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प्रवीण नारायण चौधरी

प्रदेश-१ नेपाल मे मैथिली आ लिम्बू भाषा बनत सरकारी कामकाज के भाषा

प्रदेश-१ नेपाल मे मैथिली आ लिम्बू भाषा बनत सरकारी कामकाज के भाषा विराटनगर, १५ सितम्बर 2022 । प्रदेश-१ सरकार के पर्यटन तथा संस्कृति मंत्रालय द्वारा गठित ९ सदस्यीय मस्यौदा सुझाव कार्यदल अन्तर्गत मैथिली भाषाभाषी सरोकार वाला संघ-संस्था केर प्रमुख व्यक्तित्व सभक बैसार आइ मंत्रालय मे सम्पन्न भेल अछि। एकर अध्यक्षता कार्यदल सदस्य एवं मैथिली सेवा प्रदेश-१ नेपाल मे मैथिली आ लिम्बू भाषा बनत सरकारी कामकाज के भाषा

रामचरितमानस मोतीः लक्ष्मणजीक क्रोध आ श्री रामजीक धनुष तोड़बाक तैयारी

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती श्री लक्ष्मणजीक क्रोध जनकजीक वचन सुनिकय चारूकात चुप्पी पसैर गेल अछि लेकिन ओतय मौजूद रघुवंशी राजकुमार आ ऋषि-मुनि लोकनि सहित सीताजी, रानी आ अन्य लोक सभक कि स्थिति अछि तेकर वर्णन तुलसीदासजी सन चतुर कविक दृष्टि सँ देखू – १. जनकक वचन सुनिकय सब स्त्री-पुरुष जानकीजी दिशि देखिकय रामचरितमानस मोतीः लक्ष्मणजीक क्रोध आ श्री रामजीक धनुष तोड़बाक तैयारी

रामचरितमानस मोतीः राजा लोकनि सँ धनुष नहि टरब आ राजा जनकक आक्रोश

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती मंगलगान कयनिहार ‘भाट’ द्वारा जनकप्रतिज्ञाक घोषणा आ राजा लोकनि सँ धनुष नहि उठब, जनक केर निराशाजनक वाणी धनुष यज्ञशाला मे सीता जीक प्रवेश उपरान्तः १. राजा जनक भाट लोकनि केँ बजौलनि। ओ सब वंश केर कीर्ति (विरुदावली) गबिते आबि गेलाह। राजा कहलखिन – जाय केँ हमर प्रण सब रामचरितमानस मोतीः राजा लोकनि सँ धनुष नहि टरब आ राजा जनकक आक्रोश

रामचरितमानस मोतीः श्री सीताजी केर धनुष यज्ञशाला मे प्रवेश

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती श्री सीताजी केर धनुष यज्ञशाला मे प्रवेश सुअवसर जानि जनकजी सीताजी केँ बजेबाक लेल आदेश देलनि। सब चतुर आ सुन्दर सखी लोकनि हुनका आरदपूर्वक आनय लेल विदाह भेलीह। १. रूप आ गुण केर खान जगज्जननी जानकी जीक शोभाक वर्णन नहि कयल जा सकैछ। हुनका लेल कवि तुलसीदासजी केँ रामचरितमानस मोतीः श्री सीताजी केर धनुष यज्ञशाला मे प्रवेश

रामचरितमानस मोतीः श्री राम-लक्ष्मण संग विश्वामित्र जीक धनुष यज्ञशाला मे प्रवेश

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती श्री राम-लक्ष्मण संग विश्वामित्र जीक धनुष यज्ञशाला मे प्रवेश गुरुजी कहि रहल छथि जे हे राम – हे लक्ष्मण, चलू! जनकजी के बोलाहट आबि गेल अछि। आगू – चलिकय सीताजीक स्वयंवर केँ देखबाक चाही। देखी जे ईश्वर किनका बड़ाई दैत छथि। १. लक्ष्मणजी कहलखिन – हे नाथ! जिनका रामचरितमानस मोतीः श्री राम-लक्ष्मण संग विश्वामित्र जीक धनुष यज्ञशाला मे प्रवेश

