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प्रवीण नारायण चौधरी

बाढि सेहो मनोरंजनक साधन भऽ सकैत छैक की?

बाढि मे सेहो मनोरंजन केर नियति पहिल बेर एहेन बाढि आयल अछि जाहि मे किछु विशेष जनता एकदम खुशियाली मनबैत देखल जा रहल य। एक हाथ मोबाइल – एन्ड्राइड सेट आ दोसर हाथ मे एकटा मोटका लाठी लेने सेल्फी खींचबैत, हाहा-ठीठी करैत, पानिक धार केर वीडियोग्राफी करैत गामक विभिन्न क्षेत्र मे घुमैत देखल जा रहल बाढि सेहो मनोरंजनक साधन भऽ सकैत छैक की?

सम्भ्रान्त लोक के?

आजुक विचार  विराटनगर, १६ जुलाई २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! सम्भ्रान्त केर सहज अर्थ लगैत छैक ओहि व्यक्ति सँ जेकर प्रतिष्ठा समाज मे स्थापित रहैत छैक, जे प्रतिष्ठित अछि, ओ सम्भ्रान्त अछि। सम्भ्रान्तक परिभाषा पर साहित्यिक आ लौकिक दृष्टि राखू। जिनका समाज सँ कोनो सरोकारे नहि, जे समाजक वास्ते कोनो तरहक योगदान देबाक लेल सचेष्ट तक नहि, सम्भ्रान्त लोक के?

दिल्ली मे मैथिली पढेबाक संग-संग ५-दिवसीय मैथिली भोजपुरी उत्सव हरेक वर्ष मनेबाक निर्णय

१५ जुलाई २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली भोजपुरी अकादमी दिल्ली केर एक आन्तरिक बैसार उपरान्त भारतक राजधानी दिल्ली मे मैथिली एवं भोजपुरी भाषाक संरक्षण, संवर्धन आ विकास संग प्रवर्धन हेतु विभिन्न कार्यक्रम कयल जेबाक घोषणा कयल गेल अछि। दिल्लीक उपमुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्र मनीष शिशोदिया द्वारा प्रेस केँ देल गेल जानकारी मे कहल गेल अछि जे दिल्ली मे मैथिली पढेबाक संग-संग ५-दिवसीय मैथिली भोजपुरी उत्सव हरेक वर्ष मनेबाक निर्णय

मिथिला मे बाढि नेपालक कारणे नहि – पहाड़ सहित तराई मे मूसलाधार आ निरन्तर वर्षा मुख्य कारण

विशेष सम्पादकीय सब सँ पहिने १९८७ केर बाढिक बाद ओहने त्रासदीपूर्ण बाढि दोहरेबाक दुखद समाचार प्रति संवेदना व्यक्त कय रहल छी। बाढि प्रभावित क्षेत्र मे समुचित राहत कार्य तेजी सँ हो, कियो भुखले नहि मरय, माल-मवेशी आ मनुष्य केर जान सुरक्षा लेल आपदा प्रबन्धन कार्य खूब जोर-शोर सँ हो, ई सम्बन्धित राज्य आ राष्ट्रीय सुरक्षा मिथिला मे बाढि नेपालक कारणे नहि – पहाड़ सहित तराई मे मूसलाधार आ निरन्तर वर्षा मुख्य कारण

नेपालक आधुनिक मैथिली साहित्यक जन्मदाता ‘धीरेन्द्र’ केर जन्मदिन पर रोशन जनकपुरी शुभकामना

संस्मरण सन्देश – रोशन जनकपुरी, जनकपुर १४ जुलाई । डा. धीरेन्द्रक जन्मदिन । डा. धीरेश्वर झा धीरेन्द्र । नेपाली मैथिलीक स्कूल । डा. राजेन्द्र विमल स’, रामभरोस कापैड़ आ अनेकों मैथिलीक प्रसिद्ध सर्जकसब जिनकर शिष्य कहबैत गर्व करैत छैथ । नेपालक त्रिभुवन विश्वविद्यालय मे मैथिली विभागक पहिल विभागीय प्रमुख । नेपालमे आधुनिक मैथिली साहित्यक इतिहासक नेपालक आधुनिक मैथिली साहित्यक जन्मदाता ‘धीरेन्द्र’ केर जन्मदिन पर रोशन जनकपुरी शुभकामना

