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प्रवीण नारायण चौधरी

सामा चकेवा के अद्भुत आ वास्तविक कथा

आलेख – कुमुद मोहन झा सामा चकेवा मिथिलांचल अपन विशेष लोक संस्कृति सॅ चिन्हल जाइत अछि. मिथिला के लोक जीवन प्रकृति केॅ जाहि रूप मे देखने छै, जाहि रूप मे आत्मसात कएने छै, जाहि रंग मे रंगि केॅ ओकर साक्षात्कार कएने छै ओकर चित्रण अप्पन आस्था, रीति रिवाज, पाबनि तिहार आ’ नाच गान के द्वारा सामा चकेवा के अद्भुत आ वास्तविक कथा

चलैत चलू – बढ़ैत चलू

दर्शन – प्रवीण नारायण चौधरी चलैत चलू – बढैत चलू सभक जीवनकाल मे किछु अनुभव एतेक विशिष्ट आ अन्तर्मनक गहिराई मे भेल करैत छैक जेकर बल पर ओ एकटा ‘द्रष्टा’ बनि गेल करैत अछि। आब एहने कोनो शिथिल मस्तिष्क किंवा सुसुप्त व्यक्ति केँ जँ द्रष्टा बनबाक अवसर नहि भेटय त ओ बात अलादा भेल, लेकिन चलैत चलू – बढ़ैत चलू

रामचरितमानस मोतीः सीता संग राम केर विवाह आ विदाई प्रसंग

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती श्री सीता-राम विवाह, विदाई पैछला अध्याय मे अयोध्या सँ बरियातीक आगमन आ जनकपुर मे हुनका सभक स्वागतादिक विहंगम प्रसंग छल। सखी लोकनि श्री सीताजी केँ खूब नीक सँ श्रृंगार कय केँ विवाह मंडप मे अनलीह – आगू निरन्तरता मे देखल जाउ विवाह केना सम्पन्न होइत अछि आ जनकनन्दिनी रामचरितमानस मोतीः सीता संग राम केर विवाह आ विदाई प्रसंग

फिल्मजगत’क पहिल मैथिल नायक : त्रिदीप कुमार

फिल्मजगत’क पहिल मैथिल नायक : त्रिदीप कुमार – किसलय कृष्ण मिथिलाक माटि बहुआयामी प्रतिभा सँ भरल अछि आ सभ क्षेत्र मे आरम्भहि सँ अपन सार्थक हस्तक्षेप दैत आयल अछि । आइ गप्प करैत छी अभिनयक क्षेत्र मे सक्रिय रहल एकटा एहने मैथिल प्रतिभाक संदर्भ मे । भारतीय सिनेमा संसार मे मिथिलाक सहभागिता आरम्भहि सँ रहल फिल्मजगत’क पहिल मैथिल नायक : त्रिदीप कुमार

सभक लेल पठनीय-मननीय कथाः उपासना

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी नैतिक कथाः उपासना भगवान् राम जखन लंका पर चढाइ करबाक लेल समुद्र किनार पहुँचला… अथाह-अगम समुद्र केँ देखि राम व हुनक बानरी सेना समुद्र टपबाक उपाय सोचय लगलाह। हलाँकि महावीर बजरंगी हनुमान एकटा उदाहरण ओहि सँ पूर्वहि बना चुकल छलाह समुद्रनंघन करैत… मुदा समस्त सेना लेल ओहि प्रक्रिया मे जायब सभक लेल पठनीय-मननीय कथाः उपासना

महाभारत – एक महाकाव्यरूपी महान ग्रन्थ केर लेखनक इतिहास

स्वाध्याय महाभारत लेखन – साभारः कल्याण (मैथिली अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी) महाभारत आर्ष साहित्यक सब सँ पैघ ग्रन्थ थिक, विषय एवं कलेवर दुनू दृष्टि सँ एकर महत्व सर्वमान्य छैक। भारतवर्ष केर संस्कृति, सभ्यता अथवा आदर्श केर प्राचीन चित्र देखबाक हो त ओ महाभारत मे देखल जा सकैत अछि। ई एक अगाध महासागर समान अछि। एकर महाभारत – एक महाकाव्यरूपी महान ग्रन्थ केर लेखनक इतिहास

मनन करय योग्य बातः गीताक यथार्थ पाठ

स्वाध्याय मनन करय योग्य बात गीता पाठ केर सत्य स्वरूप – गोलोकवासी सन्त श्री प्रभुदत्तजी ब्रह्मचारी (मैथिली अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी) श्री चैतन्य महाप्रभु साँझक समय जंगल दिश घुमय गेल करथि। एक दिन ओ एकटा बगीचा मे गेलाह। ओतय ओ देखलथि जे एक गोट ब्राह्मण आसन लगेने बड़ा प्रेम आ गदगद कंठ सँ गीताक पाठ मनन करय योग्य बातः गीताक यथार्थ पाठ

रामचरितमानस मोतीः राम-जानकी विवाह आ जनकपुर मे बरियातीक स्वागत प्रसंग

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती अयोध्या सँ बरियातीक आयब आ स्वागतादिक अद्भुत कथा प्रसंग चलि रहल छल जे राजा जनक श्री रामजी द्वारा धनुष भंग करबाक आ आगू जानकीजी संग विवाह होयबाक सूचना दूत मार्फत राजा दशरथजी लग पठौलनि आ राजा दशरथ ई समाचार पाबि अत्यन्त गदगद भाव सँ भरिकय बरियाती साजि जनकपुर रामचरितमानस मोतीः राम-जानकी विवाह आ जनकपुर मे बरियातीक स्वागत प्रसंग

नेपाल आम निर्वाचन – प्रतिनिधिसभा सदस्य व प्रदेशसभा सदस्यक चुनाव मंसिर ४ केँ

सावधान नेपाली जनता नेपाल मे नव स्थापित संघीयता आ लोकतांत्रिक गणतंत्र केँ बचेबाक लेल विभिन्न राजनीतिक दल अपन अपन प्रयास मे जी-जान लगौने अछि। 4 मंसिर चुनाव होयत। प्रतिनिधि सभा आ प्रदेश सभा दुनू के चयन दोसर बेर करत जनता। पहिल बेर के अनुभव बहुत खट्टा मीठा अछि। स्थानीय निकाय के चुनाव दोसर बेर सफलता नेपाल आम निर्वाचन – प्रतिनिधिसभा सदस्य व प्रदेशसभा सदस्यक चुनाव मंसिर ४ केँ

प्रेरणास्पद प्रसंग – एक सत्यकथा ‘दृढ़ विश्वास’

सत्यकथा – प्रवीण नारायण चौधरी दृढ़ विश्वास जखन चमत्कार सँ साक्षात्कार करब त अहाँक विश्वास दृढ़ होबय लागत। एक बालक केँ सुतला उपरांत पहिल निन मे डरावना सपना आबय आ ओ बहुत घबराहट सँ उठिकय कानय लगैत छल। ई तखनहि होइक जखन ओ अपन महान आस्थावान पिता सँ अलग भ बाहर कतहु असगर मे सुतय। प्रेरणास्पद प्रसंग – एक सत्यकथा ‘दृढ़ विश्वास’