हम आबि रहल छी – मैथिली धारावाहिक भाग ५ एवं ६
उपन्यास पर आधारित मैथिली धारावाहिक उपन्यासकारः रबीन्द्र नारायण मिश्र हम आबि रहल छी- भाग 5 5 दुपहरिआमे डेराक घंटी बाजल । हम औंघाइत रही । अकचका गेलहुँ । जाबे उठी-उठी ताबे तँ तरातर-तरातर कैकबेर घंटी बाजि गेल । “खोलि रहल छी ।” हम ससरि कए केबार लग जाइत छी । केबार खोलबाक प्रयास करैत छी … हम आबि रहल छी – मैथिली धारावाहिक भाग ५ एवं ६