कहू जे भगवान् कियैक कनता – कृष्ण केर कनबाक विलक्षण रहस्य

स्वाध्याय श्री कृष्ण केर कनबाक रहस्य   (संकलन स्रोतः कल्याण, अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी, मूल संवादः कालाचाँद गीता)   एक बेर श्रीकृष्ण केँ कनैत देखिकय एक गोपी कनबाक कारण पुछलखिन। हुनका उत्तर मे श्रीकृष्ण कहैत छथिन –   ‘सुनू सखि! जतय प्रेम अछि, ओतय निश्चय टा आँखि मे नोरक धारा बहैत रहत। प्रेमीक हृदय पसीझिकय कहू जे भगवान् कियैक कनता – कृष्ण केर कनबाक विलक्षण रहस्य

मैथिलीक श्रेष्ठ साहित्यकार एवं नेपालक प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता रमेश रंजन झा केँ नेशनल अवार्ड

१४ जुलाई २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली भाषाक वरिष्ठ साहित्यकार – रंगकर्मी तथा नेपालदेशक प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता रमेश रंजन झा केँ नेपाली फिल्म शत्रुगते मे उत्कृष्ट अभिनय हेतु राष्ट्रीय पुरस्कार (अवार्ड) नेपालक राष्ट्रपति विद्या भंडारी केर हाथ सँ भेटलनि अछि। लोकसंचार द्वारा सम्प्रेषित समाचार जे सामाजिक संजाल मे देल गेल छल ताहि मे कहल गेल अछि मैथिलीक श्रेष्ठ साहित्यकार एवं नेपालक प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता रमेश रंजन झा केँ नेशनल अवार्ड

मिथिला अभियन्ता राजकिशोर बाबूक २५म वैवाहिक वर्षगाँठ पर मिथिला समारोह अहमदाबाद मे

१४ जुलाई २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली भाषा आ मिथिला संस्कृति संग-संग मिथिलाक ऐतिहासिक धरोहर केर संरक्षण, संवर्धन आ प्रवर्धनक दिशा मे सदिखन चिन्तनशील, कार्यक्रम योजना विकास मे संलग्न आर २०१९ केर आरम्भहि मे पश्चिम भारतीय महानगर ‘अहमदाबाद’ मे आयोजित “अन्तर्राष्ट्रीय मिथिला महोत्सव” केर संयोजक-परिकल्पक राजकिशोर झा केर २५म वैवाहिक वर्षगाँठ शाश्वत मिथिला अहमदाबाद परिवार मिथिला मिथिला अभियन्ता राजकिशोर बाबूक २५म वैवाहिक वर्षगाँठ पर मिथिला समारोह अहमदाबाद मे

आइ सँ शुरू भेल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर पटना मे, चेतना समितिक नव क्रान्तिकारी प्रयास

१४ जुलाई २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! भाषा, साहित्य आ संस्कृति केर सेवा सँ ऊपर आब चेतना समिति पटना किछु एहेन प्रयास सेहो आरम्भ कयलक अछि जाहि अन्तर्गत सीधा जन-जन सँ जुड़ाव बढत। आर एहि तरहें सेवाग्राही मैथिलीभाषी जनसमुदाय केँ अपन भाषा-संस्कृति आ सभ्यता संग सामाजिक-राजनीतिक अन्य सरोकार दिश सेहो झुकाव बनत। किछु एहि तरहक परिकल्पनाक संग आइ सँ शुरू भेल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर पटना मे, चेतना समितिक नव क्रान्तिकारी प्रयास

धनरोपनी सँ जुड़ल मिथिलाक साहित्य-संस्कारः गभ लेनाइ आ धनखेती लेल डाक-वचन

आलेख – प्रवीण नारायण चौधरी धनरोपनी सँ जुड़ल मिथिलाक साहित्य-संस्कार   के नहि जनैत छी जे बिना अन्न-पानि मानव जीवन किंवा सम्पूर्ण पर्यावरणीय संतुलन, हर जीव-जन्तु आ जीवन पद्धति स्वयं असंभव अछि। हम-अहाँ जे मिथिलाक लोक थिकहुँ एतय सेहो खेती-पाती आ घर-गृहस्थी संग जीवनचर्याक अपन एक अलग विशिष्ट परम्परा सुस्थापित अछि। हालांकि ई परम्परा आजुक धनरोपनी सँ जुड़ल मिथिलाक साहित्य-संस्कारः गभ लेनाइ आ धनखेती लेल डाक-वचन