मिथिलाभाषा रामायण – सुन्दरकाण्ड चारिम अध्याय: रावण-हनुमान संवाद
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी कवि चन्द्र विरचित मिथिला भाषा रामायण सुन्दरकाण्ड – चारिम अध्याय रावणक दरबार मे हनुमानजी संग संवाद ।चौपाइ। बाँधल काँ पुरजन मिलि मार । कौतुक पहुँचल दशमुख-द्वार ॥१॥ त्रास-हीन हर्षित हनुमान । केवल कौशलेश-पद ध्यान ॥२॥ मारि गारि सबहिक सहि लेथि । पामर काँ नहि उत्तर देथि ॥३॥ मेघनाद कहलनि शुनु … मिथिलाभाषा रामायण – सुन्दरकाण्ड चारिम अध्याय: रावण-हनुमान संवाद








