गाम-गाम मे फेर सँ बहत मैथिलीक अविरल धाराः मधुबनी जागि गेल
कलना महादेवस्थान, मधुबनी। सितम्बर १५, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली भाषा मे रचनाशीलताक इतिहास बहुत गहिंर रहलैक अछि। परन्तु पैछला कतेको दसक मे मिथिला बिहारक एकटा उपनिवेश समान बनि गेलाक बाद आ बिहार सरकारक घोर उपेक्षा सँ एहि भाषाकेँ मरणासन्न अवस्था मे पहुँचेलाक बाद स्वयं मैथिलीभाषी द्वारा अपन भाषाक प्रयोग करब धरि लज्जाक अनुभूति देबाक उदाहरण … गाम-गाम मे फेर सँ बहत मैथिलीक अविरल धाराः मधुबनी जागि गेल