केहेन रहल जितिया पर्व समारोह २०७९ः विराटनगर सँ रचल इतिहास पर संछिप्त प्रतिवेदन

विराटनगर, ११ सितम्बर २०२२ । मैथिली जिन्दाबाद!! – प्रवीण नारायण चौधरी जितिया पर्व समारोह २०७९ भव्यता सँ सम्पन्न ११म आयोजन केँ ऐतिहासिक महत्वक सिद्ध कयलनि नेपालक पूर्व प्रधानमंत्री के पी ओली प्रमुख आतिथ्य प्रदान कय केँ। सन्तान के दीर्घायु संग सुख-समृद्धि वास्ते माता सब जे कठोर व्रत साधना करैत छथि तथा ई पाबनि मनेबाक परम्परा केहेन रहल जितिया पर्व समारोह २०७९ः विराटनगर सँ रचल इतिहास पर संछिप्त प्रतिवेदन

जितिया पाबनि आ नव परम्परा मे जितिया पाबनि महोत्सव

जितिया पर्व महोत्सव विराटनगर मे काल्हि आयोजित होयत महेन्द्र मोरंग कैम्पस के हाता मे सब साल जेकाँ अहु बेर वृहत् स्तर पर जितिया पर्व महोत्सव केर आयोजन ‘अपन विराटगढ़ परोपकार समाज’ एवं सामाजिक नेतृ वसुन्धरा झाक अगुवाई मे कयल जायत। एहि बेर नेपालक पूर्व प्रधानमंत्री श्री के पी ओली एहि महोत्सवक मुख्य अतिथि हेताह। जन-जन जितिया पाबनि आ नव परम्परा मे जितिया पाबनि महोत्सव

रामचरितमानस मोतीः सीताजी द्वारा गौरी पूजन एवं वरदान प्राप्ति तथा श्री राम-लक्ष्मण संवाद

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती श्री सीताजी द्वारा गौरी पूजन एवं वरदान प्राप्ति तथा राम-लक्ष्मण संवाद पैछला अध्याय मे सीताजी श्रीराम एवं लक्ष्मण केँ फुलवारी मे देखलथि… आगूः १. मृग, पक्षी और वृक्ष केँ देखबाक बहाने सीताजी बेर-बेर घुमि जाइत छथि आ श्री रामजीक छबि देखि-देखिकय हुनकर प्रेम खूब बढ़ि जाइत छन्हि। शिवजीक रामचरितमानस मोतीः सीताजी द्वारा गौरी पूजन एवं वरदान प्राप्ति तथा श्री राम-लक्ष्मण संवाद

रामचरितमानस मोतीः पुष्पवाटिका-निरीक्षण, सीताजीक प्रथम दर्शन, श्री सीता-रामजीक परस्पर दर्शन

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती पुष्पवाटिका-निरीक्षण, सीताजीक प्रथम दर्शन, श्री सीता-रामजीक परस्पर दर्शन १. राति बीतल, मुर्गाक शब्द कान सँ सुनिकय लक्ष्मणजी उठलाह। जगत केर स्वामी सुजान श्री रामचन्द्रजी सेहो गुरु सँ पहिने जागि गेलाह। सब शौचक्रिया कय नहा लेलाह। फेर संध्या-अग्निहोत्रादि नित्यकर्म समाप्त कय केँ ओ मुनि केँ मस्तक नमाकय प्रणाम कयलनि। रामचरितमानस मोतीः पुष्पवाटिका-निरीक्षण, सीताजीक प्रथम दर्शन, श्री सीता-रामजीक परस्पर दर्शन

रामचरितमानस मोतीः श्री राम व लक्ष्मण द्वारा जनकपुर निरीक्षण

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती श्री राम-लक्ष्मण केर जनकपुर निरीक्षण रामचरितमानस मोतीक पैछला अध्याय मे हम सब देखलहुँ जे केना राजा जनक मुनि विश्वामित्र जीक स्वागत लेल स्वयं हुनका लग आबि नगर मे लय गेलाह, हुनका लोकनिक निवास लेल सुन्दर व्यवस्था कयलनि आ जखन दुनू राजकुमार केँ देखलाह त सुइध-बुइध सबटा हेरा गेलनि। रामचरितमानस मोतीः श्री राम व लक्ष्मण द्वारा जनकपुर निरीक्षण