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प्रवीण नारायण चौधरी

रामचरितमानस मोतीः हनुमान्‌जीक सीताजी केँ कुशल सुनेनाय, सीताजीक आगमन आर अग्नि परीक्षा

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती हनुमान्‌जीक सीताजी केँ कुशल सुनेनाय, सीताजीक आगमन आर अग्नि परीक्षा विभीषणक राज्याभिषेक उपरान्त…. १. प्रभु हनुमान्‌जी केँ बजौलनि। भगवान्‌ कहलखिन – अहाँ लंका जाउ। जानकी केँ सब समाचार सुनाउ आर हुनकर कुशल समाचार लय कय अहाँ चलि आउ। हनुमान्‌जी नगर मे गेलाह। ई सुनि राक्षस-राक्षसी हुनकर सत्कार वास्ते रामचरितमानस मोतीः हनुमान्‌जीक सीताजी केँ कुशल सुनेनाय, सीताजीक आगमन आर अग्नि परीक्षा

कुर्सों मे होयत रुद्र चण्डी महायज्ञ

रुद्र चण्डी महायज्ञ – कुर्सों (मार्च २०२४, बड़की पोखरि पुबरिया महार, कुर्सों) हमर आदरणीय ग्रामीण लोकनि निर्णय कयलनि अछि जे अपन गाम मे ‘रुद्र चण्डी महायज्ञ’ केर आयोजन कय हमरा लोकनि अपन जीवनकाल मे एकटा इतिहास बनाबी। एखन धरि एकहु बेर एहि स्तर के यज्ञ नहि कयल जा सकल अछि, जखन कि आसपासक गाम यथा कुर्सों मे होयत रुद्र चण्डी महायज्ञ

रामचरितमानस मोतीः विभीषणक राज्याभिषेक

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती विभीषणक राज्याभिषेक रावणक अन्त्येष्टि सम्पन्न कयलाक बाद…. १. सब क्रिया-कर्म कयलाक बाद विभीषण श्री रामजी लग आबि हुनका प्रणाम कयलनि। कृपाक समुद्र श्री रामजी छोट भाइ लक्ष्मणजी केँ बजौलनि। श्री रघुनाथजी कहलखिन – अहाँ, बानरराज सुग्रीव, अंगद, नल, नील आ जाम्बवान् संग मारुति सब नीतिनिपुण लोक मिलिकय विभीषण रामचरितमानस मोतीः विभीषणक राज्याभिषेक

रामचरितमानस मोतीः मन्दोदरी-विलाप, रावणक अन्त्येष्टि क्रिया

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती मन्दोदरी-विलाप, रावणक अन्त्येष्टि क्रिया राम-रावण युद्ध आ रावणक मृत्युक पश्चात् – १. पतिक काटल मुन्ड देखिते मंदोदरी व्याकुल आर मूर्च्छित भ’ कय धरती पर खसि पड़लीह। स्त्रीगण सब कनिते दौड़लीह आ मंदोदरी केँ उठाकय रावण लग लय गेलीह। पतिक दशा देखि ओ आरो नाम लय-लयकय भोकासी पाड़िकय कानय रामचरितमानस मोतीः मन्दोदरी-विलाप, रावणक अन्त्येष्टि क्रिया

रामचरितमानस मोतीः रावणक मूर्च्छा टूटब, राम-रावण युद्ध, रावण वध, सर्वत्र जयध्वनि

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती रावणक मूर्च्छा टूटब, राम-रावण युद्ध, रावण वध, सर्वत्र जयध्वनि प्रसंग राम-रावण युद्ध मे सीता लग त्रिजटा द्वारा युद्ध वर्णन तथा सीता केँ शुभ शकुन बाम अंग फरकय लागब – प्रसंग निरन्तरता मे…. १. एम्हर आधा राति रावण मूर्च्छा सँ जागल आर अपन सारथी पर रुष्ट होइत बाजय लागल रामचरितमानस मोतीः रावणक मूर्च्छा टूटब, राम-रावण युद्ध, रावण वध, सर्वत्र जयध्वनि

