रामचरितमानस मोतीः अयोध्यावासी सहित श्री भरत-शत्रुघ्न केर वनगमन
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती अयोध्यावासी सहित श्री भरत-शत्रुघ्न आदिक वनगमन १. ओ सम्पत्ति, घर, सुख, मित्र, माता, पिता, भाइ जरि जाय जे श्री रामजीक चरणक सम्मुख होइ मे हँसिते सहयोग नहि करय। घरे-घर लोक अनेको प्रकारक सवारी सब सजा रहल अछि। हृदय मे बड़ा भारी हर्ष छैक जे भोरे चलबाक अछि। २. भरतजी … रामचरितमानस मोतीः अयोध्यावासी सहित श्री भरत-शत्रुघ्न केर वनगमन

