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प्रवीण नारायण चौधरी

माध्वसंमत-द्वैतवेदान्तवादः – पंडित रुद्रधर झा द्वारा वेद वर्णित विज्ञान पर महत्वपूर्ण प्रकाश

स्वाध्याय माध्वसंमत-द्वैतवेदान्तवादः – पंडित रुद्रधर झा (अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी)   श्रीमन्मध्वमते हरिः परतरः सत्यं जगत्तत्त्वतो- भेदो जीवगणा हरेरनुचरा नीचोच्चभावं गतः। मुक्तिर्नैजसुखानुभूतिरमला भक्तिश्च तत्साधनं ह्यक्षादित्रितयं प्रमाणमखिलाम्नायैकवेद्यो हरिः॥   १. स्वतन्त्र चेतन – सर्वज्ञ-अचिन्त्यशक्तिसम्पन्न – अनन्तगुणाश्रय भगवान् विष्णु एक परमतत्त्व   २. अस्वतन्त्र चेतन – जीव अनन्त अणु   ३. पञ्च भेदाः सत्याः – जीवेश्वरभेदः, जीवजडभेदः, माध्वसंमत-द्वैतवेदान्तवादः – पंडित रुद्रधर झा द्वारा वेद वर्णित विज्ञान पर महत्वपूर्ण प्रकाश

मिथ्याचार सँ जीवन मे शान्ति आ सुख कहियो नहि भेट सकैत अछिः आध्यात्मिक सीख

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी कनी टा ध्यान देबय!   वन्दे वन्दनतुष्टमानसमतिप्रेमप्रियं प्रेमदं पूर्णं पूर्णकरं प्रपूर्णनिखिलैश्वर्यैकवासं शिवम्। सत्यं सत्यमयं त्रिसत्यविभवं सत्यप्रियं सत्यदं विष्णुब्रह्मनुतं स्वकीयकृपयोपात्ताकृतिं शङ्करम्॥   वन्दना केला सँ जिनकर मोन प्रसन्न होएत छन्हि, जे प्रेम टा केँ अत्यन्त प्रिय मानैत छथि, जे प्रेम प्रदान करैत छथि, पूर्ण आनन्दमय, भक्त लोकनिक अभिलाषा पूर्ण करैत छथि, मिथ्याचार सँ जीवन मे शान्ति आ सुख कहियो नहि भेट सकैत अछिः आध्यात्मिक सीख

दूरक ढोल सोहाओन – मिथिलाक बेटा द्वारा मिथिलाक परम्परा दूसबाक प्रवृत्ति कतेक उचित?

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी आ थोपड़ीक आवाज सँ सभागार गरगरा गेल…..   बात कि छल…. कने गौर करू!!   ओ हमर गामक नीक लोकक संतान, अपनो बहुत तेज आ होशियार। बाल्यकालहि सँ हुनकर प्रतिभाक खूब चर्चा हुअय। कक्षा मे आर-आर बच्चा सँ हुनकर नाम काफी आगू रहन्हि। होनहार वीरवान् के होत चिकने पात वाली दूरक ढोल सोहाओन – मिथिलाक बेटा द्वारा मिथिलाक परम्परा दूसबाक प्रवृत्ति कतेक उचित?

दहेज उत्पीड़णक कारण दहेज मुक्त मिथिलाक मिथ्याचारी संरक्षक पर सामाजिक कार्रबाई

दहेज मुक्त मिथिलाक मुम्बई महाबैसार   * दहेज उत्पीड़णक एक खतरनाक मामिला   * स्वयं दहेज मुक्त मिथिलाक एक सम्माननीय पदेन सदस्य पर आरोप   * शंका आ सन्देहक कारण वैवाहिक सम्बन्ध बिगड़बाक केस   * घर मे आनल गेल पुतोहुक आत्मसम्मान केर रक्षाक बदला ओकरा घर मे नौकरानी बनाकय रखबाक कुचक्र   * महिलाक दहेज उत्पीड़णक कारण दहेज मुक्त मिथिलाक मिथ्याचारी संरक्षक पर सामाजिक कार्रबाई

एक और सवाल मैथिली लेल विधान परिषद् मे – भारतीय काँग्रेसक नेता प्रेमचन्द्र मिश्र द्वारा

काज करनिहार केँ बेर-बेर नमन!!   …… आर ई देखू जे भारतीय काँग्रेस केर एक प्रखर प्रवक्ता संग बिहार विधान परिषद् केर सदस्य माननीय प्रेमचन्द्र मिश्र पुनः बिहार विधान परिषद् केर शून्यकाल मे सभापति समक्ष काल्हि २५ जुलाई एकटा अत्यन्त महत्वपूर्ण प्रश्न रखलनि अछि –   शून्यकाल   माननीय सभापति महोदय,   विभिन्न मैथिली भाषा-भाषी एक और सवाल मैथिली लेल विधान परिषद् मे – भारतीय काँग्रेसक नेता प्रेमचन्द्र मिश्र द्वारा

