रवीन्द्र भारती, खजौली, मधुबनी। जनवरी ३१, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!!
मिथिलावासी कतहु रहता त अपन गूढ संस्कृति आर भगवत्समर्पण बनौने रहता – बिल्कुल एहि नीति अनुरूप बैंगलोर में मिथिलावासी द्वारा हर बेर जेकाँ अहु वर्ष ‘काली दुर्गे राधे श्याम गौरी शंकर सीता राम’ नाम कीर्तन काल्हि ३० जनवरी सँ प्रारम्भ भेल अछि ।
अपन मिथिला सँ रोजी-रोटी लेल गाम छोड़ि जे सब गेल छैथ वैह लोक सब अपन मूल संस्कार केँ याद करैत सामूहिक नाम-कीर्तन, भजन आदिक आयोजन कएलनि अछि । बैंगलोर में सबगोटे मिलिकय एक समूह स्थापित कएने छथि । अष्टयाम कीर्तन यानि बिना कोनो रुकावट लगातार २४ घंटा धरि भगवानक नाम भजनरूप मे गान कएल जायत ताहि में विभिन्न स्थान सँ पहुँचल लोक सब लेल सायं तथा दिन, दुनू समयक उत्तम भोजनक व्यवस्था और ठहरबाक व्यवस्था सेहो कएल गेल अछि । एहि कार्यक्रम केर समापन भेलापर सामूहिक भंडाराक अलग इन्तजाम सेहो कएल गेल अछि ।
मिथिला सांस्कृतिक समिति बैंगलोर केर तत्त्वावधान मे उपरोक्त संकीर्तन समारोह आइ निरंतर २५ वर्ष सँ आयोजित कएल जा रहल अछि, आर एहि मे जतेक मैथिल परिवार सब ज्ञातरूप मे एतय रहनिहार छथि तिनका सभक सहभागिता सेहो होएत अछि । आयोजनकर्ता समूहक सक्रिय सदस्य नबोद राय ई जनतब देलैन । राय कहलैन जे मात्र एहि दुइ दिनक आयोजन मे मैथिल समाजक एकजुटता, सहभागिता आ समर्पण सँ बहुत किछु सीखय लेल सेहो भेटैत अछि । एहि दुइ दिनक आयोजन सँ सालो भैर लेल नव उर्जाक संचरण होएत अछि । एहि आयोजनक अगुआ मे राम सिंह, संजय राय, मनोज राय, अनिल राय, शंभु राय, जे मधुबनीवासी छथि ओ सब मैथिली जिन्दाबाद प्रतिनिधि सँ बात करैत आयोजनक विभिन्न पक्षक खूब सराहना कएलनि । हुनका लोकनिक भावना मे मूल डीह मिथिलाक असह्य याद झलैक रहल छल । ओ कहलैन जे एहि दुइ दिनक महाभोज में केओ भोजन कय सकैत अछि ।आयोजन समिति भोजन दान केँ बहुत पैघ मानैत अछि ।
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jagah ke naam diyo, ham bangalore me hi rahe chhi