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प्रवीण नारायण चौधरी

नेपालक आसन्न प्रतिनिधिसभा सदस्यक चुनाव तथा मैथिली भाषा

नेपालक चुनाव आ मैथिली भाषा – गुलाम मानसिकताक जनप्रतिनिधि (नेता वा निर्वाचन उम्मीदवार) केँ भाषा आधारित पहिचानक ज्ञानक घोर अभाव, – पहिचानक मूल आधार निजभाषा मे पर्यन्त गैर-शैक्षणिक व अवैज्ञानिक तथ्य सभक आधार पर समाज मे अन्तर्विभाजनक गलत खेलबेल करयवला देश मे ‘समान राष्ट्रियता भावना’ केर विकास असम्भव श्यामसुन्दर शशि ( Shyamsundar Shashi ) पेशा नेपालक आसन्न प्रतिनिधिसभा सदस्यक चुनाव तथा मैथिली भाषा

सहोड़वा (महोत्तरी) मे होयत कल्याणेश्वरी दुर्गा प्रतिमाक स्थापना, शंकराचार्य द्वारा होयत प्राण प्रतिष्ठा

कल्याणेश्वरी दुर्गाक प्रतिमा स्थापना आ महायज्ञक तैयारी – आइ २९ जनवरी २०२६ केँ भेल बँसकट्टी (उद्योग उद्यापन), १५ अप्रैल २०२६ केँ होयत समापन – ५ कुण्डीय सहस्रचण्डी महायज्ञ – कुल ५१ पंडितक सहभागिता – कलना बाबा द्वारा स्थापित भगवती मन्दिरक अपन विशेष इतिहास नेपालक महोत्तरी जिलान्तर्गत सहोड़वा गाम – जे कि जनकपुर-जलेश्वर मुख्य मार्ग (हाईवे) सहोड़वा (महोत्तरी) मे होयत कल्याणेश्वरी दुर्गा प्रतिमाक स्थापना, शंकराचार्य द्वारा होयत प्राण प्रतिष्ठा

शाश्वत मिथिला महोत्सव २०२६ः १ फरवरी केँ शाश्वत मिथिला भवन गाँधीनगर गुजरात मे

अहमदाबाद, २६ जनवरी २०२६ । मैथिली जिन्दाबाद !! शाश्वत मिथिला एवं माँ जानकी सेवा समिति अहमदाबाद केर संयुक्त आयोजना मे आगामी १ फरवरी २०२६ रवि दिन २ः३० बजे सँ अबेर सन्ध्या धरि भव्य “शाश्वत मिथिला महोत्सवर २०२६” केर आयोजन होयत । परम्परानुसार उद्घाटन सत्रक संग ‘कतेक जिबैए मैथिली’, सम्मान समारोह, पोथी विमोचन एवं साहित्यिक तथा शाश्वत मिथिला महोत्सव २०२६ः १ फरवरी केँ शाश्वत मिथिला भवन गाँधीनगर गुजरात मे

धर्मेन्द्र विह्वल केर ६ गोट मैथिली हाइकू

सन्दर्भ तीला संक्रान्ति : ६ टा हाइकू – धर्मेन्द्र विह्वल तीला संक्रान्ति ई मकर संक्रान्ति सूर्य झाँपल । (१) सूर्य-प्रतीक्षा नहि उगलै गोला नै छै तीलवा । (२) ओ नै बहतै हम तील बहबै परिवर्तन । (३) शर्द छै दिन ई कुहेस आतंक लोक नहि छै । (४) पुस्तान्तरण स्वीकृति किएक नै दृष्टि बदलू । धर्मेन्द्र विह्वल केर ६ गोट मैथिली हाइकू

‘छौड़ा’ शब्दक अपमान सँ मधेस आक्रोशित, नस्लीय सोच विरुद्ध बहिष्कार अभियान तेज

अर्चना झा, ललितपुर ८ पुष, २०८२ । मैथिली जिन्दाबाद !! नेकपा एमालेक नेता महेश बस्नेत द्वारा काठमाण्डू महानगरपालिकाक पुर्व मेयर आ राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टीके वरिष्ठ नेता बालेन शाहक कथन पर व्यङ्ग्य करैत ‘कुकुरक छाउरा’ कहल टिप्पणी कएलाक बाद मधेस भरि तीव्र विरोध शुरू भ’ गेल अछि। एहि कथन केँ मैथिली भाषा, संस्कृति आ मधेसी पहिचान ‘छौड़ा’ शब्दक अपमान सँ मधेस आक्रोशित, नस्लीय सोच विरुद्ध बहिष्कार अभियान तेज

