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प्रवीण नारायण चौधरी

किछु गूढ़ चिन्तन (कर्मयोग – गीताक तेसर अध्याय)

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी किछु गूढ़ चिन्तन (कर्मयोग – गीताक तेसर अध्याय)   गीताक तेसर अध्याय मे भगवान् कृष्ण मनुष्य द्वारा कर्म केना-केना कयल जाइछ, ताहि पर विशद चर्चा कएने छथि। आइ हम बड़ा संछेप मे एहि अध्यायक समग्रता पर चर्चा करैत किछु बात राखय चाहैत छी –   अध्याय २ मे भगवान् कृष्ण किछु गूढ़ चिन्तन (कर्मयोग – गीताक तेसर अध्याय)

मैथिली फिल्म केर सफलताक नव सूत्रः लोकसाहित्य

मैथिली फिल्म – सफलताक नया सूत्र भेटि गेल? (तीरभूक्ति पत्रिका मे प्रकाशनार्थ) – प्रवीण नारायण चौधरी बहुल्यजन मे भाषिक चेतनाक प्रसार संगहि मैथिली फिल्म केर सफलताक नव इतिहास लिखाय लागत। ‘राजा सलहेश’ लोकदेवताक रूप मे पूज्य छथि। लगभग-लगभग प्रत्येक गाम मे राजा सलहेश प्रति आस्था रखनिहार बहुजन समाज भेटिये टा जायत। वोटबैंक केर राजनीति भले मैथिली फिल्म केर सफलताक नव सूत्रः लोकसाहित्य

राजा सलहेश फिल्मक किछु मसाला गीत पर उपदेश देबाक पोंगापन्थ

देख रहल छी सबटा….. सन्दर्भ मैथिली फिल्म “राजा सलहेश” जेकरा मैथिली भाषा-साहित्य, संचार, फिल्म आदि सँ सब दिन घृणे रहल, जेकर फेसबुक के पोस्ट पर्यन्त अपन मातृभाषा मैथिली मे कहियो नहि भेल, सेहो आइ ‘राजा सलहेश’ फिल्म रिलीज भेलाक बाद अपन मातृभाषा मैथिली, ताहि मे रिलीज भेल सिनेमा, मिथिलाक लोकदेव राजा सलहेश, हुनक पवित्र श्रुति राजा सलहेश फिल्मक किछु मसाला गीत पर उपदेश देबाक पोंगापन्थ

दहेज प्रथा या कुप्रथा?

दहेज प्रथा कि कुप्रथा   “निश्चित बेटीक माय-बापक हाथ छनि दहेज कै बढ़ावा देबा मे। बेटी केँ दहेजक बलि-वेदी पर चढ़ेबा मे सेहो कतहु न कतहु हमहीं सभ दोषी छी, कियैकि सामर्थ्य सँ बेसी दहेज दऽ कय सरकारी नौकरीबला वर आनि गौरवान्वित महसूस करैत छी। हमरा बूझने जौं ओ सामर्थ्य हम सब अपन बेटी केँ दहेज प्रथा या कुप्रथा?

मिथिलाभाषा रामायणः अयोध्याकाण्ड छठम् अध्याय – गंगा पार करब

स्वाध्याय पाठ कविचन्द्र विरचित मिथिलाभाषा रामायण अयोध्याकाण्ड – छठम् अध्याय गंगा पार करब  ।चौपाइ। ।मिथिलासंगीतानुसारेण नामान्तरेण च योगिया-मालव-छन्दः। लक्ष्मण सौँ गुह कहल निषाद । राम-दशा देखि चित्त विषाद ॥१॥ देखिअ रामचन्द्र गति भाय । सुख-सुषुप्त कुश घास ओछाय ॥२॥ मणिपर्य्यङ्क भवन रमणीय । जेहन इन्द्र-सुखकर कमनीय ॥३॥ शुदिनि मन्थरा की अधलाहि । तकरे कहलेँ रानि मिथिलाभाषा रामायणः अयोध्याकाण्ड छठम् अध्याय – गंगा पार करब

