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प्रवीण नारायण चौधरी

केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा कक्षा 6ठा सँ 3 भाषा पढ़ेबाक निर्देशनः मैथिली सेहो पढ़ायल जायत

केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा कक्षा 6ठा सँ 3 भाषा पढ़ेबाक सर्कुलर जारी (3 भाषा मे सँ 2 भाषा भारतक मूलभाषा होयब आवश्यक) 9 अप्रैल 2026 केँ जारी कयल गेल सर्कुलर द्वारा केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, नई दिल्ली सब CBSE सँ जुड़ल स्कूल केर हेड लोकनि लेल 7 दिनक भीतर कक्षा 6ठा सँ कुल केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा कक्षा 6ठा सँ 3 भाषा पढ़ेबाक निर्देशनः मैथिली सेहो पढ़ायल जायत

विद्यापति गीत (नखशिख) – सजनी, अपरुब पेखल रामा

विद्यापति गीत (नखशिख) सजनी, अपरुब पेखल रामा ॥१॥ कनकलता अबलम्बन ऊअल हरिन – हीन हिमधामा ॥२॥ सजनी…. नयन-नलिनि दओ अंजन रंजइ भौंह बिभंग – बिलासा ॥३॥ चकित चकोर-जोर बिधि बाँधल केवल काजर पासा ॥४॥ सजनी….. गिरिबर-गरुअ पयोधर-परसित गिम गज – मोतिक हारा ॥५॥ काम कम्बु भरि कनक-सम्भु परि ढारत सुरसरि-धारा ॥६॥ सजनी…. पएसि पयाग जाग विद्यापति गीत (नखशिख) – सजनी, अपरुब पेखल रामा

राजनीति रहय मुदा एहि सँ कलादृष्टि नहि प्रभावित हुअयः डा. प्रकाश झा, निर्देशक, मैलोरंग

साक्षात्कारः मैलोरंग नई दिल्लीक निर्देशक प्रकाश झा संग मैथिली जिन्दाबाद सम्पादक प्रवीण नारायण चौधरीक बातचीत (डा. प्रकाश झा, मैलोरंग (नई दिल्ली) केर निर्देशक तथा दिल्ली मे होमय जा रहल आयोजना “मलंगिया महोत्सव २०२६” केँ अपार सफलता दिएबाक लेल अहर्निश खटनिहार व्यक्तित्व – मैथिलीक प्रसिद्ध नाटककार महेन्द्र मलंगिया जीक समर्पित शिष्य संगहि मैथिली रंगकर्म केँ भारत राजनीति रहय मुदा एहि सँ कलादृष्टि नहि प्रभावित हुअयः डा. प्रकाश झा, निर्देशक, मैलोरंग

मलंगिया महोत्सव २०२६ केर तैयारी जोर पर – कि गिनीज बुक अफ वर्ल्ड रेकर्ड मे दर्ज होयत ई आयोजन?

नई दिल्ली, १९ अप्रैल २०२६ । मैथिली जिन्दाबाद!! मलंगिया महोत्सव २०२६ – गिनीज बुक अफ वर्ल्ड रिकार्ड मे दर्ज करेबाक अद्भुत प्रयास काल्हि १८ अप्रैल २०२६ शनि दिन भारतक राजधानी दिल्ली मे ‘मलंगिया महोत्सव-२०२६’ केर तैयारीक समीक्षा संग प्रस्तुतिक प्रारूप पर मलंगिया फाउन्डेशन सहित अन्यान्य मैथिलीभाषी संस्था व महत्वपूर्ण व्यक्तित्व लोकनिक बैसार आयोजित छल । मलंगिया महोत्सव २०२६ केर तैयारी जोर पर – कि गिनीज बुक अफ वर्ल्ड रेकर्ड मे दर्ज होयत ई आयोजन?

