Search

प्रवीण नारायण चौधरी

बिहारक सब जिलाक सदर अस्पताल मे खुजत आईसीयू तथा एकीकृत जाँच केन्द्र

पटना, ९ दिसम्बर २०२२ । मैथिली जिन्दाबाद!! बिहारक प्रत्येक जिलान्तर्गत रहल सदर अस्पताल मे बनत ५० बेडक आईसीयू तथा लैबरेटरी आयुष्मान भारत हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन अन्तर्गत बिहार के प्रत्येक जिला मे स्थित सदर अस्पताल मे ५० बेड के सघन उपचार केन्द्र तथा एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशाला के निर्माण करायल जायत। ई काज पटना एम्स तथा बिहारक सब जिलाक सदर अस्पताल मे खुजत आईसीयू तथा एकीकृत जाँच केन्द्र

रामचरितमानस मोतीः श्री सीता एवं श्री राम के बीच वनगमन पूर्व के अद्भुत संवाद

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती श्रीसीता-राम संवाद श्री सीता-राम संवाद १. माताक सामने सीताजी सँ किछु कहय मे लजाइत छथि श्री रामजी। मुदा मनहि-मन ई बुझि जे ई समइये एहेन अछि… ओ बजलाह – “हे राजकुमारी! हमर सिखावन सुनू। मन मे किछु दोसर तरहें नहि बुझि लेब। जँ अपन आ हमर भलाई चाहैत रामचरितमानस मोतीः श्री सीता एवं श्री राम के बीच वनगमन पूर्व के अद्भुत संवाद

रामचरितमानस मोतीः श्रीराम द्वारा माता कौसल्या सँ वनगमन लेल आशीर्वाद मांगब

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती श्री राम-कौसल्या संवाद १. अयोध्याक समस्त नारी-पुरुष श्रीराम प्रति वनगमनक आदेश सँ अत्यन्त विषाद मे पड़ि गेल अछि। स्वामी श्री रामचंद्रजी माता कौसल्या लग पहुँचलथि। एहि समय हुनकर मुखमंडल पर प्रसन्नताक आभा स्पष्ट छन्हि। चित्त मे उत्साह चौगुना बढ़ि गेल छन्हि। ईहो चिन्ता मेटा गेल छन्हि जे कहुँ रामचरितमानस मोतीः श्रीराम द्वारा माता कौसल्या सँ वनगमन लेल आशीर्वाद मांगब

रामचरितमानस मोतीः श्री राम दशरथ संवाद प्रसंग वनवास

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती श्री राम-दशरथ संवाद, अवधवासी केँ विषाद, कैकेइ केँ बुझेनाय १. राम-कैकेइ संवादक बीच राजाक मूर्छा दूर भेलनि। ओ ‘राम-राम’ स्मरण करैत करोट फेरलनि। मंत्री हुनका श्री रामचन्द्रजीक अयबाक बात कहि समयानुकूल विनती कयलनि। जखन राजा सुनलनि जे श्री रामचन्द्र अयलाह अछि त ओ धीरज धय आँखि खोललनि। मंत्री रामचरितमानस मोतीः श्री राम दशरथ संवाद प्रसंग वनवास

रामचरितमानस मोतीः श्रीराम-कैकेइ संवाद

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती श्री राम-कैकेयी संवाद १. श्री रामचन्द्रजीक स्वभाव कोमल और करुणामय अछि। ओ अपन जीवन मे पहिल बेर दुःख देखलनि, एहि सँ पहिने कहियो ओ दुःख सुननहियो नहि रहथि। तथापि ओ समय के विचार कयकेँ हृदय मे धीरज राखि मीठ वचन सँ माता कैकेइ सँ पुछलथि – हे माता! हमरा रामचरितमानस मोतीः श्रीराम-कैकेइ संवाद

रामचरितमानस मोतीः दशरथ सँ कैकेइ केर दुइ वरदानक माँग आ तेकर बाद….

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती दशरथ-कैकेइ संवाद आ तदोपरान्त दशरथ-कैकेइ संवाद और दशरथ शोक, सुमन्त्र केर महल मे जायब आर ओतय सँ घुमिकय श्री रामजी केँ महल मे पठायब १. छन्द : केहि हेतु रानि रिसानि परसत पानि पतिहि नेवारई। मानहुँ सरोष भुअंग भामिनि बिषम भाँति निहारई॥ दोउ बासना रसना दसन बर मरम रामचरितमानस मोतीः दशरथ सँ कैकेइ केर दुइ वरदानक माँग आ तेकर बाद….

रामचरितमानस मोतीः कैकेइ केर कोपभवन मे प्रवेश

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती कैकेइ केर कोपभवन मे जायब १. पापिनी मन्थरा खुब नीक सँ घात लगाकय बाजल – हे रानी! अहाँ कोपभवन मे चलि जाउ। सब बात अत्यन्त सावधानी सँ बनाउ, राजा पर तुरन्ते विश्वास नहि कय लेब, हुनकर बहलायब-फुसलायब मे नहि आबि जायब। २. कुबरी केँ रानी प्राणक समान प्रिय रामचरितमानस मोतीः कैकेइ केर कोपभवन मे प्रवेश

रामचरितमानस मोतीः सरस्वती द्वारा मंथराक बुद्धि फेरब आ तदोपरान्त….

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती सरस्वती द्वारा मन्थराक बुद्धि फेरब आ कैकेइ-मन्थरा संवाद श्रीरामजीक युवराज नहि बनय देबाक कुचक्रक प्रसंग १. मन्थरा नाम के कैकेइ केर एक मन्दबुद्धि दासी रहथि, ओकरे अपयशक पेटारी बना सरस्वती ओकर बुद्धि केँ फेरिकय चलि गेलीह। मन्थरा देखलक जे पूरा नगर सजायल अछि, सुन्दर मंगलमय बधावा चारू दिशि रामचरितमानस मोतीः सरस्वती द्वारा मंथराक बुद्धि फेरब आ तदोपरान्त….

रामचरितमानस मोतीः राम राज्याभिषेक केर तैयारी आ देवता लोकनिक व्याकुलता

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती राम राज्याभिषेकक तैयारी, देवता लोकनिक व्याकुलता तथा सरस्वती सँ हुनका सब द्वारा प्रार्थना १. सम्पूर्ण अयोध्यावासीक मोन मे आब यैह अभिलाषा छन्हि आर सब देवाधिदेव महादेव सँ प्रार्थना कय केँ कहैत छथि जे राजा अपन जीबिते श्री रामचन्द्र जी केँ युवराज पद दय देथि। २. एक समय रघुकुल रामचरितमानस मोतीः राम राज्याभिषेक केर तैयारी आ देवता लोकनिक व्याकुलता

सभक आँखि मे नोर छोड़ि चलि गेलाह गायक पवन नारायण

22 नवम्बर 2022, मैथिली जिन्दाबाद। – किसलय कृष्ण हँसैत-गाबैत विदा भ’ गेलाह पवन नारायण किसलय कृष्ण …आ पंचतत्व मे विलीन भ’ गेल प्रसिद्ध गायक पवन नारायण’क नश्वर देह, मुदा सैकड़ों रेकार्डेड गीत मे हुनक स्वर गूँजैत रहत सदिखन । विगत शनि’क राति लछमिनियाँ (सहरसा)क विद्यापति स्मृति पर्व मे मिथिला विभूति सम्मान ग्रहण आ प्रस्तुतिक अगिले सभक आँखि मे नोर छोड़ि चलि गेलाह गायक पवन नारायण