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प्रवीण नारायण चौधरी

कल्पना चावलाक स्मृति मे – हुनकर एक प्रेरणादायक कथा

साभार – बेटर इंडिया पर प्रकाशित अंग्रेजी आलेख (मूलप्रति सहित) भारतक सुप्रसिद्ध अन्तरिक्षयात्री कल्पना चावला – जन्म १७ मार्च १९६२ आ मृत्यु १ फरवरी २००३ ।  कक्षा १२ केर बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण कयलाक बाद, कल्पना चावला इंजीनियरिंग करियर कें अपन सपना पूरा करबाक निर्णय कयलीह । हुनकर पिताजी एहि पक्ष मे नहि रहथि आर हुनका कल्पना चावलाक स्मृति मे – हुनकर एक प्रेरणादायक कथा

कविचन्द्र विरचित मिथिलाभाषा रामायण – बालकाण्ड – पाँचम अध्याय

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी कविचन्द्र विरचित मिथिलाभाषा रामायण  बालकाण्ड – पाँचम अध्याय  राम आ लक्ष्मण केर मिथिला-प्रस्थानः अहिल्योद्धार  अथ पंचमोऽध्यायः ।चौपाइ। तिन दिन प्रभु रहला ओ देश । कन्द मूल फल भोजन वेश ॥१॥ कहलनि कौशिक कथा पुराण । पुरुष पुराण सहज सब जान ॥२॥ चारिम दिन कहलनि औ राम । नव उत्सव मिथिलाधिप कविचन्द्र विरचित मिथिलाभाषा रामायण – बालकाण्ड – पाँचम अध्याय

मिथिलाभाषा रामायण – बालकाण्ड – चारिम अध्यायः विश्वामित्र द्वारा दशरथ सँ राम-लक्ष्मणक याचना, रामचन्द्र द्वारा ताटका, सुबाहू आर मारीच सँ युद्ध

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी कविचन्द्र विरचित मिथिलाभाषा रामायण बालकाण्ड – चारिम अध्याय अथ चतुर्थोऽध्यायः विश्वामित्र द्वारा दशरथ सँ राम आ लक्ष्मणक याचना ।चौपाइ। कौशिक रामक दर्शन काज । गेला दशरथ नृपति समाज ॥१॥ दशरथ कयल तनिक सन्मान । मुनि वसिष्ठ सन गुरु मतिमान ॥२॥ अपनेक सदृश जाथि जन जतय । संपति सकल पहुँच सब मिथिलाभाषा रामायण – बालकाण्ड – चारिम अध्यायः विश्वामित्र द्वारा दशरथ सँ राम-लक्ष्मणक याचना, रामचन्द्र द्वारा ताटका, सुबाहू आर मारीच सँ युद्ध

कोशी प्रदेशक सरकारी कामकाजक भाषा मे मैथिली आ लिम्बूः विधेयक कहिया पारित होयत?

विराटनगर, ६ फरवरी २०२५ । मैथिली जिन्दाबाद !! कोशी प्रदेशक सरकारी कामकाजक भाषा सम्बन्धी अन्तरक्रिया कार्यक्रम (कोशी प्रदेशक सामाजिक विकास मंत्रालयक समन्वयमे भाषा आयोग काठमांडूक आयोजन) आइ विराटनगरमे कोशी प्रदेशक मुख्यमंत्री हिकमतकुमार कार्कीक प्रमुख आतिथ्यमे नेपालक भाषा आयोगद्वारा सरकारी कामकाजक भाषा विधेयक (२०८१) उपर अन्तरक्रिया कार्यक्रमक आयोजन सम्पन्न भेल । मुख्यमंत्री कार्कीद्वारा कार्यक्रम सभागारहिसँ सम्बन्धित कोशी प्रदेशक सरकारी कामकाजक भाषा मे मैथिली आ लिम्बूः विधेयक कहिया पारित होयत?

भगवान शिव केँ केना प्रसन्न करबनि आ हुनकर आशीर्वाद केना प्राप्त करब ?

स्वाध्याय भगवान शिव केँ केना प्रसन्न करब आर हुनकर आशीर्वाद केना प्राप्त करब ?   (एकटा प्रेरणास्पद आ हमर प्रिय विषय केर लेख, साभारः पांचकृत्य, मैथिली अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी)   हिंदू धर्म केर प्रमुख देवता लोकनि मे एक भगवान शिव केँ दुर्गुण (दुर्जन) केँ नाश करयवला आ सर्वोच्च देवत्वक स्वामी त्रिमूर्ति लोकनि जाहि मे भगवान शिव केँ केना प्रसन्न करबनि आ हुनकर आशीर्वाद केना प्राप्त करब ?

