रामचरितमानस मोतीः हनुमान्जी द्वारा भरतजीक प्रश्न पुछलापर श्री रामजीक सुन्दरतम् उपदेश
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती हनुमान्जी द्वारा भरतजीक प्रश्न पुछलापर श्री रामजीक सुन्दरतम् उपदेश १. भरतजी प्रभुक श्रीमुखक वाणी सुनय चाहैत छथि, जे सुनि सबटा भ्रम केर नाश भ’ जाइछ। अंतरयामी प्रभु सब जानि गेलाह आ पुछय लगलाह – “कहू हनुमान्! कि बात छैक?” तखन हनुमान्जी हाथ जोड़िकय कहलखिन – “हे दीनदयालु भगवान्! … रामचरितमानस मोतीः हनुमान्जी द्वारा भरतजीक प्रश्न पुछलापर श्री रामजीक सुन्दरतम् उपदेश



