रामचरितमानस मोतीः श्री राम दशरथ संवाद प्रसंग वनवास
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती श्री राम-दशरथ संवाद, अवधवासी केँ विषाद, कैकेइ केँ बुझेनाय १. राम-कैकेइ संवादक बीच राजाक मूर्छा दूर भेलनि। ओ ‘राम-राम’ स्मरण करैत करोट फेरलनि। मंत्री हुनका श्री रामचन्द्रजीक अयबाक बात कहि समयानुकूल विनती कयलनि। जखन राजा सुनलनि जे श्री रामचन्द्र अयलाह अछि त ओ धीरज धय आँखि खोललनि। मंत्री … रामचरितमानस मोतीः श्री राम दशरथ संवाद प्रसंग वनवास



