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प्रवीण नारायण चौधरी

डा. जयकान्त मिश्र केर जन्म-जयन्ती पर डा. रमण केर ई महत्वपूर्ण आलेख

साभार डा. रमानन्द झा रमण केर फेसबुक पोस्ट डा. जयकान्त मिश्रक जन्मदिनक अवसरपर साहित्य अकादेमीमे मैथिली साहित्य अकादेमीमे मैथिली कोना स्वीकृत भेल, तकर गाथा मैथिलीक महारथी लोकनि अपना-अपना ढ़गेँ गढ़ि अपन-अपन पीठ अपनहि ठोकलनि अछि। सभक गाथा जुबानी-जमा खर्च जकाँ अछि। एहना स्थितिमे ई आवश्यक छल जे एकर वृतान्त प्रामाणिक रूपेँ लिखल जाए किएक तँ डा. जयकान्त मिश्र केर जन्म-जयन्ती पर डा. रमण केर ई महत्वपूर्ण आलेख

विद्यापतिक एहि रचनाक वास्तविक भाव विरले किनको बुझल होयत

साहित्य महाकवि विद्यापति के कतेको रचना के वास्तविक अर्थ बहुत लोक के बुझय नहि अबैत अछि। जय जय भैरवि हो या कतेको लोकप्रिय नचारी आ अन्यान्य रचना, गाबैत सब अछि मुदा भाव स्पष्ट नहि रहैत छैक। एकटा एहने प्रसिद्ध रचना छन्हि पिआ मोर बालक हम तरुणी गे, एकर भाव के सम्बन्ध में बहुत बेसी भ्रम विद्यापतिक एहि रचनाक वास्तविक भाव विरले किनको बुझल होयत

रामचरितमानस मोतीः अयोध्याकाण्ड – दोसर सोपान के आरम्भ

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी प्रथम सोपान अर्थात् बालकाण्ड केर विभिन्न अध्याय केर मोतीक दर्शनोपरान्त आब हमरा सब दोसर सोपान अयोध्याकाण्ड मे प्रवेश कय रहल छी। एक बेर फेर मोन पाड़य चाहब जे उद्देश्य एतबे अछि कि मानवीय जीवन लेल वरदान ‘रामचरितमानस’ मे देल गेल उत्कृष्ट उदाहरण आ सहज शिक्षा केर लाभ हम समस्त मैथिल रामचरितमानस मोतीः अयोध्याकाण्ड – दोसर सोपान के आरम्भ

कालजयी स्रष्टा सोमदेवजी केँ हार्दिक श्रद्धाञ्जली

साभार – प्रेम विदेह ललन, जनकपुर, फेसबुक पोस्ट मैथिली साहित्यक मूर्धन्य साहित्यकार आचार्य सोमदेवजीक देहावसानक समादसँ मैथिली साहित्यकार सभा – परिवार स्तब्ध अछि। सुविख्यात कवि, उपन्यासकार, कथाकार, नाटककार, समालोचक, सम्पादक सोमदेवजी परसू मङ्गल दिन ( 15 नवम्बर ) नश्वर शरीर छोडि गेलाह। ओ साहित्यमे प्रगतिवादसहित रङ्ग-विरङ्गक वाद प्रयोग करैत रहलाह। ओ सहजतावादक प्रवर्तक सेहो भेलाह। कालजयी स्रष्टा सोमदेवजी केँ हार्दिक श्रद्धाञ्जली

सन्दर्भ नेपालक आम निर्वाचन – परसू अपन मतदान जरूर करू

चुनाव नौटंकी नहि बाध्यता बुझू सन्दर्भ ४ मंसिर (२० नवम्बर २०२२) केँ नेपाल मे आम निर्वाचन लोकतंत्र मे लोक द्वारा चयनित जनप्रतिनिधि मार्फत सरकार गठन कय संवैधानिक मार्गदर्शन अनुसार शासन व्यवस्था संचालित होइत छैक। एकटा निश्चित समयावधि पर विभिन्न स्तर के जनप्रतिनिधिक चयन कयल जाइत छैक। नेपाल मे तीन तह के जनप्रतिनिधिक चयन करैत तीन सन्दर्भ नेपालक आम निर्वाचन – परसू अपन मतदान जरूर करू