दिल्ली मे मैथिली साहित्यक अनुपम डेग – ८२म साहित्यिक चौपाड़िक आयोजन सम्पन्न भेल

समाचार साभार – रामबाबू सिंह, मैथिली कवि व लेखक काल्हि १८ जनवरी २०२६ दिल्ली मे ८२म साहित्यिक चौपाड़िक आयोजन सम्पन्न भेल । सामान्यतया ई आयोजन खुल्ला आकाश तर सेन्ट्रल पार्क या अन्यत्र होइत आबि रहल छल, परञ्च २६ जनवरी गणतंत्र दिवसक तैयारी भ’ रहल स्थिति मे खुल्ला आकाश तर कोनो कार्यक्रम करबाक मनाक चलते ई दिल्ली मे मैथिली साहित्यक अनुपम डेग – ८२म साहित्यिक चौपाड़िक आयोजन सम्पन्न भेल

भगवान् लक्ष्मीनारायणक ध्यान स्तोत्र

वैकुण्ठाधिपति भगवान् श्री लक्ष्मीनारायणक ध्यान ध्यायाम्यप्राकृतौ सच्चिदानन्दमयविग्रहौ । लक्ष्मीनारायणौ दिव्यवैकुण्ठपुरवासिनौ ॥ नीलो नारायणो देवः पीताम्बरचतुर्भुजः । शंखचक्रगदापद्मवनमालाविभूषितः ॥ सुगन्धिः सरसः कान्तो माधुरीरसनिर्झरः । दयायाः सागरोऽनन्तः स एव परमा रमा ॥ लक्ष्मीर्हिरण्यवर्णा कनकाम्बरधारिणी । कञ्जद्वयवराऽभीतिवैजयन्तीविभूषिता ॥ पदपद्मप्रकाशेन ध्यायतां ध्वान्तनाशिनी । उदारा वत्सला देवी श्रीः पद्मा कमलेन्दिरा ॥ दिव्य वैकुण्ठ मे निवास करनिहार, अलौकिक सच्चिदानन्द विग्रहवला (भगवान्) भगवान् लक्ष्मीनारायणक ध्यान स्तोत्र

आधुनिक तकनीकी दुनिया मे मैथिलीक प्रसिद्ध साहित्यकार लोकनिक खोजक सन्दर्भ

मैथिली भाषा-साहित्यक पुरोधागण – लेकिन नव पीढ़ी मे परिचय नगण्य आइ एकटा विशेष कार्यक्रमक चर्चा करय चाहब । जाहि कार्यक्रम सँ अत्यधिक प्रेरणा प्राप्त करबाक अवसर हमरहु भेटल छल । ई कार्यक्रम गूगल मीट पर आदरणीय स्रष्टा रविन्द्र नारायण मिश्रक अगुवाई मे आयोजित भेल छल । अवसर छल डा. इन्द्रकान्त झा – मैथिलीक वरिष्ठ कवि आधुनिक तकनीकी दुनिया मे मैथिलीक प्रसिद्ध साहित्यकार लोकनिक खोजक सन्दर्भ

मैथिली भाषाक कवि-गीतकार-कथाकार ‘रा. ना. सुधाकर’ लेल शब्द-श्रद्धाञ्जलि सन्देशः मैथिली एसोसिएशन नेपाल

श्रद्धाञ्जलि सन्देश राम नारायण दास उर्फ रा. ना. सुधाकर (जन्मदिनः २००१-१२-०६ पुण्यतिथिः २०८२-०९-२३ विक्रम संवत साल) हे मैथिली कविश्रेष्ठ-कथाकार ‘रा. ना. सुधाकर’ जी, सर्वप्रथम अपनेक रचित अमर ‘काव्य’ केर किछु विशेष भाष गबैत छी । मोन पाड़ैत छी एक पूर्ण निरपेक्ष ‘कवि’ केँ जे सब दिने सर्वतंत्र-स्वतंत्र मानल जाइत छथि । जिनका परमात्मा सेहो कोनो मैथिली भाषाक कवि-गीतकार-कथाकार ‘रा. ना. सुधाकर’ लेल शब्द-श्रद्धाञ्जलि सन्देशः मैथिली एसोसिएशन नेपाल

जनकपुर – विराटनगर मे रंगारंग नहि विमर्श प्रधान मैथिली कार्यक्रम होइछ

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी जनकपुर मे ५, ६, ७ आ ८ गते फागुन २०८२ साल – ४ दिन धरि मैथिली भाषा-साहित्य, कला, रंगकर्म, सिनेकर्म, पुस्तक मेला, चित्रकला प्रदर्शनी, विद्वत् सम्मेलन आ सब सँ बेसी आकर्षक विन्दु होयत “अन्तर्राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव” जाहि मे नेपाल, भारत आ अन्य मुलुक केर नाट्य समूह सब भाग लेता । जनकपुर – विराटनगर मे रंगारंग नहि विमर्श प्रधान मैथिली कार्यक्रम होइछ