालकाण्ड – दोसर अध्याय ब्रह्मा द्वारा विष्णु सँ अवतार लेबाक अनुरोध ।चौपाइ। शिव शिव कहल शुनल हम कान । रामायण वर अमृत समान ॥१॥ पिबइत पिबइत तृप्ति न भेल । भव सन्ताप सकल चल गेल ॥२॥ धन्य भाग्य थिक मन मे गुणल । रामतत्त्व मिथिलाभाषा रामायण – बालकाण्ड – दोसर अध्यायः ब्रह्मा द्वारा विष्णु सँ अवतार लेबाक अनुरोध

मैथिली फुल नहि फुलबारी छी

मैथिली फुल नहि फुलबारी थिक हमर प्रिय कवि विद्यानन्द बेदर्दी बड नीक कहैत छथि, “मैथिली फुल नहि फुलबारी छी”। एहि फुलबारी मे रंग-बिरंगक फुल फुलाइत अछि। मिथिलाक भूगोल जहिना प्रकृति द्वारा मस्तक पर हिमालय, दाहिना हाथ गण्डक धार, बाम हाथ कोसी धार आ चरण पखारैत स्वयं देवनदी गंगा धार बहि रहल छथि – ई तिरहुतदेश मैथिली फुल नहि फुलबारी छी

मैथिली एसोसिएशन नेपालक चारिम वार्षिक साधारण सभा सम्पन्न

विराटनगर, २४ दिसम्बर २०२३ । मैथिली जिन्दाबाद!! चयन कयल गेल १५ सदस्यीय नव कार्यसमिति मैथिली एसोसिएशन नेपालक चारिम वार्षिक साधारण सभा पुस ७ गते होटल रंगी विराटनगरक सभागारमे सम्पन्न भेल। मैथिली भाषा, साहित्य आ संस्कृतिक संरक्षण, संवर्धन व प्रवर्धन करबाक लेल छाता संगठनक प्रारूपमे स्थापित एहि एसोसिएशनक नया कार्यसमितिमे अध्यक्ष सहित कुल १५ गोटे पदाधिकारी मैथिली एसोसिएशन नेपालक चारिम वार्षिक साधारण सभा सम्पन्न

बलिप्रथा वैध या अवैध?

विचार-विमर्श – प्रवीण नारायण चौधरी बलिप्रथा वैध या अवैध? प्रिय संजीव सिन्हाजी ( संजीव मिथिलाकिङ्कर ) सहित अपने समस्त सज्जनवृन्द जे विगत किछु दिन सँ धर्म-अधर्म बीच ‘बलिप्रथा’ पर विमर्श कय रहल छी, समय हो त किछु बात करी? अर्थात् धर्म-अधर्म केँ नीक सँ व्याख्या करबाक योग्यता रखैत होइ हमरा लोकनि तखन कर्तव्य-अकर्तव्य तहत बलिप्रथा बलिप्रथा वैध या अवैध?

मिथिला भाषा रामायण – प्रथम अध्यायः मंगलाचरण एवं प्रस्तावना – रामकथा, राम-रहस्य व रामगीताक महत्व

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी कविचन्द्र विरचित मिथिला भाषा रामायण बालकाण्ड – प्रथम अध्याय मंगलाचरण एवं प्रस्तावना – रामकथा, राम-रहस्य व रामगीताक महत्व ॥ॐ॥श्री गणेशाय नमः॥ॐ॥ ॥ॐ॥बालकाण्ड॥ॐ॥ सरसमधुसुधातो गद्यपद्यन्नवीनण वचनजनिधरायाश्शारदाया अधीनम् । सकलजननमस्यास्सन्नमस्यन्ति यस्याः पदयुगलमतोऽस्या नौमि नित्यं सुभक्त्या ॥१॥ वन्दे वारणावदनं विघ्नध्वान्तप्रणाशने सुरम् । शाङ्करिमतुलोदारं विधिगणाशरणं गुणातीतम् ॥२॥ भावार्थः मधु आ अमृतो सँ सरस, नव मिथिला भाषा रामायण – प्रथम अध्यायः मंगलाचरण एवं प्रस्तावना – रामकथा, राम-रहस्य व रामगीताक महत्व

मैथिली सँ शत्रुता महंग पड़त बाउ

मैथिली भाषा आम लोकक प्रयोग कयल जायवला भाषा थिक। बड़का कहेनिहारक भाषा मैथिली नहि रहि गेल, न घर, न बाहर। बड़का कहेनिहारक भाषा रहितो ई कथित बड़का सब मैथिली केँ लतखुर्दन कयलक। आइ एहेन बड़काक घर मे स्पष्ट देखि सकैत छी केना अपन सन्तान संग मैथिली छोड़ि आन चलन-चलतीक भाषा प्रयोग करैत अछि। आइ ओ मैथिली सँ शत्रुता महंग पड़त बाउ

रामचरितमानस मोती

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती अपन जीवनक एक अद्भुत अनुभव – तुलसीकृत् रामचरितमानस केँ पढ़ू आ अर्थ मनन करू अपन मातृभाषा मे, एकर अनेकों लाभ मे प्रत्यक्ष लाभ एहि इहलोक मे हर तरहक सुख आ शान्ति प्राप्त करू। जतबे लगन सँ पढ़ब, मनन करब, लोक सभक संग चर्चा करब आ अपन जीवनक केहनो रामचरितमानस मोती

रामचरितमानस मोतीः उत्तरकाण्ड विषय सूची

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती उत्तरकाण्ड विषय सूची १. सप्तम सोपान – मंगलाचरण २. भरत विरह एवं भरत-हनुमान् मिलन ३. राम राज्याभिषेक, वेद स्तुति, शिव स्तुति ४. बानर-निषाद आदिक विदाई ५. राम राज्य केर वर्णन ६. अयोध्याजीक रमणीयता, सनकादिक आगमन एवं संवाद ७. हनुमानजी द्वारा भरतजीक पूछल गेल प्रश्न श्री रामजी सँ पुछला रामचरितमानस मोतीः उत्तरकाण्ड विषय सूची