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प्रवीण नारायण चौधरी

रामचरितमानस मोतीः दशरथजी लग जनकजीक दूत के पहुँचनाय आ बरियाती प्रस्थान

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती दशरथजी लग जनकजीक दूत पहुँचनाय, अयोध्या सँ बरियाती प्रस्थान पैछला अध्याय मे परशुरामजीक कोप केँ श्रीरामजी द्वारा समाधान कयला उपरान्त राजा जनक गुरु विश्वामित्रजी प्रति कृतज्ञताक भाव व्यक्त करैत हुनक आभार सेहो प्रकट करैत छथि, कहैत छथि जे सबटा अहींक कृपा सँ संभव भेल अछि। धन्य अहाँ जे रामचरितमानस मोतीः दशरथजी लग जनकजीक दूत के पहुँचनाय आ बरियाती प्रस्थान

कि हमर संविधान खतरा मे अछि?

की हमर संविधान खतरा मे अछि? – Kaushalkishore Jha पिछला सप्ताह हमरा लोकनि दूटा अभूतपूर्व घटना के गवाह बनलौं जे हमर वर्तमान संविधान के स्थायित्व पर प्रतिकूल प्रभाव डालि सकैत अछि । पहिल छल नेपाल के सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान निलंबित मुख्य न्यायाधीश के पिछला संसद में निवर्तमान संसद सदस्य द्वारा हुनका खिलाफ लगाओल गेल कि हमर संविधान खतरा मे अछि?

अङ्गीकृत नागरिकताक विवाद पर भारत मे मिथिलावादीक प्रतिक्रिया

भारतीय मिथिला भूभाग केँ राज्य बनेबाक मांग करयवला सामाजिक-राजनीतिक संस्था अखिल भारतीय मिथिला राज्य संघर्ष समिति द्वारा नेपाल मे उठि रहल नागरिकता सम्बन्धी वाद-विवाद आ ताहि मे अङ्गीकृत नागरिकता प्रदान करबाक विन्दु पर देल जा रहल नव-नव तर्क प्रति संज्ञान लैत नेपाली राजदूतावास नई दिल्ली मे एक ज्ञापन पत्र दैत एहि तरहक अराजक राजनीति सँ अङ्गीकृत नागरिकताक विवाद पर भारत मे मिथिलावादीक प्रतिक्रिया

अङ्गीकृत नागरिकता के नाम पर अनावश्यक राजनीति प्रति नेपाली दूतावास केँ ज्ञापन

नई दिल्ली, २४ सितम्बर २०२२ । मैथिली जिन्दाबाद!! नेपाल मे जाहि तरहें अङ्गीकृत नागरिकताक नाम पर नेपाल-भारत बीच अदौकाल सँ रहल बेटी-रोटी सम्बन्ध केँ डैमेज करबाक कुचक्र कयल जा रहल अछि ताहि पर अखिल भारतीय मिथिला राज्य संघर्ष समिति द्वारा संज्ञान लैत नेपाली राजदूतावास मे ज्ञापन पत्र सौंपल गेल अछि। समितिक संयोजक एवं प्रवक्ता सहित अङ्गीकृत नागरिकता के नाम पर अनावश्यक राजनीति प्रति नेपाली दूतावास केँ ज्ञापन

रामचरितमानस मोतीः राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती श्री राम-लक्ष्मण और परशुराम-संवाद पूर्वक अध्याय मे सीताजी द्वारा श्री रामजीक गला मे स्वयंवरक माला पहिरेबाक आ तदोपरान्त परशुराम जीक प्रवेश आ हुनक कोप केर चर्चा पढ़लहुँ। श्री रामजी द्वारा परशुराम सँ सम्बोधनक आरम्भ आ एहि सँ आगू – १. हे नाथ! शिवजीक धनुष केँ तोड़यवला अहाँक कियो रामचरितमानस मोतीः राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