नव वर्षक नवका पतरा (मिथिला पंचांग) लेल पंडित सभा सम्पन्नः शुभ मुहूर्तक तिथिक घोषणा

फोटो आ समाचार साभार – डा संजीत कुमार झा ‘सरस’ मिथिलाक अपन पांडित्य परम्पराक इतिहास रहल अछि । हरेक वर्ष मिथिला पद्धति अनुरूपक पतरा ‘मिथिला पंचांग’ रूप मे जारी कयल जाइछ । एहि वास्ते पंडित सभा दरभंगा स्थित कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालयक अगुवाई मे कयल जाइछ । सावन मास सँ आरम्भ होयवला पतरा केर विभिन्न नव वर्षक नवका पतरा (मिथिला पंचांग) लेल पंडित सभा सम्पन्नः शुभ मुहूर्तक तिथिक घोषणा

विद्यापति गीतः जाइत देखलि पथ नागरि सजनि गे

विद्यापति गीत (नखशिख) जाइत देखलि पथ नागरि सजनि गे आगरि सुबुधि सेयानि ॥१॥ कनक-लता सनि सुन्दरि सजनि गे बिहि, निरमाओल आनि ॥२॥ हस्ति-गमन जकाँ चलइत सजनि गे देखइत राज-कुमारि ॥३॥ जिनकर एहनि सोहागिनि सजनि गे पाओल पदारथ चारि ॥४॥ नील बसन तन घेरल सजनि गे सिर लेल चिकुर सँभारि ॥५॥ तापर भमरा पिबए रस सजनि विद्यापति गीतः जाइत देखलि पथ नागरि सजनि गे

कोशलीपट्टी सुपौल के महेश्वर बाबू नहि रहलाह

समाचार साभार: राम बहादुर रेणू केर फेसबुक पोस्ट कोशी इलाकाक विद्वान गणित शिक्षक, श्री कृष्ण नाट्य कला परिषद्, कोशलीपट्टी (जिला सुपौल, बिहार) केर मजगुत स्तंभ कोशलीपट्टी निवासी हमर सभक महेश्वरी भाइजीक १७ अप्रैल २०२६ भोरे अवसान (देहांत) भ गेलनि । महेश्वरी प्रसाद यादव विद्या विहार स्कूल, गम्हरिया ( मधेपुरा जिला) केर स्थापना कय सैकड़ों गरीब कोशलीपट्टी सुपौल के महेश्वर बाबू नहि रहलाह

सुधामुखि के बिहि निरमिल बाला – विद्यापति गीत भावार्थ सहित

विद्यापति गीत (नखशिख) सुधामुखि के बिहि निरमिल बाला ॥१॥ अपरुब रूप मनोभवमंगल त्रिभुवन विजयी माला ॥२॥ सुधामुखि….. सुन्दर बदन चारु अरु लोचन काजर-रंजित भेला ॥३॥ कनक-कमल माझ काल-भुजंगिनि स्त्रीयुत खंजन खेला ॥४॥ सुधामुखि…. नाभि-बिवर सयं लोम-लतावलि भुजगि निसास-पियासा ॥५॥ नासा खगपति-चंचु भरम-मय कुच-गिरि-संधि निवासा ॥६॥ सुधामुखि…. तिन बान मदन तेजल तिन भुवने अबधि रहल दओ सुधामुखि के बिहि निरमिल बाला – विद्यापति गीत भावार्थ सहित

मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल एक क्रान्तिकारी डेगः प्रत्यक्ष प्रमाण मुम्बइ साहित्यिक बैसार

प्रत्यक्षं किं प्रमाणम् – एमएलएफ सँ मुम्बइ-मैथिल-क्रान्ति प्रत्यक्षहि जँ आँखिक सोझें मे सत्य देखब त प्रमाणक कोनो आवश्यकता नहि रहत । कतेक लोक भगवानक माया देखि पबैत छथि, कतेक लोक अबूझ रहि भगवान हेबाक नहि हेबाक भ्रम मे रहैत छथि । मिथिला मे बहुते एहेन मीमांसक सब भेलाह जे अप्रत्यक्ष भगवान् केँ प्रत्यक्ष विश्वास करबाक मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल एक क्रान्तिकारी डेगः प्रत्यक्ष प्रमाण मुम्बइ साहित्यिक बैसार

मैथिलीभाषी मे मातृभाषा प्रति अनुराग मे कमी या शासकीय पद्धति आ उपेक्षाक शिकार मैथिली ?

मैथिल मे मातृभाषा प्रति अनुराग मे कमी डा. देवशंकर नवीन केर एक महत्वपूर्ण उक्ति पर ध्यान दीः मैथिलों में मातृभाषा के प्रति अनुराग में कमी । ये कमी किस कारण है – इसका पहला कारण है कि मैथिली रोजगार और बाजार की भाषा अभी तक नहीं बन पाई है । एक प्रोफेसरी की नौकरी मिलती मैथिलीभाषी मे मातृभाषा प्रति अनुराग मे कमी या शासकीय पद्धति आ उपेक्षाक शिकार मैथिली ?