रामचरितमानस मोतीः देवता लोकनिक स्तुति, इंद्र केर अमृत वर्षा
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती देवता लोकनिक स्तुति, इंद्र केर अमृत वर्षा पराम्बा जानकीक अग्नि परीक्षा उपरान्त…. १. देवता सब हर्षित भ’ कय फूल बरसाबय लगलाह। आकाश मे डंका बाजय लागल। किन्नर सब गीत गाबय लागल। विमान सब पर चढ़ल अप्सरा लोकनि नाचय लगलीह। जनकसुता समेत प्रभु सोभा अमित अपार। देखि भालु कपि … रामचरितमानस मोतीः देवता लोकनिक स्तुति, इंद्र केर अमृत वर्षा


