रामचरितमानस मोतीः युद्धारम्भ
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती युद्धारम्भ जयति राम जय लछिमन जय कपीस सुग्रीव। गर्जहिं सिंहनाद कपि भालु महा बल सींव॥लंकाकाण्ड – ३९॥ १. महान् बल केर सीमा ओ बानर-भालू सिंह समान उच्च स्वर सँ ‘श्री रामजीक जय’, ‘लक्ष्मणजीक जय’, ‘बानरराज सुग्रीवक जय’- एना गर्जना करय लागल। २. लंका मे बड़ा भारी कोहराम मचि … रामचरितमानस मोतीः युद्धारम्भ








