रामचरितमानस मोतीः रामजीक दंडकवन मे प्रवेश, जटायु मिलन, पंचवटी निवास तथा श्री राम-लक्ष्मण संवाद
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती रामजीक दंडकवन मे प्रवेश, जटायु मिलन, पंचवटी निवास तथा श्री राम-लक्ष्मण संवाद १. अगस्त्य मुनि श्री रामजी केँ आगू कहैत छथि – “हे प्रभो! एकटा परम मनोहर आर पवित्र स्थान अछि पंचवटी। हे प्रभो! अपने दण्डक वन जतय पंचवटी अछि तेकरा पवित्र करू। श्रेष्ठ मुनि गौतमजीक कठोर श्राप … रामचरितमानस मोतीः रामजीक दंडकवन मे प्रवेश, जटायु मिलन, पंचवटी निवास तथा श्री राम-लक्ष्मण संवाद