मिथिलाक्षर शिक्षा अभियानः औचित्य, उपयोगिता, आवश्यकता आ अनिवार्यता

साक्षात्कारः मुकेश कुमार मिश्र, मिथिलाक्षर शिक्षा अभियान केर संचालक संग मैथिली जिन्दाबाद संपादक प्रवीण नारायण चौधरी जँ मिथिलाक्षर नहि सीखने छी त अहाँ अपूर्ण मैथिल भेलहुँः मिथिलाक्षर अभियानी मुकेश किछुए दिन पूर्व मे भारतक एक मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर दरभंगा सांसद कीर्ति आजाद केर प्रश्नक लिखित उत्तर दैत भारतक संसदीय सदन मे कहने छलाह जे मिथिलाक्षर शिक्षा अभियानः औचित्य, उपयोगिता, आवश्यकता आ अनिवार्यता

मैथिली पोथी ‘किछु फुरा गेल हमरा’ पर साहित्यकार-समीक्षक दिलीप कुमार झा केँ कि फुरेलनि

पोथी समीक्षा पोथीक नामः किछु फुरा गेल हमरा, रचनाकारः किसन कारीगर, समीक्षकः दिलीप कुमार झा दिल्ली सँ श्री किशन कारीगर जीक कविता संग्रह आयल अछि। संग्रहक नाम अछि ‘किछु फूरा गेल हमरा’ । पोथीमे कुल बयालिस गोट कविता संग्रहित अछि। पाँच बर्ख पूर्ब प्रकाशित एहि पोथीक कविता सभ कविक प्रारंभिक अवस्थाक कविता सभ अछि से मैथिली पोथी ‘किछु फुरा गेल हमरा’ पर साहित्यकार-समीक्षक दिलीप कुमार झा केँ कि फुरेलनि

मिथिलाक्षर एवं कैथी लिपि लेल राष्ट्रीय प्रशिक्षण सह कार्यशालाक आयोजन दरभंगा मे

आशीष चौधरी, दरभंगा। जुलाई २३, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!! मिथिलाक्षरक संरक्षण आ संवर्धन पर विषय गोष्ठी भारतीय भाषा संस्थान, मैसूर (उच्च शिक्षा विभाग, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार) केर स्वर्ण जयंती प्रशिक्षण श्रृंखलाक अन्तर्गत मिथिलाक्षर (तिरहुता) एवं कैथी लिपि केर “राष्ट्रीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला” केर आयोजन दिनांक 21 जुलाई सँ 27 जुलाई 2018 तक महाराजा मिथिलाक्षर एवं कैथी लिपि लेल राष्ट्रीय प्रशिक्षण सह कार्यशालाक आयोजन दरभंगा मे

सहरसा मे भेल शैलेन्द्र शैलीक एकल कविता वाचन

किसलय कृष्ण, समाचार संपादक, मैथिली जिन्दाबाद – सहरसा, जुलाई २३, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!! “भावबोध, शिल्प आ शब्द चयन कविता लेल आवश्यक तत्व अछि… बेसी सँ बेसी देशज शब्दक प्रयोग कोनो काव्यक सकारात्मक पक्ष थीक… मुदा कविताक संप्रेषणीयता प्रति सतर्क रहब जरूरी… एहि संदर्भमे मम्मटक प्राचीन काव्य सिद्धान्त, राजशेखरक साहित्य दर्पणसँ ल’ क’ रमानाथ झा, पं. सहरसा मे भेल शैलेन्द्र शैलीक एकल कविता वाचन

सीतामढीक मैथिली कवि सम्मेलन पर राम बाबू सिंह ‘मधेपुर’

सीतामढीक मैथिली कवि सम्मेलन  रिपोर्टः रामबाबू सिंह ‘मधेपुर’  सीतामढ़ी मे मैथिली कवि सम्मेलन सम्मत || रामबाबू सिंह मधेपुर माँ जानकीक प्राकट्य स्थल अछि #सीतामढ़ी आ तेँ अहि पावन पुण्य भूमिकेँ मिथिलाक केंद्र सेहो कहल जा सकैत अछि। कहिओ प० रामलोचन सरण, प० मधुसूदन झा, प्रसिद्ध कवि कुलानन्द मिश्र, सत्यानन्द पाठक, बलदेव लाल कुलकिंकर आदि मैथिली साहित्य केर सर्जनामे सीतामढीक मैथिली कवि सम्मेलन पर राम बाबू सिंह ‘मधेपुर’