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प्रवीण नारायण चौधरी

नेपाल-भारत सीमा-आरपार सिम्पोजियम विराटनगर सँ आइ शुरू भेल

अभी-अभी: विराटनगर में सीमा आरपार के सम्बन्धों पर सिम्पोजियम नेपाल भारत क्रास बोर्डर सिम्पोजियम – चुनौती एवं अवसर (संगोष्ठी कार्यक्रम) विराटनगर में नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ के प्रदेश १ एवं भारतीय राजदूतावास के संयुक्त आयोजन में ‘नेपाल-भारत सीमा-आरपार गोष्ठी – चुनौतियाँ एवं अवसर’ विषय पर संगोष्ठी सम्पन्न हुआ । इस कार्यक्रम में नेपाल के प्रदेश नेपाल-भारत सीमा-आरपार सिम्पोजियम विराटनगर सँ आइ शुरू भेल

नव पीढीक समस्या: सन्दर्भ मैथिली-मिथिला सँ पहिचानक विशिष्टता

नव पीढीक समस्या: सन्दर्भ मैथिली-मिथिला सँ पहिचानक विशिष्टता – प्रवीण नारायण चौधरी   जेकर राज्य छैक ओकरे पहिचान छैक, मिथिला राज्य आइ भूगोल मे नामित नहि, ताहि सँ पहिचान सेहो नामित नहि भेटब मैथिलीभाषी जनमानस केँ अपन मौलिक पहचान ‘मैथिल’ सँ दूर कय देने अछि। ताहि पर सँ राजनीतिक आवोहवा, गलत व्याख्या बेसी प्रचलित तथा नव पीढीक समस्या: सन्दर्भ मैथिली-मिथिला सँ पहिचानक विशिष्टता

अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन जनकपुर – प्रवीण केर कार्यपत्र

प्रदेश १ मे मैथिलीक गतिविधि अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन जनकपुर मे प्रस्तुत कार्यपत्र  – प्रवीण नारायण चौधरी, भाषा-संस्कृति अभियन्ता एवं संपादक, मैथिली जिन्दाबाद आनलाइन न्युज पोर्टल, विराटनगर, नेपाल।   विराटनगर, दुहबी, ईटहरी, इनरुवा, हरिनगरा, रंगेली – यैह किछु स्थान पर यदा-कदा मैथिली भाषा मे अधिकतर सांस्कृतिक कार्यक्रम सार्वजनिक रूप सँ आयोजन कयल जेबाक समाचार भेटैत अछि। विराटनगर अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन जनकपुर – प्रवीण केर कार्यपत्र

हार्दिक श्रद्धाञ्जलि सुमन अर्पित दानशील वैज्ञानिक पुरुषोत्तम झा केँ

ओह, ई बहुत दुखद समाचार भेटल एखन! 🙁 एक दानशील आ अमेरिका सँ पर्यन्त अपन गाम ‘मिथिला’ लेल सदिखन चिन्तन कयनिहार वैज्ञानिक पुरुषोत्तम झा नहि रहलाह! 🙁 एखनहि Satee Raman Jha सर द्वारा देल गेल स्टेटस अपडेट्स मे ई पढलहुँ जे हुनकहि ग्रामीण, भातीज, बहुत रास प्रतिभा केर स्वामी, एक व्यक्ति मे अनेकों व्यक्ति ‘पुरुषोत्तम झा’ आब एहि संसार हार्दिक श्रद्धाञ्जलि सुमन अर्पित दानशील वैज्ञानिक पुरुषोत्तम झा केँ

अन्तर्राष्ट्रीय विद्यापति महोत्सवक आयोजन नेपाल-भारत सीमा ‘जोगबनी’ मे २९ दिसम्बर केँ

विराटनगर, १८ दिसम्बर २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!! पूर्व वर्षक भाँति एहि वर्ष सेहो नेपाल-भारत सीमाक्षेत्र विराटनगर केर पड़ोसी भारतीय नगर मे २९ दिसम्बर शनि दिन केँ अन्तर्राष्ट्रीय विद्यापति महोत्सव २०१८ आयोजित कयल जायत। एहि आयोजनक प्रमुख अतिथि बिहार सरकारक पीएचईडी मंत्री विनोद नारायण झा रहता। हुनका संगहि नेपालक पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं वर्तमान सांसद शिव कुमार अन्तर्राष्ट्रीय विद्यापति महोत्सवक आयोजन नेपाल-भारत सीमा ‘जोगबनी’ मे २९ दिसम्बर केँ

