मैथिल मे पसरैत एक महान खराब आदति “परोक्ष निन्दा”
विचार – प्रवीण नारायण चौधरी परोक्ष चर्चा अथवा निन्दा पापकर्म थिक बहुत अफसोस संग अपन मिथिलाक लोक मे आबि रहल कमजोरीक उल्लेख करय पड़ैत अछि। कमजोरी पर आंगूर उठेनाय लेखनी धर्मक कर्तव्य थिक तेँ लिखि रहल छी। परोक्ष मे कुचर्चा करब हमरा सभक खराब आदति बनि गेल अछि। ओना त मानवहि केर खराब आदति मे … मैथिल मे पसरैत एक महान खराब आदति “परोक्ष निन्दा”


