रामचरितमानस मोतीः राम-भरत संवाद, पादुका प्रदानक संग भरतजीक बिदाइ
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती श्री राम-भरत-संवाद, पादुका प्रदान, भरतजीक बिदाइ १. ऐगला (छठम्) दिन भोरे स्नान कयकेँ भरतजी, ब्राह्मण समाज, राजा जनक और अन्य समस्त समाज आबि जुटलथि। आइ सबकेँ विदा करबाक लेल नीक दिन अछि, ई मोन मे जानि कृपालु श्री रामजी कहय मे सकुचा रहल छथि। श्री रामचन्द्रजी गुरु वशिष्ठजी, … रामचरितमानस मोतीः राम-भरत संवाद, पादुका प्रदानक संग भरतजीक बिदाइ







