रामचरितमानस मोतीः निषाद केर शंका आर सावधानी
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती निषाद केर शंका आर सावधानी १. राति भरि सई नदीक तीर पर निवास कय सबेरे ओतय सँ (भरत-शत्रुघ्न संग वनगमन कयनिहार समस्त अयोध्यावासी) चलि देलाह आर सब कियो श्रृंगवेरपुर लग आबि गेलाह। निषादराज सब समाचार सुनलनि त ओ दुःखी भ’ हृदय मे विचार करय लगलाह – कि कारण … रामचरितमानस मोतीः निषाद केर शंका आर सावधानी

