गीताः नियत कर्म करू! मिथ्याचार-ढोंग सँ बचू!!
गीताक तेसर बेरुक स्वाध्याय (निरंतरता मे…. भगवान् कृष्ण द्वारा सांख्ययोग सँ आत्मरूपी जीवक यथार्थ पहिचान करब, फेर कर्मयोग मे समत्व भाव आनि बंधनमुक्त होयब, स्वधर्म लेल अर्जुनरूपी क्षत्रिय केँ युद्ध करबाक निर्णय सुनायब, पुनः अर्जुनक एकटा गंभीर प्रश्न जे आखिर ओहेन लोक जेकरा समभाव प्राप्त भऽ जाएछ, ओ स्थितप्रज्ञक लक्षण कि, ताहि पर भगवान् स्थितप्रज्ञ … गीताः नियत कर्म करू! मिथ्याचार-ढोंग सँ बचू!!








