नई दिल्ली, १९ अप्रैल २०२६ । मैथिली जिन्दाबाद!!
मलंगिया महोत्सव २०२६ – गिनीज बुक अफ वर्ल्ड रिकार्ड मे दर्ज करेबाक अद्भुत प्रयास
काल्हि १८ अप्रैल २०२६ शनि दिन भारतक राजधानी दिल्ली मे ‘मलंगिया महोत्सव-२०२६’ केर तैयारीक समीक्षा संग प्रस्तुतिक प्रारूप पर मलंगिया फाउन्डेशन सहित अन्यान्य मैथिलीभाषी संस्था व महत्वपूर्ण व्यक्तित्व लोकनिक बैसार आयोजित छल । ऋषि मलंगियाक संयोजन मे होमय जा रहल ई महोत्सव मैथिली नाटककार महेन्द्र मलंगियाक ५० वर्षक सक्रियता केँ रेखांकित करैत बहुत रास सार्थक आ महात्वाकांक्षी लक्ष्य संग तैयारी मे जुटल देखाइछ ।
महोत्सव लेल जारी कयल गेल पोस्टर व विज्ञापन सँ स्पष्ट अछि जे महेन्द्र मलंगियाक लिखल ३५ गोट नाटकक मंचन हेतु भारत व नेपाल सँ रंगकर्मी समूह केर सहभागिता होयत । संगहि ५००० साहित्यकार व रंगकर्मी कलाकार आदिक प्रत्यक्ष सहभागिता मे ई आयोजन २४ अप्रैल सँ २८ अप्रैल धरि गांधी स्मृति दर्शन, राजघाट, दिल्ली मे आयोजित कयल जायत । एहि मे नाटक प्रदर्शनक संग-संग कुल ३० गोट विषय-सन्दर्भ पर विमर्शक सत्र सेहो रहत । गांधी स्मृति आ दर्शन समिति एवं मलंगिया फाउन्डेशन केर संयुक्त तत्त्वावधान मे आयोजित एहि महा-आयोजन सँ मैथिली भाषा-साहित्य केँ वैश्विक स्तर पर स्थापित करबाक लक्ष्य सँ गिनिज बुक अफ वर्ल्ड रिकार्ड मे पर्यन्त एकरा दर्ज करेबाक लक्ष्य लेल गेल अछि ।
काल्हिक बैसार सँ एहि आयोजन केँ भव्य सँ भव्यतम् बनेबाक संकल्प लैत विभिन्न मैथिलीसेवी संघ-संस्था द्वारा अपील सँ सामाजिक संजाल नहायल अछि । मैथिलीभाषीक ई एकजुटता सच मे प्रभावित करयवला अछि । सामान्यतया विभिन्न गूट मे फूट मात्र देखबयवला प्रवृत्ति सँ लहूलुहान भेल मैथिली भाषा-साहित्य, रंगकर्म, कलाकर्म आ फिल्म संग संचारकर्म मे महेन्द्र मलंगिया जेहेन महान् शिल्पकार प्रति सभक समान समर्पणक शानदार उदाहरण बनत से तय अछि । एहि मे लगभग सब गूटक लोक दिल्लीक दिलवाली भूमि पर सक्रिया देखायब अपना आप मे एकटा अलग उत्कृष्टताक परिचायक बुझाइछ ।
