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प्रवीण नारायण चौधरी

रामचरितमानस मोतीः युद्धारम्भ

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती युद्धारम्भ जयति राम जय लछिमन जय कपीस सुग्रीव। गर्जहिं सिंहनाद कपि भालु महा बल सींव॥लंकाकाण्ड – ३९॥ १. महान्‌ बल केर सीमा ओ बानर-भालू सिंह समान उच्च स्वर सँ ‘श्री रामजीक जय’, ‘लक्ष्मणजीक जय’, ‘बानरराज सुग्रीवक जय’- एना गर्जना करय लागल। २. लंका मे बड़ा भारी कोहराम मचि रामचरितमानस मोतीः युद्धारम्भ

मैथिली वेब सीरीज “नून रोटी” 27 अक्टूबर सँ प्रदर्शित होयत

7 अक्टूबर 2023। मैथिली जिन्दाबाद!! बहुचर्चित मैथिली भाषाक पहिल वेब सीरीज “नून रोटी” केर प्रदर्शन आगामी 27 अक्टूबर 2023 सँ “मधुर मैथिली” निर्माताक अपन यूट्यूब चैनल सँ होयत। एहि सन्दर्भ में दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजन करैत निर्माता निर्देशक सहित पूरा टीम द्वारा आ प्रेस विज्ञप्ति जारी करैत ई जानकारी देल गेल अछि। “Madhur Maithili मैथिली वेब सीरीज “नून रोटी” 27 अक्टूबर सँ प्रदर्शित होयत

फेसबुक सँ धरातल धरिः दहेज मुक्त मिथिला

सामुहिक गतिविधिक अनुपम उदाहरण – प्रवीण नारायण चौधरी दहेज मुक्त मिथिला परिवार के परिचय (नवागन्तुक लेल विशेष) बन्धुगण! ई फेसबुक समूह ‘दहेज मुक्त मिथिला’ केर स्थापना मूलतः ३ मार्च २०११ केँ भेल छल। सामाजिक संजाल मे मैथिल युवजन लोकनि एहि तरहक सोच संग आगू आयल रहथि। तदनुसार ई समूह मात्र फेसबुक पर कूरीति के विरूद्ध फेसबुक सँ धरातल धरिः दहेज मुक्त मिथिला

सामाजिक संजाल आ रतिचर मनुक्ख केर कथा

कथा – प्रवीण नारायण चौधरी रतिचर   सामाजिक संजाल मे राति भरि जागि-जागि उचकपनी-बतहपनी कयनिहार केँ रतिचर कहि रहल छी। मनुष्य केँ सुतबाक समय मे जागिकय मोबाइल पर लागल रहय के अवगुणक कारण ‘रतिचर’ कहब कोनो अतिश्योक्ति नहि होयत से आशा करैत छी। दिन मे जेना रतिचर केँ चोन्हरी लागि जाइछ आ राति मे घुमि-घुमिकय सामाजिक संजाल आ रतिचर मनुक्ख केर कथा

मैथिली भाषा – आधारभूत शब्द आ शब्दकोश

लेख – शशि भूषण झा ‘नागदह’ मैथिली भाषा शब्दक ओ समूह जे कोनो भाषाक आधार होइत छै, ओकरा ओहि भाषाक आधारभूत शब्दावली कहल जाइत अछि। कोनो भाषा सिखबाक लेल ओहि भाषाक शब्दावली केर ज्ञान हेबाक परमावश्यक होइत छै। कोनो भाषामे एहि प्रकारक आधारभूत शब्दक संख्या प्रायः तीन हजारसँ पाँच हजार धरि होइत छै। मैथिली आधारभूत मैथिली भाषा – आधारभूत शब्द आ शब्दकोश