शरणागति – हमर जीवनक सर्वाधिक प्रेरणादायक पुस्तक – आब मैथिली मे

शरणागति ॐ श्री परमात्मने नमः! [श्रीमद्भागवद्गीताक अठारहमा अध्यायक ६६मा श्लोकक विस्तृत विवेचन ] – स्वामी रामसुखदासजी महाराज (मैथिली भावानुवाद – प्रवीण नारायण चौधरी) हमर भावः अपन जीवन मे ई पुस्तक हमरा बहुत पैघ मार्गदर्शन कएने अछि, आब अपन सन्तान व ओकर समतुर पीढ़ी लेल एकर मैथिली रूप प्रस्तुत करैत ओकरहु सभक जीवन मे ओहने सुन्दर शरणागति – हमर जीवनक सर्वाधिक प्रेरणादायक पुस्तक – आब मैथिली मे

Sugauli Treaty And Subsequent Correspondences For Various Understandings

Treaty of Peace between the Honourable East India Company and Maha Rajah Bikram Sah, Rajah of Nipal, settled between Lieutenant-Colonel Bradshaw on the part of the Honourable Company, in virtue of the full powers vested in him by His Excellence the Right Honourable Francis Earl of Moira Knight of the Most Noble Order of the Garter, one of Sugauli Treaty And Subsequent Correspondences For Various Understandings

मिथिलाभाषा रामायण – उत्तरकाण्ड – आठम अध्यायः रामचन्द्रजीक समस्त बन्धु-बान्धव, प्रजाजन-सहित स्वर्ग प्रस्थान, रामायणक माहात्म्य

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी कविचन्द्र विरचित मिथिलाभाषा रामायणक स्वाध्यायक आइ आखिरी अध्यायक पाठ थिक । हमरा बुझने पहिल बेरुक पाठ मे आधा सँ बेसी बात आ वर्णन बुझय मे आबि गेल । परञ्च आगामी समय मे एकर मैथिली अनुवादक प्रकाशन सेहो अपना लेल आ अपन पाठक लेल राखब, ताहि वचनबद्धताक संग, ई अन्तिम अध्याय मिथिलाभाषा रामायण – उत्तरकाण्ड – आठम अध्यायः रामचन्द्रजीक समस्त बन्धु-बान्धव, प्रजाजन-सहित स्वर्ग प्रस्थान, रामायणक माहात्म्य

देख देख मोरा कोहुना देख – अटेन्सन-सीकर कविजी

प्रहसन – प्रवीण नारायण चौधरी कविजीक कविताक लिंक आइ-काल्हि अधिकतर कविजी अपन कविताक लिंक सब शेयर करैत रहैत छथि । अटेन्सन-सीकर जेकाँ लोकक ध्यानाकर्षण लेल टैग सेहो कय दैत छथिन लोक सब केँ । कोहुना कियो ओहि सामग्री केँ देखिकय दस बेर ‘वाह-वाह’ कय दियय, मोन मानि जायत । एकटा कथा मोन पड़ैत अछि एहि देख देख मोरा कोहुना देख – अटेन्सन-सीकर कविजी

मिथिलाभाषा रामायण – उत्तरकाण्ड – सातम अध्यायः रामक भ्राता व सन्तान सब केँ राज्याभिषेक, कालपुरुषक आगमन आ लक्ष्मणक स्वर्ग जायब

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी कविचन्द्र विरचित मिथिलाभाषा रामायण उत्तरकाण्ड – सातम अध्याय रामक भ्राता व सन्तान सब केँ राज्याभिषेक, कालपुरुषक आगमन आ लक्ष्मणक स्वर्ग जायब ।चौपाइ। अथ एक समय युधाजित नाम । आबि अयोध्या भरतक माम ॥१॥ रघुनन्दन-आज्ञा काँ पाय । निजपुर लय गेल भरत लेआय ॥२॥ महती सेना समर अभीति । गन्धर्व्वक नायक मिथिलाभाषा रामायण – उत्तरकाण्ड – सातम अध्यायः रामक भ्राता व सन्तान सब केँ राज्याभिषेक, कालपुरुषक आगमन आ लक्ष्मणक स्वर्ग जायब