मैथिली कथाः बाबूजी
मैथिली कथाः बाबूजी – सुजीत कुमार झा, जनकपुरधाम जखन रिक्सा बाहर आबि कऽ रुकल तऽ भोर भेलाक बादो एखनो दूरसँ अन्हारे लगैत छल । ओ अपन घरक गेटक आगाँ रिक्सा रुकबौलन्हि आ सामान उतारि कऽ ओकरा पैसा दऽ बिदा कएलन्हि । रिक्सा गेलाक किछुदेर बादधरि ओ अपन सामान लऽ ओतहि ठाढ़ रहलाह । हुनकर घरबला पंक्तिमे … मैथिली कथाः बाबूजी