कि सब होयत, के सब औता – अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन जनकपुरधाम – २२-२३ दिसम्बर केँ

१६म अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन – जनकपुरधाम   यैह २२ आ २३ दिसम्बर तदनुसार शनि आ रवि दिन नेपालक प्रदेश २ केर राजधानी जनकपुरधाम मे १६म अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन केर आयोजन कयल जेबाक जनतब संयोजक राम भरोस कापड़ि ‘भ्रमर’ द्वारा देल गेल अछि। नेपाल आ भारत दुनू ठामक मैथिली भाषा-साहित्यक विद्वान् संग मैथिली-मिथिलाक अनन्य सेवक – कि सब होयत, के सब औता – अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन जनकपुरधाम – २२-२३ दिसम्बर केँ

बासोपट्टी मधुबनीक विद्यापति स्मृति समारोह सँ राज्यक सोझाँ ५-सूत्री मांग-पत्र प्रस्तुत

विद्यापति सिर्फ कवि नहि राज्य संचालनक एक महानायक सेहो छलाह: बासोपट्टी मे दुइ दिवसीय स्मृतिगान बासोपट्टी, मधुबनी। १७ दिसम्बर २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!! महाकवि विद्यापति मात्र मैथिली भाषा केँ जन-जन लेल सहज मानैत जनभाषा मे रचनाशीलताक उदाहरणे टा नहि रखलनि बल्कि मिथिलाक प्रजा केर हित लेल बौद्धिक कार्यक संग कठिन परिस्थिति मे रानी लखिमा केर रक्षा बासोपट्टी मधुबनीक विद्यापति स्मृति समारोह सँ राज्यक सोझाँ ५-सूत्री मांग-पत्र प्रस्तुत

दिल्ली मे यज्ञपुरूष भोला झा एवं नोएडा मे महाकवि विद्यापति केर स्मृति पर नीरज पाठकजीक संस्मरण

दिल्ली मे भोला झा स्मृति कार्यक्रम आ नोएडाक विद्यापति स्मृति पर्वक आयोजन सँ चमत्कृत छी – नीरज पाठक मनुख अपन काज सँ, कृति सँ, जनसेवाक संकल्प सँ, धार्मिक प्रवृत्ति सँ, सदाचार सँ अमरत्त्वक वरदान पबैत अछि। कबीर कहैत छथि आ उचिते कहैत छथि: “कबिरा जब हम पैदा लिए जग हंसें हम रोये। कबिरा ऐसा कर दिल्ली मे यज्ञपुरूष भोला झा एवं नोएडा मे महाकवि विद्यापति केर स्मृति पर नीरज पाठकजीक संस्मरण

मैथिली गीत-संगीत-मनोरंजन केर दुनिया मे कथित सम्भ्रान्त समाजक सेंशरशीप सिर्फ एक मिथ्याचार

किछु अहिना-ओहिना: मैथिलीक मंच आ अश्लीलताक परिभाषा तकैत प्रवीण   आजुक युग मे ढोलक-झालि-मृदंग आदि पुरना जमानावला बाजा सब बड कम चलैत अछि। रसनचौकी सँ अंग्रेजी बाजा मिथिला समाज मे सेहो बड़ा सख सँ लोक बजबय लागल। आर जेना-जेना जेबी मे माल बढल गेल, साउन्ड सिस्टम आ बाजा सिस्टम सब सेहो चेन्ज होइत गेल अछि। मैथिली गीत-संगीत-मनोरंजन केर दुनिया मे कथित सम्भ्रान्त समाजक सेंशरशीप सिर्फ एक मिथ्याचार

नेपालक युगपरिवर्तनकारी नेताक नाम थिक कामरेड प्रचन्ड

युग-परिवर्तनकारी नेताक नाम थिक – कामरेड प्रचन्ड ओना त जनयुद्ध आ माओवादी क्रान्तिक सूत्रधार – लेकिन राष्ट्रक समृद्धि लेल अपन अनेकों सिद्धान्त आ कट्टरता सँ सीधा समझौता करैत राष्ट्रहित केर चिन्तक होयबाक अकाट्य उदाहरण बनेनाय हिनक व्यक्तित्वक अनुकरणीय विशेषता थिक। हमरा याद अबैत अछि, माओवादी संग शान्ति समझौता उपरान्त जखन पहिल बेर विराटनगर मे एकटा नेपालक युगपरिवर्तनकारी नेताक नाम थिक कामरेड प्रचन्ड