रामचरितमानस मोतीः केवटक प्रेम आ गंगा पार उतरबाक रोचक-प्रेरक प्रसंग
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती केवटक प्रेम आर गंगा पार जायब १. जिनक वियोग मे पशु एहि तरहें व्याकुल अछि, हुनक वियोग मे प्रजा, माता आर पिता केना जियैत रहता? श्री रामचन्द्रजी जबर्दस्ती सुमंत्र केँ लौटेलनि आ तदोपरान्त ओ गंगाजीक तीर पर अयलाह। ओतय ओ केवट सँ नाव मंगबौलनि, मुदा ओ नाव लय … रामचरितमानस मोतीः केवटक प्रेम आ गंगा पार उतरबाक रोचक-प्रेरक प्रसंग






