रामचरितमानस मोतीः राम राज्याभिषेक, वेदस्तुति, शिवस्तुति
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती राम राज्याभिषेक, वेदस्तुति, शिवस्तुति १. अवधपुरी बहुते सुन्दर ढंग सँ सजायल गेल। देवता सब पुष्प वर्षाक झड़ी लगा देलनि। श्री रामचंद्रजी सेवक सब केँ बजाकय कहलनि जे अहाँ सब जाकय पहिने हमर सखा लोकनि केँ स्नान कराउ। भगवानक वचन सुनिते सेवक जहाँ-तहाँ दौड़लाह आ तुरन्त सुग्रीवादि केँ स्नान … रामचरितमानस मोतीः राम राज्याभिषेक, वेदस्तुति, शिवस्तुति