मिथिलानी कनियाँ (काव्य)

काव्य – काजल चौधरी, योग प्रशिक्षिका, नई दिल्ली मिथिलानी कनियाँ (कनियाँ = पुतोहु, daughter-in-law) हम छी मिथिलानी कनियाँ घूँघट लैपटौप संग रखय छी! फायल मे माथा ओझराबी क्लाइंट्स सभक दुःख केँ मेटाबी घर आबि जखनहि पड़य छी सासु ननदि के बोल सुनै छी! हम छी मिथिला के नारी करौछ आ मोबाइल दुनू रखय छी हम मिथिलानी कनियाँ (काव्य)

मिथिलाभाषा रामायण – अयोध्याकाण्डः पाँचम अध्याय – श्री राम, सीता ओ लक्ष्मणजीक वन लेल प्रस्थान

स्वाध्याय पाठ कविचन्द्र विरचित मिथिलाभाषा रामायण  अयोध्याकाण्ड – पाँचम अध्याय वन के लेल राम, लक्ष्मण आ सीताक प्रस्थान ।चौपाइ। ।राग-तरङ्गिणी-ग्रन्थानुसारेण मंगलराज-विजय छन्दः। केकयि कयल कुठाठ कठोर । गुपचुप रहल न भय गेल सोर ॥१॥ केकयि-कृत शुनि शुनि उतपात । कह पुरजन बड़ कयलक घात ॥२॥ देति राम काँ विपिन पठाय । देखल न एहन कसाइनि मिथिलाभाषा रामायण – अयोध्याकाण्डः पाँचम अध्याय – श्री राम, सीता ओ लक्ष्मणजीक वन लेल प्रस्थान

सामाजिक संजाल आ हमर मिथिला

सामाजिक संजाल आ हमर मिथिला ‘संजाल कि जंजाल?’ – विषय पर गम्भीर विमर्श कयल गेल छल हालहि आयोजित जनकपुर साहित्य कला आ नाट्य महोत्सव मे। संजाल सँ सार्थकता-सकारात्मकताक भान होइत छैक, जंजाल सँ निरर्थकता या नकारात्मकताक। २००७ सँ संजालक सक्रिय उपयोग करैत हमर अनुभव संजालहि केर रहल, जंजाल किन्नहुं नहि बुझायल। अति सर्वत्र वर्जयेत – सामाजिक संजाल आ हमर मिथिला

महिला दिवस प्रसंग किछु जरूरी बात

महिला दिवस प्रसंगे किछु जरूरी बात   काल्हि ‘८ मार्च’ महिला दिवस छल। अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस – International Women’s Day! १९०८ ई. मे आजुक दिन अमेरिकन महिला सब आन्दोलन आरम्भ कयलीह – महिला लेल काज करबाक अवधि कम करबाक लेल, काजक बदला वेतन भुगतानी मे बढ़ोत्तरी करबाक लेल आ संगहि वोट खसेबाक अधिकार प्राप्त करबाक महिला दिवस प्रसंग किछु जरूरी बात

मिथिलाभाषा रामायण – अयोध्याकाण्ड चारिम अध्याय – लक्ष्मण आ सीताक वन जेबाक आग्रह

कवि चन्द्र विरचित मिथिलाभाषा रामायण अयोध्याकाण्ड – चारिम अध्याय लक्ष्मण आ सीताक वन जेबाक आग्रह ।चौपाइ। ।मिथिलासंगीतानुसारेण मिथिला गौड़-मालवं छन्दः। जैँ कौशल्या जानथि शञ्च । तेहन सुमित्रा कयल प्रपञ्च ॥१॥ रामक छवि देखल भरि नयन । नील-कमल-निन्दक छवि अयन ॥२॥ लेल अङ्क भरि लगइत गोड़ । सुत-मुख देखि हर्ष नहि थोड़ ॥३॥ कौशल्या उठि कहलनि मिथिलाभाषा रामायण – अयोध्याकाण्ड चारिम अध्याय – लक्ष्मण आ सीताक वन जेबाक आग्रह