मैथिली के अमरगीत ‘कोयली’ के रचनाकार चन्द्रभानु सिंह

साभार: मैथिल जागरण पुनर्प्रकाश एवं राजकुमार झा लेखक: शशिबोध मिश्र शशि महाकवि चन्द्रभानु सिंह : व्यक्तित्व आ कृतित्व – शशिबोध मिश्र ‘शशि’ मैथिली दैनिक राष्ट्रीय अखबारमे प्रकाशित आलेख पढ़ि मिथिलाक विभूति स्वर्गीय चन्द्रभानु सिंहकें अशेष नमन निवेदित करैत छी। – राजकुमार झा ************************************************** स्वर्गीय चन्द्रभानु सिंहक जन्म दरभंगा जिलाक बिरौल थानान्तर्गत नदियामी गाममे भेल छलनि। मैथिली के अमरगीत ‘कोयली’ के रचनाकार चन्द्रभानु सिंह

मैथिलीक ३ चर्चित स्रष्टाक जन्मशतवार्षिकी कार्यक्रम सम्पन्न

५ अक्टूबर २०२३, मैथिली जिन्दाबाद!! साभारः वरिष्ठ कवि-लेखक ‘रमाकान्त राय रमा’ सुपौलमे साहित्य अकादेमी आ किसुन संकल्पलोकक द्विदिवसीय कार्यक्रम सम्पन्न! साहित्य अकादमी नई दिल्ली आ किसुन संकल्पलोक, सुपौल द्वारा आयोजित द्विदिवसीय सेमिनार 2 अक्टूबरकें भारत सेवक समाज महाविद्यालय, सुपौलक सभागारमे सम्पन्न भ’ गेल। एहि सेमिनारमे दिवंगत सयवर्षक वा ओहूसं अधिक बयसक तीन गोट साहित्यकार चन्द्रभानु मैथिलीक ३ चर्चित स्रष्टाक जन्मशतवार्षिकी कार्यक्रम सम्पन्न

रामचरितमानस मोतीः अंगद-राम संवाद, युद्ध केर तैयारी

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती अंगद-राम संवाद, युद्ध केर तैयारी १. एम्हर सुबेल पर्वत पर श्री रामजी अंगद केँ बजौलनि। ओ आबिकय चरणकमल मे सिर नमौलनि। बहुत आदर सँ ओ लग मे बैसिकय खर (राक्षस) केर शत्रु कृपालु श्री रामजी हँसिकय बजलाह – हे बालि केर पुत्र! हम बहुत उत्सुक भ’ रहल छी। रामचरितमानस मोतीः अंगद-राम संवाद, युद्ध केर तैयारी

बस अपन कर्म मे लागल रहू

सार्थक काज के कमी नहि छैक मिथिला मे अपने सब देखैत होयब जे बिना बातक बात मे लोक कतेक फँसबैत छैक। अहाँ चाहबो नहि करब तैयो लोक अहाँक नाम लय-लय कय कतेको रंग के अन्दाज आ कल्पना सब करैत रहत। कियैक? कियैक त आजुक दुनिया मे व्यावसायिकता आ सामाजिकता सँ बहुतो लोक केँ कोनो मतलब बस अपन कर्म मे लागल रहू

सहरसा मे आयोजित एक दिवसीय परिसंवादः मैथिली सिनेमा आ साहित्य

४ अक्टुबर, २०२३ । मैथिली जिन्दाबाद!! सहरसा सँ आबिकय…. हम प्रवीण नारायण चौधरी, एक सहभागी विमर्शी ई संस्मरण लिखि रहल छी। पहिने संछिप्त समाचारः ३० सितम्बर २०२३ केँ साहित्य अकादमी, नई दिल्ली संग स्थानीय आयोजक ईस्ट एन वेस्ट टीचर्स ट्रेनिंग कालेज, पटुआहा, सहरसा द्वारा एक दिवसीय परिसंवाद – मैथिली सिनेमा आ साहित्य विषय पर आयोजित सहरसा मे आयोजित एक दिवसीय परिसंवादः मैथिली सिनेमा आ साहित्य