रामचरितमानस मोतीः त्रिजटा-सीता संवाद

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती त्रिजटा-सीता संवाद राम-रावण युद्ध निरन्तरता मे, रावणक मूर्च्छा आ तेकर बाद…. १. ओहि राति त्रिजटा सीताजी लग जा कय हुनका सब कथा कहि सुनेलक। शत्रुक माथ आ हाथ बढ़ैत रहबाक बात सुनि सीताजी केँ बहुत भय भेलन्हि। हुनकर मुँह उदास भ’ गेलनि। मोन मे चिन्ता उत्पन्न भ’ गेलनि। रामचरितमानस मोतीः त्रिजटा-सीता संवाद

रामचरितमानस मोतीः घोर युद्ध आ रावणक मुर्च्छा

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती घोरयुद्ध आ रावणक मूर्च्छा प्रसंग रावणक माया सँ प्रकट अनेकों रावण केँ देखि देवता सभक डरेनाय आ श्री राम द्वारा एक्कहि बाण सँ ओहि माया केँ खंडित कयनाय, ताहि समय देवता सब श्री रामजीक स्तुति कय रहल छलथि – ताहि पर ओ एक्के गोट रावण देवता लेल बड रामचरितमानस मोतीः घोर युद्ध आ रावणक मुर्च्छा

रामचरितमानस मोतीः रावण-हनुमान्‌ युद्ध, रावण केर माया रचब, रामजी द्वारा माया नाश

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती रावण-हनुमान्‌ युद्ध, रावण केर माया रचब, रामजी द्वारा माया नाश रावण-विभीषण युद्ध केर प्रसंग निरन्तरता मे…. १. विभीषण रावण सँ लड़ैत रहलाह। हुनका बहुते थाकल देखि हनुमान्‌जी पर्वत धारण कय रावण पर टूटि पड़लाह। ओहि पर्वत सँ रावणक रथ, घोड़ा आर सारथीक संहार कय देलनि। रावणक सीना पर रामचरितमानस मोतीः रावण-हनुमान्‌ युद्ध, रावण केर माया रचब, रामजी द्वारा माया नाश

उद्देश्य सर्वकल्याण आ व्यवहार मे अहंताक प्रदर्शन – पूजापाठ व शक्ति आराधना मे आबि रहल विकृति

पूजापाठ मे हकार के महत्व पूजा-अर्चना करनिहार समूचा गाम केँ हकार देल करैत अछि। “आइ सत्यनारायण भगवानक पूजा अछि, स्त्रीगणे-पुरखे हकार अछि” – यैह वाक्य बच्चा सँ सुनैत आयल छी। आर बेसी पूजापाठ केर आयोजन कम्मे देखलियैक, लेकिन सत्यनारायण भगवानक पूजा नियमित रूप सँ हरेक पूर्णिमा, संक्राति व कतहु-कतहु विशेष अवसर यथा घरबास, मुड़न, उपनयन, उद्देश्य सर्वकल्याण आ व्यवहार मे अहंताक प्रदर्शन – पूजापाठ व शक्ति आराधना मे आबि रहल विकृति

रामचरितमानस मोतीः रावण द्वारा विभीषण पर शक्ति छोड़ब, रामजी द्वारा ताहि शक्ति केँ अपना उपर लेब, विभीषण-रावण युद्ध

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती रावण द्वारा विभीषण पर शक्ति छोड़ब, रामजी द्वारा ताहि शक्ति केँ अपना उपर लेब, विभीषण-रावण युद्ध श्री राम-रावण युद्ध निरन्तरता मे – १. रावण क्रोधित भ’ कय प्रचण्ड शक्ति छोड़ल। ओ विभीषणक सामने एना चलल जेना काल (यमराज) केर दण्ड हो। अत्यन्त भयानक शक्ति केँ अबैत देखि आर रामचरितमानस मोतीः रावण द्वारा विभीषण पर शक्ति छोड़ब, रामजी द्वारा ताहि शक्ति केँ अपना उपर लेब, विभीषण-रावण युद्ध