रामचरितमानस मोतीः राम चरित् सुनबाक – गेबाक माहात्म्य

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती श्री रामचरित्‌ सुनबाक-गेबाक महिमा रामचरितमानस मोती मे बालकाण्ड केर अन्तिम अध्याय मे आबि गेल छी हम सब। पिछला अध्याय मे श्री रामजानकी सहित अन्य भाइ व हुनक बधू संग सम्पूर्ण अयोध्या आ विशेष कय केँ राजा दशरथ केर राजमहल मे जे आनन्द उत्सव भेल, जाहि तरहें जानकीजी व रामचरितमानस मोतीः राम चरित् सुनबाक – गेबाक माहात्म्य

रामचरितमानस मोतीः श्री सीतारामजीक विवाहोपरान्त अयोध्या वापसी पर स्वागत

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती श्री सीतारामजीक विवाहोपरान्त अयोध्या वापसी पर स्वागत प्रसंग पूर्व अध्याय मे जनकपुर सँ जानकीजी सहित चारू बहिन आ श्रीरामजी सहित चारू भाइ संग सम्पूर्ण बरियाती आ समधि केर विदाई करबाक विहंगम चर्चा पढ़लहुँ। आब आगू वर-बरियाती सहित सब कियो अयोध्या लौटला उपरान्त के दृश्यक अवलोकन करूः बरियातीक अयोध्या रामचरितमानस मोतीः श्री सीतारामजीक विवाहोपरान्त अयोध्या वापसी पर स्वागत

स्वयं महादेव सहाय रहलथि एहि महायज्ञक सफलता लेल – सौराठ सभा सन्दर्भ भाग-२

सौराठ सभागाछी मे सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग पूजन महायज्ञ कल्पना करू त! एहि महायज्ञ केँ पूरा करय मे कि-केना आधार खर्च, पूजा-अर्चना केर व्यवस्थापन खर्च, बाहर सँ आयल लाखों लोकक स्वागत आ सत्कार संग रहबाक, खेबाक-पीबाक खर्च कतेक भेल हेतय? सम्पूर्ण आयोजन मे ५ हजार सँ ऊपर गाड़ी-घोड़ा लागल छलैक। मधुबनी पंचकोशी सँ लैत मिथिलाक स्वयं महादेव सहाय रहलथि एहि महायज्ञक सफलता लेल – सौराठ सभा सन्दर्भ भाग-२

जागि गेला माधवेश्वरनाथ – फेर लागत सौराठ सभा – भाग १

विराटनगर, १५ नवम्बर २०२२ । मैथिली जिन्दाबाद!! हालहि सम्पन्न सवा करोड़ शिवलिंग पूजनोत्सवर (सौराठ) सँ वापस आबि सम्पादक प्रवीण नारायण चौधरी अपन संस्मरण पाठक संग अलग-अलग भाग मे आ अलग-अलग आधारविन्दु पर आधारित लेख (धारावाहिक) प्रस्तुत कय रहल छथि। प्रत्यक्षदर्शी व अनुभवी व्यक्ति (पाठक) अपन विचार सेहो कमेन्ट मार्फत अथवा व्हाट्सअप द्वारा सीधे सम्पादक केँ जागि गेला माधवेश्वरनाथ – फेर लागत सौराठ सभा – भाग १

नित्यकर्म पूजाप्रकाश – एक पुस्तक जे मानव-जीवन लेल अमृत सिद्ध भ’ सकैत अछि

पुस्तक परिचय – प्रवीण नारायण चौधरी नित्यकर्म-पूजाप्रकाश परमाचार्य पंडित श्री रामभवनजी मिश्र व पंडित श्री लालबिहारीजी मिश्र केर लेखन-सम्पादन मे लिखल ई पोथी अत्यन्त उपयोगी अछि। हमरा लोकनि जाहि समाजक अंग छी तथा जेहेन संस्कार परम्परा सँ अबैत देखलहुँ, किंवा जाहि संस्कार, आचार-विचार आ दैनिकी व्यवहार केँ अनुसरण करैत छी ताहि लेल अत्यधिक उपयोगी अछि नित्यकर्म पूजाप्रकाश – एक पुस्तक जे मानव-जीवन लेल अमृत सिद्ध भ’ सकैत अछि