विधेयक तुरन्त राजपत्र मे प्रकाशित कय समाधान करू

सन्दर्भ – नागरिकता संशोधन विधेयक २०७९ (नेपाल) विधेयक तुरन्त राजपत्र मे प्रकाशित कय समाधान करू एक गलत नजीर सँ हजार बेर गलती हेबाक अवसर भेटि जाइत छैक। नेपालक सर्वोच्च न्यायालय स्वतः संज्ञान लियए राष्ट्रपति द्वारा संविधानक घोर अपमानक… अन्यथा आबयवला समय मे संविधानक परिधि सँ बाहर जाय मनमौजी निर्णय लेबाक खतरनाक अभ्यास शुरू भ’ जायत। विधेयक तुरन्त राजपत्र मे प्रकाशित कय समाधान करू

नेपालक राष्ट्रपति नागरिकता विधेयक पर हस्ताक्षर नहि कय संविधानक अवज्ञा कयलीह

आइ नेपालदेश मे एक्के टा चर्चा हरेक जुबान पर अछि – राष्ट्रपति विद्यादेवी भंडारी द्वारा नेपालक प्रतिनिधि सभा एवं राष्ट्रीय सभा (लोअर आ अपर हाउस अफ रिप्रेजेन्टेटिव्स) द्वारा बहुमत सँ पारित नागरिकता संशोधन विधेयक पर अपन हस्ताक्षर नहि कय लाखों अनागरिक नेपालीक भविष्य संग खेलबाड़ कयलीह। राष्ट्रपति केँ संविधानक संरक्षक मानल जाइत छन्हि, लेकिन संविधानक नेपालक राष्ट्रपति नागरिकता विधेयक पर हस्ताक्षर नहि कय संविधानक अवज्ञा कयलीह

प्रदेश १ मे मैथिली आ लिम्बू केँ सरकारी कामकाजी भाषा बनेबाक कानूनः सुझाव संकलन

विराटनगर, २० सितम्बर २०२२ । मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली आ लिम्बू भाषा होयत सरकारी कामकाजी भाषा – नेपालक प्रदेश १ केर मंत्री संग निर्णायक बैसार प्रदेश १ मे मैथिली तथा लिम्बू भाषा केँ सरकारी कामकाज के भाषा बनेबाक मस्यौदा पर मैथिली भाषाभाषी एवं लिम्बू भाषाभाषी समुदाय केर संयुक्त विमर्श कार्यक्रम होटल एशियाटिक विराटनगर में सम्पन्न भेल। प्रदेश १ मे मैथिली आ लिम्बू केँ सरकारी कामकाजी भाषा बनेबाक कानूनः सुझाव संकलन

स्पेस में मिथिला राज्य पर विहंगम चर्चा: विगत दुइ मास सँ निरन्तरता में

ट्विटर स्पेस पर झमटगर विमर्शः सन्दर्भ मिथिला राज्य विदित हो जे एडवान्स टेक्नोलोजी के युग मे ‘सोशल मीडिया’ के भूमिका मानव जीवन मे बहुत महत्वपूर्ण सिद्ध भ’ रहल अछि। एहि क्रम मे ट्विटर स्पेस पर विगत दुइ मास सँ बेसी सँ दर्जनों वक्ता-श्रोता ‘मिथिला राज्य’ पर विमर्श केँ बढावा दय रहल छथि। हालहि एहि फीचर स्पेस में मिथिला राज्य पर विहंगम चर्चा: विगत दुइ मास सँ निरन्तरता में

रामचरितमानस मोतीः सीता स्वयंवर व परशुराम क्रोध

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती जयमाला पहिरेनाय, परशुरामक आगमन व क्रोध पैछला अध्याय मे श्री रामजी द्वारा शिवधनुष केँ क्षणहि मे भंग करबाक प्रकरण पढ़लहुँ। सभक प्रसन्नताक सीमा नहि रहबाक बात हमहुँ-अहाँ बुझि सकैत छी, जतय कियो घुसकइयो नहि सकल रहय आ जनक उदास भ’ गेल रहथि… ताहि ठाम जानकी जीक व्याकुलता केँ रामचरितमानस मोतीः सीता स्वयंवर व परशुराम क्रोध